11 अगस्त 2026
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दिल्ली पुलिस का 'थाना दिवस-जन सुनवाई' कार्यक्रम: 29 थानों में नागरिकों की शिकायतें सुनी गईं

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दिल्ली पुलिस का 'थाना दिवस-जन सुनवाई' कार्यक्रम: 29 थानों में नागरिकों की शिकायतें सुनी गईं

सारांश

दिल्ली पुलिस ने 'थाना दिवस-जन सुनवाई' के ज़रिए नागरिकों और वरिष्ठ अधिकारियों के बीच सीधा संवाद स्थापित करने की कोशिश की है। सेंट्रल रेंज के 29 थानों में पहले ही दिन बड़ी संख्या में लोगों ने अपनी शिकायतें रखीं — यह पहल पुलिस जवाबदेही की दिशा में एक ठोस कदम मानी जा रही है।

मुख्य बातें

दिल्ली पुलिस ने 20 जून 2026 को 'थाना दिवस-जन सुनवाई' पहल की शुरुआत की।
सेंट्रल रेंज के कुल 29 पुलिस स्टेशनों में पहला चरण आयोजित हुआ — सेंट्रल जिले के 15 और नॉर्थ जिले के 14 थाने शामिल।
संयुक्त पुलिस आयुक्त मधुर वर्मा ने सिविल लाइंस और दरियागंज थाना में स्वयं जन सुनवाई में भाग लिया।
पहल उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू के विजन और पुलिस आयुक्त सतीश गोलछा के नेतृत्व में शुरू की गई।
तत्काल कार्रवाई योग्य मामलों का मौके पर निस्तारण; जटिल मामले आगे की जाँच के लिए अग्रेषित।

दिल्ली पुलिस ने 20 जून 2026 को 'थाना दिवस-जन सुनवाई' नामक एक नई नागरिक-केंद्रित पहल का शुभारंभ किया, जिसके तहत सेंट्रल रेंज के सभी 29 पुलिस स्टेशनों में आम नागरिकों को वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के समक्ष सीधे अपनी शिकायतें, सुझाव और सुरक्षा संबंधी मुद्दे रखने का अवसर दिया गया। इस पहल का उद्देश्य पुलिस तंत्र में पारदर्शिता लाना और शिकायतों का त्वरित निस्तारण सुनिश्चित करना है।

पहल की पृष्ठभूमि और उद्देश्य

यह कार्यक्रम दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू के विजन और पुलिस आयुक्त सतीश गोलछा के नेतृत्व में आरंभ किया गया है। दिल्ली पुलिस का मानना है कि जनता और वरिष्ठ अधिकारियों के बीच सीधा संवाद स्थापित होने से न केवल शिकायतों का अधिक प्रभावी समाधान होगा, बल्कि पुलिस के प्रति आम नागरिकों का भरोसा भी मजबूत होगा। यह ऐसे समय में आया है जब शहरी पुलिस व्यवस्था में जवाबदेही और सुलभता को लेकर देशभर में बहस जारी है।

मुख्य घटनाक्रम

इस पहले चरण में सेंट्रल जिले के 15 और नॉर्थ जिले के 14 पुलिस स्टेशन शामिल रहे। डीसीपी, अतिरिक्त डीसीपी और एसीपी स्तर के अधिकारियों ने विभिन्न थानों का दौरा कर नागरिकों से सीधी बातचीत की। जिन मामलों में तत्काल कार्रवाई आवश्यक थी, उन्हें मौके पर ही संबंधित अधिकारियों को सौंपा गया, जबकि जटिल मामलों को आगे की जाँच के लिए अग्रेषित किया गया।

वरिष्ठ अधिकारियों की भागीदारी

संयुक्त पुलिस आयुक्त (सेंट्रल रेंज), आईपीएस अधिकारी मधुर वर्मा ने स्वयं नॉर्थ जिले के सिविल लाइंस थाना और सेंट्रल जिले के दरियागंज थाना में आयोजित जन सुनवाई में भाग लिया। उन्होंने नागरिकों से सीधी बातचीत करते हुए शिकायतों के निस्तारण की स्थिति की समीक्षा की और निष्पक्ष, त्वरित एवं नागरिक-अनुकूल पुलिसिंग की आवश्यकता पर बल दिया।

