सीएम भूपेंद्र पटेल ने सूरत में वाइब्रेंट गुजरात रीजनल कॉन्फ्रेंस के तीसरे संस्करण का उद्घाटन किया
सारांश
Key Takeaways
गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने 1 मई 2026 को सूरत में वाइब्रेंट गुजरात रीजनल कॉन्फ्रेंस (VGRC) साउथ गुजरात के तीसरे संस्करण का उद्घाटन किया। ऑरो यूनिवर्सिटी में आयोजित यह दो दिवसीय सम्मेलन दक्षिण गुजरात में क्षेत्रीय औद्योगिक विकास, निवेश और वैश्विक सहयोग को गति देने के उद्देश्य से बुलाया गया है।
सम्मेलन में कौन-कौन शामिल हुए
उद्घाटन समारोह में राज्य मंत्रिमंडल के सभी सदस्य उपस्थित रहे। केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी और जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल भी इस अवसर पर मौजूद थे। साझेदार देशों के रूप में जापान, रवांडा, यूक्रेन और सिंगापुर ने भाग लिया, जबकि जेट्रो, यूएसआईएसपीएफ, एएमचैम और कोट्रा जैसी अंतरराष्ट्रीय संस्थाएँ भी सहयोगी के रूप में जुड़ी रहीं।
प्रदर्शनी और पवेलियन का दौरा
उद्घाटन सत्र से पहले वाइब्रेंट गुजरात रीजनल एग्जीबिशन (VGRE) का शुभारंभ हुआ। इस प्रदर्शनी में दक्षिण गुजरात के सूरत, भरूच, नवसारी, वलसाड, तापी और डांग जिलों के उद्योग, एमएसएमई, स्टार्टअप और सरकारी विभागों ने भाग लिया। मुख्यमंत्री पटेल ने विभिन्न पवेलियन और स्टॉल का दौरा कर उद्योगपतियों और स्टार्टअप प्रतिनिधियों से सीधी बातचीत की। उन्होंने नई तकनीकों, हरित ऊर्जा इकाइयों, कृषि के आधुनिक तरीकों और सेवा क्षेत्र के उभरते मॉडलों की जानकारी ली।
सम्मेलन में किन विषयों पर चर्चा हुई
सम्मेलन में कृषि और बागवानी, टेक्सटाइल, केमिकल और पेट्रोकेमिकल, स्टार्टअप, ऊर्जा, उर्वरक और वैश्विक सप्लाई चेन जैसे क्षेत्रों पर सेमिनार, पैनल चर्चा और राउंडटेबल बैठकें आयोजित की गईं। महिला सशक्तिकरण और विभिन्न देशों में कारोबारी अवसरों पर विशेष सत्र भी कार्यक्रम का हिस्सा रहे। इसके अलावा रिवर्स बायर-सेलर मीट, वेंडर डेवलपमेंट कार्यक्रम, बिजनेस-टू-बिजनेस (B2B) और बिजनेस-टू-गवर्नमेंट (B2G) बैठकें भी आयोजित की गईं।
व्यापक रणनीतिक संदर्भ
यह सम्मेलन राज्य सरकार की उस व्यापक पहल का हिस्सा है, जिसके तहत वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल समिट के मॉडल को क्षेत्रीय स्तर पर लागू किया जा रहा है। गौरतलब है कि यह आयोजन वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल समिट के बीच क्षेत्रीय आयोजनों की श्रृंखला का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य निवेश की गति बनाए रखना और राज्यभर में समावेशी आर्थिक विकास को बढ़ावा देना है। मुख्यमंत्री ने निजी क्षेत्र, उद्योगपतियों और युवाओं की भागीदारी को राज्य के विकास के लिए महत्वपूर्ण बताया।
आगे क्या होगा
दो दिवसीय सम्मेलन 2 मई को समाप्त होगा, जिसके दौरान निवेश और साझेदारी के नए अवसर तैयार किए जाने की उम्मीद है। दक्षिण गुजरात के औद्योगिक परिदृश्य को वैश्विक निवेशकों के सामने प्रस्तुत करने का यह प्रयास राज्य के दीर्घकालिक आर्थिक रोडमैप का अहम हिस्सा माना जा रहा है।