युवाओं की शक्ति: भारत की अंतरिक्ष प्रगति में केरल के राज्यपाल का संदेश
सारांश
Key Takeaways
- युवाओं की शक्ति भारत की अंतरिक्ष प्रगति में महत्वपूर्ण है।
- राज्यपाल का संदेश: कड़ी मेहनत से ही देश को बेहतर बनाया जा सकता है।
- अंतरिक्ष से भारत का अवलोकन भावुक क्षण है।
- स्थानीय ज्ञान वैश्विक विज्ञान में योगदान दे सकता है।
- भारत की प्रगति नवाचार पर निर्भर करेगी।
तिरुवनंतपुरम, 28 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। केरल के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने शनिवार को युवाओं को विकसित भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि देश की अंतरिक्ष आधारित प्रगति में युवा शक्ति सबसे बड़ी ताकत है।
वे लोक भवन में आयोजित एक संवादात्मक सत्र को संबोधित कर रहे थे। इस कार्यक्रम में भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के वैज्ञानिक शुभांशु शुक्ला ने "अंतरिक्ष में भारत, ताकत में भारत: विकसित भारत के लिए युवा रोडमैप" पर व्याख्यान दिया।
राज्यपाल ने कहा कि “सारे जहां से अच्छा हिंदोस्तां हमारा” केवल एक नारा नहीं होना चाहिए, बल्कि इसे कार्य और प्रगति में भी दर्शाना चाहिए। उन्होंने हर भारतीय से देश को बेहतर बनाने के लिए कड़ी मेहनत करने का अनुरोध किया।
शुभांशु शुक्ला ने छात्रों और युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि देश की असली ताकत युवा हैं। उन्होंने युवाओं से आत्मविश्वास, साहस और मेहनत के साथ आगे बढ़ने का संदेश दिया और असफलता से न डरने तथा बड़े लक्ष्य तय करने की प्रेरणा दी।
अपने अंतरिक्ष अनुभव साझा करते हुए शुक्ला ने एक्सियोम-4 मिशन के तहत अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन की यात्रा का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि अंतरिक्ष से भारत का अवलोकन एक भावुक क्षण था, जहां देश विशाल, एकजुट और संभावनाओं से भरा दिखाई देता है।
उन्होंने मिशन के दौरान किए गए वैज्ञानिक प्रयोगों का भी उल्लेख किया, जिसमें केरल के धान (चावल) के बीजों पर अध्ययन शामिल था। उन्होंने कहा कि इस तरह के प्रयास दिखाते हैं कि स्थानीय ज्ञान भी वैश्विक विज्ञान में योगदान दे सकता है।
राज्यपाल ने कहा कि भारत की प्रगति नवाचार और नए विचारों पर निर्भर करेगी। उन्होंने देश की अंतरिक्ष यात्रा का उदाहरण देते हुए कहा कि कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं है और युवाओं को अपनी प्रतिभा और कल्पनाशक्ति का उपयोग राष्ट्र निर्माण में करना चाहिए।
कार्यक्रम के अंत में छात्रों के साथ संवाद सत्र भी आयोजित किया गया, जिसमें उन्होंने सवाल पूछे और अपने विचार साझा किए। इस दौरान यह संदेश स्पष्ट रूप से उभरा कि भारत का भविष्य युवाओं के हाथों में है.