भारत-तंजानिया विदेश कार्यालय परामर्श: दार एस सलाम में व्यापार, रक्षा और डिजिटल सहयोग पर बनी सहमति
सारांश
मुख्य बातें
भारत और तंजानिया ने 22 जुलाई 2026 को दार एस सलाम में आयोजित विदेश कार्यालय परामर्श (एफओसी) के दौरान अपने द्विपक्षीय संबंधों को नई गति देने पर व्यापक सहमति जताई। व्यापार, रक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, डिजिटल सार्वजनिक ढाँचा और विकास सहयोग जैसे अहम क्षेत्रों में सहयोग को और गहरा करने के लिए दोनों पक्षों ने ठोस कदमों पर चर्चा की। भारतीय विदेश मंत्रालय ने 25 जुलाई 2026 को यह जानकारी साझा की।
बैठक का नेतृत्व और प्रतिनिधित्व
इस एफओसी की सह-अध्यक्षता भारत के विदेश मंत्रालय में संयुक्त सचिव (पूर्व एवं दक्षिण अफ्रीका) जनेश काइन और तंजानिया के विदेश मामलों एवं पूर्वी अफ्रीकी सहयोग मंत्रालय के एशिया और ऑस्ट्रेलिया विभाग की निदेशक फेलिस्टर रुगाम्बवा ने संयुक्त रूप से की। बैठक के दौरान जनेश काइन ने तंजानिया के विदेश मामलों एवं पूर्वी अफ्रीकी सहयोग मंत्रालय के स्थायी सचिव राजदूत डॉ. सैमवेल विलियम शेलुकिंडो से भी अलग से मुलाकात की।
मुख्य एजेंडा और चर्चा के बिंदु
दोनों देशों ने आपसी संबंधों की व्यापक समीक्षा की और कई रणनीतिक क्षेत्रों में सहयोग के रास्ते तलाशे। इनमें व्यापार व निवेश, विकास सहयोग, रक्षा और सुरक्षा, डिजिटल सार्वजनिक ढाँचा, कृषि, स्वास्थ्य, संस्कृति तथा जन-से-जन संबंध प्रमुख रहे। यह ऐसे समय में आया है जब भारत अफ्रीकी देशों के साथ अपनी कूटनीतिक और आर्थिक भागीदारी को व्यवस्थित रूप से विस्तार दे रहा है।
गौरतलब है कि भारत-अफ्रीका संबंध पिछले कुछ वर्षों में 2023 के भारत-अफ्रीका फोरम शिखर सम्मेलन की प्रतिबद्धताओं के अनुरूप नई ऊँचाइयों पर पहुँचे हैं, और तंजानिया उस साझेदारी का एक महत्त्वपूर्ण स्तंभ है।
आगामी संयुक्त बैठकों पर सहमति
दोनों पक्षों ने आपसी सहमति से जल्द ही संयुक्त आयोग बैठक (जेसीएम) और संयुक्त रक्षा सहयोग समिति की बैठक आयोजित करने पर सहमति जताई। ये बैठकें दोनों देशों के बीच संस्थागत संवाद को और नियमित बनाने की दिशा में अहम कदम मानी जा रही हैं।
अंतरराष्ट्रीय मंचों पर तालमेल
दोनों देशों ने संयुक्त राष्ट्र (यूएन) और अन्य बहुपक्षीय मंचों पर परस्पर सहयोग और बेहतर समन्वय की सराहना की। साथ ही क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर साझा रुचि के विषयों पर विचारों का आदान-प्रदान किया गया।
अगला दौर भारत में
दोनों पक्षों ने सहमति जताई कि विदेश कार्यालय परामर्श का अगला दौर भारत में आपसी सुविधा के अनुसार किसी तय तारीख पर आयोजित किया जाएगा। यह निर्णय दोनों देशों के बीच नियमित कूटनीतिक संवाद की परंपरा को और मज़बूत करता है।