विश्वजीत सहाय ने संभाला रक्षा वित्त सचिव का पद, 30 वर्षों के अनुभव के साथ रक्षा मंत्रालय को मिला नया नेतृत्व
सारांश
Key Takeaways
रक्षा मंत्रालय के रक्षा वित्त सचिव के रूप में विश्वजीत सहाय ने 1 मई 2025 को औपचारिक रूप से पदभार ग्रहण किया। 1990 बैच के भारतीय रक्षा लेखा सेवा (IDAS) के वरिष्ठ अधिकारी सहाय इससे पहले कंट्रोलर जनरल ऑफ डिफेंस अकाउंट्स (CGDA) के पद पर कार्यरत थे। रक्षा मंत्रालय के अनुसार, उनके पास रक्षा वित्त और प्रशासन के क्षेत्र में 30 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि और योग्यता
विश्वजीत सहाय ने दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रतिष्ठित सेंट स्टीफंस कॉलेज से शिक्षा प्राप्त की है। इसके अतिरिक्त वह लॉ ग्रेजुएट भी हैं, जो रक्षा अधिग्रहण और वित्तीय विधि के जटिल मामलों में उनकी विशेषज्ञता को और पुख्ता बनाता है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उन्होंने ब्रिटेन के कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय और जर्मनी के एक प्रमुख सुरक्षा अध्ययन संस्थान में आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रमों में भारत का प्रतिनिधित्व किया, जिससे उन्हें वैश्विक रक्षा वित्त का व्यापक दृष्टिकोण प्राप्त हुआ।
करियर में प्रमुख पद
रक्षा मंत्रालय के अनुसार, सहाय ने अपने लंबे करियर में कई महत्वपूर्ण प्रशासनिक दायित्व निभाए हैं। वह विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग में अतिरिक्त सचिव और वित्तीय सलाहकार रहे। इसके अलावा भारी उद्योग विभाग में संयुक्त सचिव तथा रक्षा मंत्रालय की अधिग्रहण शाखा में वित्त प्रबंधक के रूप में भी सेवाएँ दीं। वह सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय में निदेशक पद पर भी कार्यरत रहे।
रक्षा लेखा विभाग में अनुभव
रक्षा लेखा विभाग के भीतर सहाय का अनुभव बेहद विस्तृत रहा है। उन्होंने प्रयागराज में पेंशन से जुड़े मुख्य नियंत्रक और संयुक्त नियंत्रक जैसे अहम पदों पर कार्य किया। इसके साथ ही उन्होंने विशेष नियंत्रक की भूमिका भी निभाई, जिससे रक्षा लेखा प्रणाली की गहरी समझ उन्हें प्राप्त हुई।
नई भूमिका का महत्व
रक्षा मंत्रालय में सहाय की यह नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब रक्षा बजट और सैन्य आधुनिकीकरण की प्राथमिकताएँ राष्ट्रीय एजेंडे पर केंद्रित हैं। मंत्रालय के अनुसार उनके व्यापक अनुभव और नेतृत्व क्षमता से वित्तीय प्रबंधन और रणनीतिक निर्णय लेने की प्रक्रिया और अधिक सुदृढ़ होने की उम्मीद है। उल्लेखनीय है कि एक अन्य नियुक्ति के तहत भारत खेड़ा को लघु व मध्यम उद्योग मंत्रालय में सचिव नियुक्त किया गया है। इन दोनों नियुक्तियों को केंद्र सरकार के प्रशासनिक ढाँचे को और मज़बूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।