जापोरिज्जिया में रूसी हमले: 2 की मौत, 14 घायल; जेलेंस्की ने ट्रंप से 'लिंडसे ग्राहम कानून' लागू करने की माँग की
सारांश
मुख्य बातें
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने बताया कि शुक्रवार रात रूस ने एक बार फिर कीव, जापोरिज्जिया, ओडेसा, सुमी और खार्किव क्षेत्रों में रिहायशी इमारतों को निशाना बनाया। इन हमलों में जापोरिज्जिया में 2 लोगों की मौत हुई और 14 अन्य घायल हुए। जेलेंस्की ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से 'लिंडसे ओ. ग्राहम कानून' को तत्काल लागू करने की अपील की है।
हमलों का विवरण और तबाही
जेलेंस्की ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर हमले की तस्वीरें साझा करते हुए लिखा, 'शुक्रवार रात रूस के हमलों में 14 लोग घायल हुए। कीव, जापोरिज्जिया, ओडेसा, सुमी और खार्किव क्षेत्रों में रिहायशी इमारतों पर कई हमले हुए। दुख की बात है कि जापोरिज्जिया में दो लोगों की मौत हो गई। उनके परिवारों और करीबियों के प्रति मेरी संवेदनाएं हैं।'
इन हमलों में आम नागरिकों से जुड़ा बुनियादी ढाँचा भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुआ। इनमें कीव में एक किंडरगार्टन, कीव क्षेत्र में एक स्कूल, खार्किव में एक विश्वविद्यालय और पोल्टावा, मायकोलाइव तथा विनित्सिया क्षेत्रों में ऊर्जा से जुड़े ठिकाने शामिल हैं।
जेलेंस्की की ट्रंप से अपील
यूक्रेनी राष्ट्रपति ने जोर देते हुए कहा, 'यह जरूरी है कि हमारे सहयोगी यह न भूलें कि रूस हर दिन तनाव बढ़ा रहा है। अगर रूस ने अपने हमलों को और ज्यादा बेरहम बनाने का रास्ता चुना है, तो दुनिया को भी और कड़े कदम उठाने होंगे।'
जेलेंस्की ने स्पष्ट रूप से कहा, 'हम राष्ट्रपति ट्रंप से अपील करते हैं कि रूस और उसके युद्ध के लिए आर्थिक मदद देने वाले सभी लोगों के खिलाफ 'लिंडसे ओ. ग्राहम कानून' को लागू करें।' यह कानून रूस को वित्तीय सहायता देने वालों पर कड़े प्रतिबंध लगाने से संबंधित है।
यूरोप और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से आग्रह
जेलेंस्की ने यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन से भी अपील की कि यूरोप की ओर से और अधिक पाबंदियाँ लगाई जाएँ। उन्होंने सभी नेताओं से आग्रह किया कि रूसी अरबपतियों को मौजूदा प्रतिबंध सूची से न हटाया जाए और जब तक रूस युद्ध नहीं रोकता, तब तक व्यापार पर और सख्ती बरती जाए।
मैकडॉनल्ड्स की लॉजिस्टिक्स सुविधा पर हमला
यूक्रेन के विदेश मंत्री एंड्री सिबिहा ने एक्स पर जानकारी साझा की कि रूस ने मैकडॉनल्ड्स के लिए काम करने वाले एक लॉजिस्टिक्स सेंटर पर एक के बाद एक दो हमले किए। सिबिहा ने कहा, 'रूस ने एक बार फिर यूक्रेन में काम कर रही एक अंतरराष्ट्रीय कंपनी से जुड़े ठिकाने को निशाना बनाया है। लगातार हो रहे इन हमलों से यूक्रेन के लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित हो रही है, कारोबारों को नुकसान पहुंच रहा है, नौकरियों पर खतरा बढ़ रहा है और अंतरराष्ट्रीय निवेश को भी नुकसान हो रहा है।'
विदेश मंत्री सिबिहा के अनुसार, 'यह दिखाता है कि रूस इस युद्ध को खत्म नहीं करना चाहता — वह चाहता है कि उसकी ओर से फैलाई जा रही दहशत की कीमत पूरी दुनिया चुकाए।'
आगे की राह
गौरतलब है कि यह हमले ऐसे समय में हुए हैं जब रूस-यूक्रेन युद्ध के शांतिपूर्ण समाधान को लेकर अंतरराष्ट्रीय कूटनीति अभी भी अनिर्णायक बनी हुई है। जेलेंस्की की कई मोर्चों पर एक साथ अपील — अमेरिका से कानून लागू करवाने और यूरोप से नए प्रतिबंध — यह संकेत देती है कि यूक्रेन पश्चिमी देशों पर दबाव बनाए रखने की रणनीति पर कायम है।