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10% से अधिक वृद्धि दर संभव: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का तकनीक और नवाचार पर बड़ा बयान

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10% से अधिक वृद्धि दर संभव: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का तकनीक और नवाचार पर बड़ा बयान

सारांश

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का चेन्नई में बड़ा दावा — तकनीक और नवाचार को अपनाने पर भारत 10% से अधिक की वृद्धि दर छू सकता है। UPI अब 11 देशों में, 2018 से भुगतान केंद्र 260 गुना बढ़े। विकसित भारत 2047 का रास्ता AI, स्टार्टअप और डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर से होकर गुज़रता है।

मुख्य बातें

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 26 सितंबर 2026 को चेन्नई में कहा कि तकनीक अपनाने से भारत 10% से अधिक की वृद्धि दर हासिल कर सकता है।
2047 तक 'विकसित भारत' का लक्ष्य — इसके लिए सरकार, उद्योग, शिक्षा और समाज सभी की सामूहिक भागीदारी जरूरी।
UPI अब 11 देशों में संचालित, जिनमें फ्रांस, सिंगापुर, UAE, ग्रीस और मॉरीशस शामिल हैं।
2018 से यूपीआई-आधारित भुगतान केंद्रों की संख्या 260 गुना बढ़ी।
दुनिया के हर दो रियल-टाइम डिजिटल भुगतान में से एक भारत में होता है।
कृषि में ड्रोन, जियोस्पेशियल उपकरण और POS मशीनें किसानों की उत्पादकता और उर्वरक उपयोग को वैज्ञानिक बना रहे हैं।

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 26 सितंबर 2026 को चेन्नई में स्पष्ट किया कि यदि भारत विभिन्न क्षेत्रों में तकनीक और नवाचार को व्यापक रूप से अपनाए, तो देश 10 प्रतिशत से अधिक की आर्थिक वृद्धि दर हासिल कर सकता है और 2047 तक 'विकसित भारत' बनने का लक्ष्य पूरी तरह संभव है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस लक्ष्य के लिए सरकार, उद्योग, शैक्षणिक संस्थानों और समाज — सभी हितधारकों की सामूहिक भागीदारी अनिवार्य होगी।

कार्यक्रम और संदर्भ

आईआईटी मद्रास एलुमनाई एसोसिएशन द्वारा आयोजित एक फायरसाइड चैट में वित्त मंत्री ने कहा कि भारत के सामने अपार अवसर हैं, लेकिन इन्हें वास्तविकता में बदलने के लिए सकारात्मक सोच और मिलकर काम करने की भावना जरूरी है। उन्होंने यह भी कहा कि देश में कुछ ऐसे लोग भी हैं जो भारत की विफलता में संतोष खोजते हैं — इस मानसिकता को बदलना 'विकसित भारत' की यात्रा का अनिवार्य हिस्सा है।

कृषि में तकनीक का बदलाव

निर्मला सीतारमण ने भारत के स्टार्टअप इकोसिस्टम की सराहना करते हुए कहा कि तकनीकी हस्तक्षेपों ने कृषि सहित अनेक क्षेत्रों को नया रूप दिया है। उन्होंने बताया कि तकनीक ने किसानों को बाज़ारों से बेहतर तरीके से जोड़ने, उत्पादकता बढ़ाने और कृषि सूचनाओं तक सरल पहुँच बनाने में अहम भूमिका निभाई है।

वित्त मंत्री ने कृषि क्षेत्र में ड्रोन और एरियल जियोस्पेशियल उपकरणों के बढ़ते उपयोग का विशेष उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इन तकनीकों से भूमि की सटीक मैपिंग और संसाधनों के बेहतर प्रबंधन में किसानों को नई क्षमता मिली है, जिससे कृषि गतिविधियाँ अधिक वैज्ञानिक और दक्ष बन रही हैं। इसके अलावा, उर्वरक वितरण में प्वाइंट-ऑफ-सेल (POS) मशीनों के उपयोग का उदाहरण देते हुए उन्होंने बताया कि परीक्षण परियोजनाओं में यह प्रणाली किसान, भूमि और फसल की जानकारी दर्ज करती है और मिट्टी, सिंचाई तथा फसल की स्थिति के आधार पर उर्वरक की उचित मात्रा सुझाती है।

यूपीआई: भारत की वैश्विक डिजिटल पहचान

कार्यक्रम के दौरान वित्त मंत्री ने 'कैशलेस नेशन: हाउ यूपीआई चेंज्ड एव्रीथिंग' नामक पुस्तक का विमोचन किया, जिसे डॉ. संतनु पॉल और बी. संबामूर्ति ने लिखा है। यह पुस्तक भारत की डिजिटल भुगतान क्रांति और यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) की अवधारणा से लेकर उसके तेज विस्तार की कहानी को सामने रखती है।

