दक्षिण 24 परगना में 14 हथियार और 95 कारतूस बरामद, तृणमूल के दो नेता गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले के बसंती इलाके में 20 जून 2026 को बड़े पैमाने पर हथियारों की बरामदगी के बाद तृणमूल कांग्रेस (TMC) के दो स्थानीय नेताओं को गिरफ्तार किया गया। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों की पहचान शौकत गायेन और जफर शेख के रूप में हुई है, जिन पर हथियार छिपाने में कथित संलिप्तता का आरोप है।
मुख्य घटनाक्रम
बसंती थाना पुलिस और पश्चिम बंगाल स्पेशल टास्क फोर्स (STF) की संयुक्त टीम ने शनिवार को तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान शौकत गायेन के घर के तालाब घाट की सीढ़ियों के नीचे से 14 लंबी दूरी के हथियार और 95 राउंड कारतूस बरामद किए गए। यह सूचना पहले गिरफ्तार किए गए रमजान शेख से पूछताछ के दौरान मिली थी।
राजनीतिक कड़ियाँ
स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, शौकत गायेन के बेटे रेजाउल गायेन बसंती के कांथलबेरिया ग्राम पंचायत से TMC के टिकट पर पंचायत सदस्य चुने गए थे। रेजाउल को स्थानीय TMC नेता राजा गाजी का करीबी बताया जाता है। गौरतलब है कि यह मामला बसंती क्षेत्र में हथियारों के कई जखीरों की एक बड़ी श्रृंखला का हिस्सा है जो हाल के हफ्तों में एक के बाद एक सामने आए हैं।
पूर्व के मामलों से संबंध
इससे पहले पुलिस ने चराविद्या गाँव से रमजान शेख को गिरफ्तार किया था, जिसे कैनिंग पूर्व के पूर्व TMC विधायक साउकत मोल्ला का करीबी बताया जाता है। जाँच एजेंसियों के अनुसार, रमजान शेख के संबंध साउकत मोल्ला और पूर्व TMC नेता शेख शाहजहां दोनों से थे। साउकत मोल्ला को हाल ही में बम विस्फोट मामले में राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (NIA) ने गिरफ्तार किया था, जबकि शेख शाहजहां को केंद्रीय जाँच ब्यूरो (CBI) और प्रवर्तन निदेशालय (ED) पहले ही गिरफ्तार कर चुके हैं।
STF की भूमिका और पूर्व बरामदगी
STF ने कुछ दिन पहले रमजान शेख के घर से भी कई हथियार बरामद किए थे। उसी पूछताछ में मिले सुरागों के आधार पर बसंती क्षेत्र में एक के बाद एक कई हथियार-जखीरे उजागर हुए हैं। इससे पहले शेख शाहजहां से जुड़े ठिकानों पर भी छापेमारी में एक तालाब में छिपाए गए हथियार मिले थे — यह इलाके में हथियार छिपाने के एक सुनियोजित तरीके की ओर इशारा करता है।
आगे की जाँच
हथियारों की बरामदगी के बाद शौकत गायेन और जफर शेख को कथित संलिप्तता के आरोप में हिरासत में ले लिया गया है। मामले की जाँच जारी है और अधिकारियों के अनुसार और गिरफ्तारियाँ संभव हैं। यह ऐसे समय में आया है जब दक्षिण 24 परगना जिले में राजनीतिक हिंसा और अवैध हथियारों के मुद्दे पर सुरक्षा एजेंसियाँ पहले से ही सक्रिय हैं।