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ECL के खाली क्वार्टरों से STF को मिले 15 हथियार और 56 कारतूस, कोयला माफिया शमशेर-खैरुल्ल से कनेक्शन

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ECL के खाली क्वार्टरों से STF को मिले 15 हथियार और 56 कारतूस, कोयला माफिया शमशेर-खैरुल्ल से कनेक्शन

सारांश

पश्चिम बंगाल STF की रात भर की छापेमारी ने कोयला तस्करी से कहीं गहरे नेटवर्क का पर्दाफाश किया — ECL के परित्यक्त क्वार्टरों से 15 हथियार और 56 कारतूस मिले। कोयला माफिया शमशेर हुसैन और खैरुल्ल अब हथियार तस्करी के संदेह के घेरे में भी हैं।

मुख्य बातें

पश्चिम बंगाल STF ने 9 अगस्त को अंडाल स्थित ECL के खाली क्वार्टरों से 15 हथियार और 56 कारतूस बरामद किए।
कोयला माफिया शमशेर हुसैन को रांची से और खैरुल्ल को पिछले महीने झारखंड से गिरफ्तार किया गया था।
दोनों आरोपियों से पूछताछ के बाद शनिवार रात अंडाल में संयुक्त तलाशी अभियान चलाया गया।
जाँच अब कोयला तस्करी के साथ-साथ हथियारों की अवैध तस्करी तक विस्तारित हो सकती है।
CBI और ED पहले से इस क्षेत्र में कोयला तस्करी नेटवर्क की जाँच कर रहे हैं।

पश्चिम बंगाल पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने 9 अगस्त 2026 को पश्चिम बर्धमान जिले के अंडाल इलाके में रात भर चले तलाशी अभियान के बाद ईस्टर्न कोलफील्ड लिमिटेड (ECL) के खाली पड़े क्वार्टरों से 15 हथियार और 56 कारतूस बरामद किए। यह छापेमारी रविवार सुबह तक जारी रही और इसमें दो गिरफ्तार कोयला माफिया को भी साथ लाया गया था।

बरामदगी का विवरण

हथियारों और गोला-बारूद का यह जखीरा कोल इंडिया लिमिटेड की सहायक कंपनी ईस्टर्न कोलफील्ड लिमिटेड (ECL) के परित्यक्त क्वार्टरों में एक स्थान से मिला। दुर्गापुर के स्टील-कम-इंडस्ट्रियल टाउनशिप के निकट स्थित अंडाल क्षेत्र में STF ने शनिवार की रात बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान चलाया।

कोयला माफिया और गिरफ्तारियाँ

STF अधिकारी अपने साथ दो कुख्यात कोयला माफियाओं को लेकर आए थे, जिन्हें हाल ही में पड़ोसी राज्य झारखंड से गिरफ्तार किया गया था। इनमें से एक, शमशेर हुसैन, को पिछले मंगलवार को रांची से गिरफ्तार किया गया था — वह लंबे समय से कई मामलों में वांछित था। दूसरा आरोपी खैरुल्ल को पिछले महीने गिरफ्तार किया गया था, जो कथित तौर पर कोयले की तस्करी में शमशेर का सहयोगी है।

पूछताछ से मिले अहम सुराग

सूत्रों के अनुसार, दोनों आरोपियों से लंबी पूछताछ के दौरान कई अहम जानकारियाँ सामने आईं, जिसके बाद शनिवार रात को अंडाल में यह संयुक्त तलाशी अभियान चलाया गया। राज्य पुलिस के एक अधिकारी ने कहा, 'हथियारों और गोला-बारूद की बरामदगी से संकेत मिलता है कि वे हथियारों की तस्करी में भी शामिल हो सकते हैं। इस दिशा में जाँच के लिए उनसे फिर से पूछताछ की जाएगी।'

व्यापक संदर्भ: कोयला तस्करी नेटवर्क

यह ऐसे समय में सामने आया है जब पश्चिम बंगाल और झारखंड में कोयला तस्करी लंबे समय से एक गंभीर मुद्दा बनी हुई है। केंद्रीय जाँच ब्यूरो (CBI) और प्रवर्तन निदेशालय (ED) इस मामले में पहले से छापेमारी कर रहे हैं। गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली सरकार के कुछ करीबी और तृणमूल कांग्रेस (TMC) के कुछ प्रभावशाली नेता इस मामले में केंद्रीय एजेंसियों की जाँच के दायरे में रह चुके हैं।

आगे की जाँच

अब जाँचकर्ताओं के सामने यह अहम सवाल है कि क्या शमशेर और खैरुल्ल का नेटवर्क केवल कोयले की तस्करी तक सीमित था, या हथियारों की अवैध आपूर्ति भी इसका हिस्सा थी। दोनों आरोपियों से गहन पूछताछ जारी है और जाँच का दायरा और बड़ा हो सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह मामला केवल पुलिसिया कार्रवाई नहीं, बल्कि राजनीतिक जवाबदेही की भी परीक्षा है।
RashtraPress
9 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अंडाल में ECL के क्वार्टरों से क्या बरामद हुआ?
पश्चिम बंगाल STF ने पश्चिम बर्धमान जिले के अंडाल में ईस्टर्न कोलफील्ड लिमिटेड के खाली पड़े क्वार्टरों से 15 हथियार और 56 कारतूस बरामद किए। यह छापेमारी 9 अगस्त को रात भर चली और रविवार सुबह तक जारी रही।
शमशेर हुसैन और खैरुल्ल कौन हैं?
शमशेर हुसैन एक कुख्यात कोयला माफिया है जिसे STF ने झारखंड की राजधानी रांची से गिरफ्तार किया था। खैरुल्ल उसका कथित सहयोगी है जिसे पिछले महीने गिरफ्तार किया गया — दोनों पर कोयले के अवैध कारोबार के कई मामले दर्ज हैं।
क्या शमशेर और खैरुल्ल हथियार तस्करी में भी शामिल थे?
अभी यह जाँच का विषय है। राज्य पुलिस के एक अधिकारी के अनुसार, हथियारों की बरामदगी से संकेत मिलता है कि वे हथियारों की तस्करी में भी शामिल हो सकते हैं, और इस दिशा में दोनों से फिर से पूछताछ की जाएगी।
पश्चिम बंगाल में कोयला तस्करी मामले में कौन-सी केंद्रीय एजेंसियाँ जाँच कर रही हैं?
केंद्रीय जाँच ब्यूरो (CBI) और प्रवर्तन निदेशालय (ED) दोनों पश्चिम बंगाल और झारखंड में कोयला तस्करी नेटवर्क की जाँच कर रहे हैं। इस मामले में TMC के कुछ नेता और ममता बनर्जी सरकार के करीबी लोग पहले से जाँच के दायरे में रहे हैं।
ECL क्या है और इसका इस मामले से क्या संबंध है?
ईस्टर्न कोलफील्ड लिमिटेड (ECL) सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी कोल इंडिया लिमिटेड की सहायक कंपनी है। इसके अंडाल स्थित खाली पड़े आवासीय क्वार्टरों का कथित तौर पर हथियार छुपाने के लिए इस्तेमाल किया गया, जो इस मामले को और गंभीर बनाता है।
राष्ट्र प्रेस
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