तमिलनाडु: सीबीआई ने रिश्वतखोरी के आरोप में जीएसटी अधिकारियों को किया गिरफ्तार
सारांश
Key Takeaways
- रिश्वतखोरी के मामले में सीबीआई की कार्रवाई
- जीएसटी विभाग के दो अधिकारियों की गिरफ्तारी
- रिश्वत की रकम 15,000 रुपये
- सीबीआई का भ्रष्टाचार के खिलाफ कदम
- नागरिकों से शिकायत करने की अपील
चेन्नई, ८ अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने तमिलनाडु के रानीपेट में जीएसटी विभाग के दो अधिकारियों को रिश्वतखोरी के आरोप में गिरफ्तार किया है।
गिरफ्तार किए गए अधिकारियों की पहचान येल्लामिली रिंकेश (सुपरिंटेंडेंट) और रामकेश मीणा (इंस्पेक्टर) के रूप में हुई है। दोनों को चेन्नई स्थित सीबीआई की एंटी-करप्शन शाखा ने ट्रैप ऑपरेशन के दौरान पकड़ा।
सीबीआई के अनुसार, ७ अप्रैल को दर्ज शिकायत में कहा गया था कि सुपरिंटेंडेंट ने एक करदाता से जीएसटी रजिस्ट्रेशन को मंजूरी देने के लिए ३०,००० रुपये की रिश्वत मांगी थी। बाद में, सौदेबाजी के बाद यह रकम १५,००० रुपये में तय हुई।
शिकायत के आधार पर सीबीआई ने उसी दिन जाल बिछाया और सुपरिंटेंडेंट को १५,००० रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया।
जांच के दौरान इंस्पेक्टर की संलिप्तता भी सामने आई। अधिकारियों के अनुसार, ट्रैप टीम की उपस्थिति का आभास होते ही इंस्पेक्टर ने सबूत नष्ट करने की कोशिश की और रिश्वत की रकम को टॉयलेट में फ्लश कर दिया। हालांकि, सीबीआई टीम ने उस रकम को बरामद कर लिया।
रिश्वत की रकम बरामद होने और प्रारंभिक पूछताछ के बाद दोनों आरोपियों को हिरासत में ले लिया गया है। एजेंसी ने कहा कि मामले की आगे की जांच जारी है और यह जानने की कोशिश की जा रही है कि क्या इसमें अन्य अधिकारी भी शामिल हैं।
सीबीआई ने यह सुनिश्चित करने के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है कि सरकारी कार्यालयों में भ्रष्टाचार पर रोक लगाई जाए और नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की रिश्वतखोरी की शिकायत एंटी-करप्शन ब्रांच या निर्धारित हेल्पलाइन के माध्यम से करें।
यह कार्रवाई सरकारी विभागों, विशेष रूप से कर प्रशासन में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में उठाया गया एक महत्वपूर्ण कदम है।