31 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

दिल्ली में 'थाना दिवस-जन सुनवाई': 20 जून से हर शनिवार सुबह 10 बजे खुलेगा शिकायत मंच

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
दिल्ली में 'थाना दिवस-जन सुनवाई': 20 जून से हर शनिवार सुबह 10 बजे खुलेगा शिकायत मंच

सारांश

दिल्ली के उपराज्यपाल टीएस संधू का यह कदम महज़ एक प्रशासनिक आदेश नहीं — यह पुलिस-जनता खाई को पाटने की कोशिश है। 20 जून से हर शनिवार थानों में खुला मंच, वरिष्ठ अधिकारियों की अनिवार्य उपस्थिति और ICMS से जुड़ी शिकायत प्रणाली — यह दिल्ली पुलिस की जवाबदेही को नई परीक्षा में डालती है।

मुख्य बातें

उपराज्यपाल टीएस संधू के निर्देश पर 20 जून 2026 से दिल्ली के सभी पुलिस स्टेशनों में हर शनिवार 'थाना दिवस-जन सुनवाई' शुरू होगी।
सुनवाई का समय सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक; कोई भी नागरिक शिकायत, सुझाव या मदद की गुहार रख सकेगा।
स्पेशल कमिश्नर से असिस्टेंट कमिश्नर स्तर तक के वरिष्ठ अधिकारी बारी-बारी से सुनवाई में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहेंगे।
शिकायतें ICMS पर दर्ज हों या नहीं — दोनों स्थितियों में सुनवाई होगी और बाद में सिस्टम पर अपलोड की जाएंगी।
पुलिस कमिश्नर सतीश गोलचा के सर्कुलर में बैठने की व्यवस्था, सहायता डेस्क और नागरिक-अनुकूल माहौल सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

दिल्ली के उपराज्यपाल टीएस संधू ने राजधानी के सभी पुलिस स्टेशनों को निर्देश दिया है कि 20 जून 2026 से प्रत्येक शनिवार को 'थाना दिवस-जन सुनवाई' आयोजित की जाए। इस पहल का उद्देश्य आम नागरिकों की शिकायतों का त्वरित समाधान करना, पुलिस और जनता के बीच संवाद को मज़बूत करना और स्थानीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता के आधार पर सुलझाना है। लोक निवास की ओर से जारी आधिकारिक बयान में यह जानकारी दी गई।

कार्यक्रम की रूपरेखा

आधिकारिक बयान के अनुसार, यह जन सुनवाई हर शनिवार सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक आयोजित होगी। यह एक खुला मंच होगा जहाँ कोई भी नागरिक अपनी शिकायत, सुझाव, मदद की गुहार या पुलिस के कामकाज से जुड़े मामले सीधे रख सकेगा। दिल्ली पुलिस कमिश्नर सतीश गोलचा द्वारा जारी सर्कुलर में इस साप्ताहिक कार्यक्रम के विस्तृत दिशानिर्देश दिए गए हैं।

वरिष्ठ अधिकारियों की अनिवार्य उपस्थिति

कमिश्नर गोलचा के दिशानिर्देशों में स्पष्ट किया गया है कि प्रभावी निगरानी और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए स्पेशल कमिश्नर से लेकर असिस्टेंट कमिश्नर स्तर तक के सभी पर्यवेक्षी अधिकारियों को बारी-बारी से जन सुनवाई में अनिवार्य रूप से शामिल होना होगा। प्रत्येक जिला इसके लिए एक रोटेशन शेड्यूल तैयार करेगा। गौरतलब है कि वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी की यह शर्त शिकायत निवारण प्रणाली में जनता का भरोसा बढ़ाने के लिहाज़ से एक अहम कदम है।

शिकायत दर्ज करने की प्रक्रिया

सर्कुलर में स्पष्ट किया गया है कि जन सुनवाई में आने वाले किसी भी शिकायतकर्ता की बात सुनी जाएगी — चाहे उनकी शिकायत इंटीग्रेटेड कंप्लेंट मैनेजमेंट सिस्टम (ICMS) पर पहले से दर्ज हो या न हो। प्रत्येक पुलिस स्टेशन तय फॉर्मेट में एक अलग सूचना शीट बनाएगा और बाद में शिकायतें ICMS पर अपलोड की जाएंगी। जिन मामलों में जाँच या जमीनी कार्रवाई की आवश्यकता हो, उन्हें तुरंत संबंधित अधिकारियों को सौंपकर निर्धारित समय-सीमा में निपटाने के निर्देश दिए गए हैं।

