दिल्ली का पहला ऑल-वुमन पुलिस थाना सब्जी मंडी में शुरू, एलजी टीएस संधू ने किया उद्घाटन
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली के उपराज्यपाल टीएस संधू ने 20 जून 2025 को उत्तर जिले के सब्जी मंडी क्षेत्र में राजधानी के पहले पूर्णतः महिला कर्मियों द्वारा संचालित समर्पित महिला पुलिस थाने का उद्घाटन किया। यह थाना महिलाओं को घरेलू हिंसा, यौन उत्पीड़न और स्टॉकिंग जैसी शिकायतें बिना किसी संकोच के दर्ज कराने का सुरक्षित मंच देगा। इसे महिला-अनुकूल पुलिसिंग की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है।
थाने की विशेषताएँ और कार्यक्षेत्र
यह नया थाना पूरी तरह महिला पुलिसकर्मियों द्वारा संचालित होगा — अधिकारी से लेकर कांस्टेबल तक। थाने में महिलाओं के विरुद्ध अपराधों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा, जिनमें घरेलू हिंसा, यौन उत्पीड़न और पीछा करने (स्टॉकिंग) के मामले प्रमुख हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि महिला पीड़ितों के लिए सम-लिंगी परिवेश में शिकायत दर्ज कराना मनोवैज्ञानिक रूप से अधिक सहज होता है, जिससे अंडर-रिपोर्टिंग की समस्या कम हो सकती है।
एलजी का संबोधन और एक्स पर संदेश
उद्घाटन समारोह में उपराज्यपाल टीएस संधू ने कहा, 'प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इस सोच से प्रेरित होकर कि नारी शक्ति राष्ट्र निर्माण की आधारशिला है, यह महत्वपूर्ण संस्थान महिलाओं को शिकायत दर्ज कराने, न्याय पाने और बिना किसी डर के सहायता प्राप्त करने के लिए सहयोगी और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराएगा।' उन्होंने एक्स पर अपने संदेश में यह भी जोड़ा कि 'हम सभी मिलकर एक सुरक्षित, समावेशी और सशक्त समाज के निर्माण के लिए लगातार काम करते रहेंगे।' संधू ने यह भी रेखांकित किया कि सुरक्षित और सशक्त महिला ही प्रगतिशील समाज की नींव होती है।
पिंक बूथ और 'सशक्ति' अभियान की समीक्षा
उद्घाटन के बाद उपराज्यपाल ने दिल्ली पुलिस की महिला सुरक्षा से जुड़ी प्रमुख पहलों की समीक्षा की, जिनमें पिंक बूथ और 'सशक्ति' अभियान शामिल हैं। उन्होंने पुलिस विभाग को राजधानी में ऐसे और महिला थाने स्थापित करने के निर्देश दिए, ताकि महिला-अनुकूल पुलिसिंग और त्वरित कानून-व्यवस्था की नई मिसाल कायम हो सके। गौरतलब है कि दिल्ली में महिलाओं के विरुद्ध अपराधों की दर राष्ट्रीय औसत से अधिक रही है, जो इस पहल की प्रासंगिकता को और बढ़ाती है।
एआई और सुशासन पर राष्ट्रीय संगोष्ठी
इसी दिन उपराज्यपाल संधू ने डॉ. अंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर में 'अच्छे शासन के लिए एआई' विषय पर आयोजित राष्ट्रीय संगोष्ठी में मुख्य वक्तव्य भी दिया। उन्होंने एक्स पर लिखा कि 'कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) शासन व्यवस्था को केवल प्लेटफॉर्म आधारित प्रणाली से आगे बढ़ाकर बुद्धिमत्ता आधारित प्रणाली में बदलने के अभूतपूर्व अवसर प्रदान करती है।' उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि इन प्रणालियों को भारत की भाषाई, सांस्कृतिक और सामाजिक-आर्थिक विविधता को प्रतिबिंबित करना होगा। संधू ने यह भी कहा कि स्वदेशी एआई क्षमताओं का निर्माण — जो पारदर्शिता, डेटा गोपनीयता और जनविश्वास पर आधारित हो — राष्ट्रीय प्राथमिकता बनी हुई है।
आगे की राह
इस थाने की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि महिला पीड़ितों तक इसकी पहुँच कितनी प्रभावी होती है और शिकायतों के निपटारे की दर कितनी रहती है। यदि यह मॉडल कारगर साबित होता है, तो दिल्ली पुलिस के निर्देशानुसार अन्य जिलों में भी ऐसे थाने स्थापित किए जाएँगे, जो राष्ट्रीय स्तर पर एक नई मिसाल बन सकते हैं।