आम जनता पर असर

दिल्ली पुलिस के अनुसार, इस कार्यक्रम को जनता की ओर से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली और बड़ी संख्या में नागरिकों ने अपनी समस्याएं एवं सुझाव अधिकारियों के समक्ष रखे। नागरिकों को पुलिस कार्यप्रणाली, सार्वजनिक सुरक्षा, कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक विषयों से जुड़े मुद्दे उठाने का सीधा मंच मिला — जो पहले केवल औपचारिक शिकायत प्रक्रियाओं तक सीमित था।

क्या होगा आगे

गौरतलब है कि यह पहल अभी केवल सेंट्रल रेंज में आरंभ हुई है। दिल्ली पुलिस के अनुसार, पहले चरण की सफलता के आधार पर इसे दिल्ली की अन्य रेंजों तक विस्तारित किए जाने की संभावना है। यदि यह मॉडल प्रभावी साबित होता है, तो यह नागरिक-पुलिस संवाद के लिए एक स्थायी संस्थागत ढाँचे की नींव बन सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिनकी सफलता मिली-जुली रही है। असली परीक्षा यह है कि क्या यह पहल नियमित और संस्थागत रूप लेती है, या केवल एक बार की प्रचार-कवायद बनकर रह जाती है। दिल्ली जैसे महानगर में, जहाँ थानों पर कार्यभार अत्यधिक है, बिना अतिरिक्त संसाधन और जवाबदेही तंत्र के, ऐसी पहलें प्रभावी होने की बजाय कागज़ी साबित हो सकती हैं। जनता का भरोसा तभी बनेगा जब शिकायतों के निस्तारण के आँकड़े सार्वजनिक किए जाएँ और अनुवर्ती कार्रवाई सुनिश्चित हो।
RashtraPress
11 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

'थाना दिवस-जन सुनवाई' पहल क्या है?
यह दिल्ली पुलिस की एक नई नागरिक-केंद्रित पहल है जिसके तहत आम नागरिकों को वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के समक्ष सीधे अपनी शिकायतें, सुझाव और सुरक्षा संबंधी मुद्दे रखने का मंच दिया जाता है। इसका पहला चरण 20 जून 2026 को सेंट्रल रेंज के 29 थानों में आयोजित हुआ।
इस कार्यक्रम में कौन-से पुलिस स्टेशन शामिल थे?
पहले चरण में सेंट्रल रेंज के अंतर्गत सेंट्रल जिले के 15 और नॉर्थ जिले के 14 — कुल 29 पुलिस स्टेशन शामिल थे। डीसीपी, अतिरिक्त डीसीपी और एसीपी स्तर के अधिकारियों ने इन थानों का दौरा किया।
इस पहल की शुरुआत किसके नेतृत्व में हुई?
यह पहल दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू के विजन और पुलिस आयुक्त सतीश गोलछा के नेतृत्व में शुरू की गई है। संयुक्त पुलिस आयुक्त (सेंट्रल रेंज) मधुर वर्मा ने स्वयं सिविल लाइंस और दरियागंज थाना में जन सुनवाई में भाग लिया।
नागरिकों की शिकायतों का निस्तारण कैसे होगा?
जिन मामलों में तत्काल कार्रवाई या मौके पर सत्यापन आवश्यक था, उन्हें संबंधित अधिकारियों को तुरंत सौंपा गया। जटिल मामलों को आगे की जाँच और आवश्यक कार्रवाई के लिए अग्रेषित किया गया।
क्या यह पहल दिल्ली के अन्य क्षेत्रों में भी लागू होगी?
दिल्ली पुलिस के अनुसार, फिलहाल यह पहल सेंट्रल रेंज में आरंभ हुई है। पहले चरण की सफलता के आधार पर इसे दिल्ली की अन्य रेंजों तक विस्तारित किए जाने की संभावना है, हालाँकि इस बारे में कोई आधिकारिक तिथि अभी घोषित नहीं की गई है।
राष्ट्र प्रेस
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