नागरिक-अनुकूल माहौल पर ज़ोर

कमिश्नर गोलचा ने सभी स्टेशन हाउस ऑफिसर (SHO) को निर्देश दिया है कि जन सुनवाई के दौरान बैठने की उचित व्यवस्था, सहायता डेस्क और नागरिकों के अनुकूल माहौल सुनिश्चित किया जाए। लंबित शिकायतों की समीक्षा संबंधित ACP और DCP समय-समय पर करेंगे। यह ऐसे समय में आया है जब दिल्ली में पुलिस-जनता संबंधों को लेकर सुधार की माँग लंबे समय से उठती रही है।

आगे की राह

उपराज्यपाल संधू जनता-केंद्रित, सुलभ और संवाद-आधारित पुलिसिंग को कानून-व्यवस्था सुधार का सबसे प्रभावी तरीका मानते हैं — ऐसा लोक निवास के बयान में कहा गया है। यह पहल दिल्ली पुलिस की जवाबदेही और पारदर्शिता को नए आयाम देने की कोशिश है; इसकी सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि साप्ताहिक सुनवाइयों में उठाई गई शिकायतों का वास्तविक धरातल पर कितनी तेज़ी से समाधान होता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिनके नतीजे मिले-जुले रहे हैं। असली कसौटी यह है कि क्या यह साप्ताहिक मंच महज़ एक औपचारिकता बनकर रह जाएगा या शिकायतों का वास्तविक और समयबद्ध निपटारा सुनिश्चित करेगा। वरिष्ठ अधिकारियों की अनिवार्य उपस्थिति और ICMS से जुड़ाव सकारात्मक संकेत हैं, लेकिन बिना स्वतंत्र निगरानी और सार्वजनिक रिपोर्टिंग के, यह पहल जवाबदेही से ज़्यादा दिखावे का जोखिम उठाती है।
RashtraPress
31 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

'थाना दिवस-जन सुनवाई' क्या है और यह कब शुरू होगी?
यह दिल्ली के सभी पुलिस स्टेशनों में हर शनिवार आयोजित होने वाला खुला शिकायत मंच है, जो 20 जून 2026 से शुरू होगा। सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक कोई भी नागरिक अपनी शिकायत, सुझाव या मदद की गुहार सीधे पुलिस अधिकारियों के सामने रख सकेगा।
जन सुनवाई का आदेश किसने दिया और इसका उद्देश्य क्या है?
दिल्ली के उपराज्यपाल टीएस संधू ने यह निर्देश दिया है। इसका उद्देश्य पुलिस की जनता तक पहुँच बढ़ाना, शिकायत निवारण को व्यवस्थित करना और कानून-व्यवस्था एजेंसियों में समुदाय का भरोसा मज़बूत करना है।
क्या ICMS पर दर्ज न हुई शिकायतें भी सुनवाई में स्वीकार होंगी?
हाँ, पुलिस कमिश्नर सतीश गोलचा के सर्कुलर के अनुसार जन सुनवाई में आने वाले किसी भी शिकायतकर्ता की बात सुनी जाएगी, चाहे उनकी शिकायत ICMS पर पहले से दर्ज हो या नहीं। सुनवाई के बाद शिकायतें ICMS पर अपलोड की जाएंगी।
जन सुनवाई में कौन-से अधिकारी मौजूद रहेंगे?
स्पेशल कमिश्नर से लेकर असिस्टेंट कमिश्नर स्तर तक के सभी पर्यवेक्षी अधिकारियों को बारी-बारी से जन सुनवाई में अनिवार्य रूप से शामिल होना होगा। प्रत्येक जिला इसके लिए एक रोटेशन शेड्यूल तैयार करेगा।
शिकायतों का निपटारा कैसे और कब तक होगा?
जिन शिकायतों में जाँच या जमीनी कार्रवाई की ज़रूरत होगी, उन्हें तुरंत संबंधित अधिकारियों को सौंपा जाएगा और निर्धारित समय-सीमा में निपटाया जाएगा। लंबित मामलों की समीक्षा संबंधित ACP और DCP समय-समय पर करेंगे।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 सप्ताह पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 1 महीना पहले
  6. 2 महीने पहले
  7. 3 महीने पहले
  8. 3 महीने पहले