दिल्ली में 'थाना दिवस-जन सुनवाई': 20 जून से हर शनिवार सुबह 10 बजे खुलेगा शिकायत मंच
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली के उपराज्यपाल टीएस संधू ने राजधानी के सभी पुलिस स्टेशनों को निर्देश दिया है कि 20 जून 2026 से प्रत्येक शनिवार को 'थाना दिवस-जन सुनवाई' आयोजित की जाए। इस पहल का उद्देश्य आम नागरिकों की शिकायतों का त्वरित समाधान करना, पुलिस और जनता के बीच संवाद को मज़बूत करना और स्थानीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता के आधार पर सुलझाना है। लोक निवास की ओर से जारी आधिकारिक बयान में यह जानकारी दी गई।
कार्यक्रम की रूपरेखा
आधिकारिक बयान के अनुसार, यह जन सुनवाई हर शनिवार सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक आयोजित होगी। यह एक खुला मंच होगा जहाँ कोई भी नागरिक अपनी शिकायत, सुझाव, मदद की गुहार या पुलिस के कामकाज से जुड़े मामले सीधे रख सकेगा। दिल्ली पुलिस कमिश्नर सतीश गोलचा द्वारा जारी सर्कुलर में इस साप्ताहिक कार्यक्रम के विस्तृत दिशानिर्देश दिए गए हैं।
वरिष्ठ अधिकारियों की अनिवार्य उपस्थिति
कमिश्नर गोलचा के दिशानिर्देशों में स्पष्ट किया गया है कि प्रभावी निगरानी और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए स्पेशल कमिश्नर से लेकर असिस्टेंट कमिश्नर स्तर तक के सभी पर्यवेक्षी अधिकारियों को बारी-बारी से जन सुनवाई में अनिवार्य रूप से शामिल होना होगा। प्रत्येक जिला इसके लिए एक रोटेशन शेड्यूल तैयार करेगा। गौरतलब है कि वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी की यह शर्त शिकायत निवारण प्रणाली में जनता का भरोसा बढ़ाने के लिहाज़ से एक अहम कदम है।
शिकायत दर्ज करने की प्रक्रिया
सर्कुलर में स्पष्ट किया गया है कि जन सुनवाई में आने वाले किसी भी शिकायतकर्ता की बात सुनी जाएगी — चाहे उनकी शिकायत इंटीग्रेटेड कंप्लेंट मैनेजमेंट सिस्टम (ICMS) पर पहले से दर्ज हो या न हो। प्रत्येक पुलिस स्टेशन तय फॉर्मेट में एक अलग सूचना शीट बनाएगा और बाद में शिकायतें ICMS पर अपलोड की जाएंगी। जिन मामलों में जाँच या जमीनी कार्रवाई की आवश्यकता हो, उन्हें तुरंत संबंधित अधिकारियों को सौंपकर निर्धारित समय-सीमा में निपटाने के निर्देश दिए गए हैं।
नागरिक-अनुकूल माहौल पर ज़ोर
कमिश्नर गोलचा ने सभी स्टेशन हाउस ऑफिसर (SHO) को निर्देश दिया है कि जन सुनवाई के दौरान बैठने की उचित व्यवस्था, सहायता डेस्क और नागरिकों के अनुकूल माहौल सुनिश्चित किया जाए। लंबित शिकायतों की समीक्षा संबंधित ACP और DCP समय-समय पर करेंगे। यह ऐसे समय में आया है जब दिल्ली में पुलिस-जनता संबंधों को लेकर सुधार की माँग लंबे समय से उठती रही है।
आगे की राह
उपराज्यपाल संधू जनता-केंद्रित, सुलभ और संवाद-आधारित पुलिसिंग को कानून-व्यवस्था सुधार का सबसे प्रभावी तरीका मानते हैं — ऐसा लोक निवास के बयान में कहा गया है। यह पहल दिल्ली पुलिस की जवाबदेही और पारदर्शिता को नए आयाम देने की कोशिश है; इसकी सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि साप्ताहिक सुनवाइयों में उठाई गई शिकायतों का वास्तविक धरातल पर कितनी तेज़ी से समाधान होता है।