सीतारमण ने बताया कि यूपीआई अब 11 देशों में संचालित हो रहा है, जिनमें फ्रांस, सिंगापुर, संयुक्त अरब अमीरात, ग्रीस और मॉरीशस शामिल हैं। उन्होंने रेखांकित किया कि 2018 के बाद से यूपीआई-आधारित भुगतान केंद्रों की संख्या लगभग 260 गुना बढ़ी है, जिससे डिजिटल भुगतान देश के दूरदराज क्षेत्रों तक पहुँचा है। यह आँकड़ा भारत की डिजिटल समावेश की दिशा में हुई असाधारण प्रगति को रेखांकित करता है।

वित्त मंत्री ने यह भी कहा कि दुनिया में होने वाले हर दो रियल-टाइम डिजिटल भुगतान में से एक भुगतान भारत में होता है — जो भारत की तकनीकी क्षमता और नवाचार की वैश्विक स्वीकार्यता का प्रमाण है।

विकसित भारत 2047: आगे की राह

वित्त मंत्री का मानना है कि स्टार्टअप नवाचार, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), डिजिटल भुगतान, आधुनिक कृषि तकनीक और उभरती प्रौद्योगिकियों का व्यापक उपयोग ही भारत को उच्च विकास दर की ओर ले जा सकता है। यह ऐसे समय में आया है जब भारत पहले से ही प्रमुख वैश्विक अर्थव्यवस्थाओं में सबसे तेज़ वृद्धि दर्ज कर रहा है, और 10%+ की दर इस गति को एक नई ऊँचाई पर ले जाने का संकेत देती है। गौरतलब है कि 'विकसित भारत 2047' का लक्ष्य स्वतंत्रता की शताब्दी के अवसर पर एक विकसित राष्ट्र बनने की सरकारी परिकल्पना है, और तकनीक इसका केंद्रीय स्तंभ बनती जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसे ज़मीनी परीक्षा से गुज़रना होगा — भारत की GDP वृद्धि पिछले कई वर्षों में 6-8% के दायरे में रही है, और 10% का आँकड़ा संरचनात्मक सुधारों के बिना महज़ आकांक्षा बनकर रह सकता है। UPI की सफलता निर्विवाद है, पर सवाल यह है कि क्या कृषि, विनिर्माण और रोज़गार जैसे व्यापक क्षेत्रों में तकनीक उतनी ही गहराई से उतरेगी। 'विकसित भारत 2047' का नारा तब सार्थक होगा जब नीति, क्रियान्वयन और जवाबदेही — तीनों एक साथ चलें; केवल डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर की चमक से नहीं।
RashtraPress
26 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 10% से अधिक वृद्धि दर के बारे में क्या कहा?
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 26 सितंबर 2026 को चेन्नई में कहा कि यदि भारत विभिन्न क्षेत्रों में तकनीक और नवाचार को व्यापक रूप से अपनाए, तो देश 10 प्रतिशत से अधिक की आर्थिक वृद्धि दर हासिल कर सकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इसके लिए सरकार, उद्योग, शैक्षणिक संस्थानों और समाज — सभी को मिलकर काम करना होगा।
विकसित भारत 2047 का लक्ष्य क्या है?
'विकसित भारत 2047' भारत सरकार की वह परिकल्पना है जिसमें स्वतंत्रता की शताब्दी — यानी 2047 — तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने का संकल्प है। वित्त मंत्री के अनुसार, तकनीक-आधारित विकास मॉडल इस लक्ष्य को हासिल करने की मुख्य कुंजी है।
UPI अभी कितने देशों में काम कर रहा है?
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बताया कि भारत का UPI अब 11 देशों में संचालित हो रहा है, जिनमें फ्रांस, सिंगापुर, संयुक्त अरब अमीरात, ग्रीस और मॉरीशस शामिल हैं। 2018 के बाद से यूपीआई-आधारित भुगतान केंद्रों की संख्या लगभग 260 गुना बढ़ चुकी है।
कृषि में तकनीक के उपयोग पर वित्त मंत्री ने क्या कहा?
सीतारमण ने बताया कि ड्रोन और एरियल जियोस्पेशियल उपकरणों से भूमि की सटीक मैपिंग और संसाधन प्रबंधन में किसानों को नई क्षमता मिली है। इसके अलावा, उर्वरक वितरण में POS मशीनें किसान, भूमि और फसल की जानकारी के आधार पर उचित उर्वरक मात्रा सुझाती हैं, जिससे कृषि अधिक वैज्ञानिक और दक्ष बन रही है।
चेन्नई में किस पुस्तक का विमोचन हुआ और यह किसने लिखी?
वित्त मंत्री ने आईआईटी मद्रास एलुमनाई एसोसिएशन के कार्यक्रम में 'कैशलेस नेशन: हाउ यूपीआई चेंज्ड एव्रीथिंग' नामक पुस्तक का विमोचन किया। यह पुस्तक डॉ. संतनु पॉल और बी. संबामूर्ति द्वारा लिखी गई है और भारत की डिजिटल भुगतान क्रांति तथा UPI के विस्तार की कहानी प्रस्तुत करती है।
राष्ट्र प्रेस
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