कराची में लगातार दूसरे हफ्ते पानी का गंभीर संकट, 250 MGD कमी से लाखों बेहाल
सारांश
मुख्य बातें
पाकिस्तान के सबसे बड़े शहर कराची में पेयजल संकट 1 मई 2026 को लगातार दूसरे सप्ताह में प्रवेश कर गया, जिससे शहर के लाखों निवासी गंभीर जल किल्लत का सामना कर रहे हैं। कराची वॉटर एंड सीवरेज कॉरपोरेशन (KWSC) की पाइपलाइन मरम्मत और बिजली संकट के कारण शहर की दैनिक जलापूर्ति में 250 मिलियन गैलन प्रतिदिन (MGD) तक की कमी दर्ज की गई, जो कुल आपूर्ति का लगभग 40 प्रतिशत है।
संकट की शुरुआत कैसे हुई
यह जल संकट 21 अप्रैल 2026 को तब शुरू हुआ जब KWSC ने धाबेजी पंपिंग स्टेशन के पास लाइन नंबर-5 को बदलने और नई 72 इंच व्यास की पाइपलाइन जोड़ने के लिए एक प्रमुख जल लाइन बंद कर दी। पाकिस्तानी अखबार डॉन की रिपोर्ट के अनुसार, इस निर्धारित कार्य से 250 MGD पानी की कमी हो गई — जबकि शहर की कुल दैनिक आपूर्ति 650 MGD है और माँग 1,200 MGD से अधिक है।
बिजली संकट ने बढ़ाई मुश्किलें
जल विभाग ने अगले दिन शाम तक 100 MGD आपूर्ति बहाल कर दी थी, लेकिन राहत अल्पकालिक साबित हुई। धाबेजी पंपिंग स्टेशन पर बड़े बिजली संकट के चलते कई पंप बंद हो गए। सोमवार को बिजली बाधित होने के कारण स्टेशन पर 72 इंच व्यास की तीन पाइपलाइनें फट गईं, जिससे 140 MGD पानी की अतिरिक्त कमी हो गई। यह ऐसे समय में आया जब शहर पहले से ही जल संकट से जूझ रहा था।
सबसे ज़्यादा प्रभावित इलाके
इस संकट की सबसे अधिक मार कोरंगी, मलिर, चनेसर, जिन्ना टाउन, लांधी, शाह फैसल कॉलोनी, सदर टाउन और क्लिफ्टन जैसे घनी आबादी वाले इलाकों पर पड़ी। KWSC के प्रवक्ता के अनुसार, लाइन नंबर-5 अब भी बंद होने से कोरंगी, मलिर, जिन्ना टाउन, सदर, DHA और क्लिफ्टन सबसे ज़्यादा प्रभावित बने हुए हैं। गुरुवार को कुल जल कमी 80 MGD दर्ज की गई।
मरम्मत की स्थिति और नई लीकेज
KWSC के आपातकालीन मरम्मत दल ने शुक्रवार तक तीनों फटी पाइपलाइनों को ठीक कर दिया। हालाँकि, पावर टेस्टिंग के दौरान गुलशन-ए-हदीद क्षेत्र में लाइन नंबर-5 में दो नई लीकेज सामने आईं, जिनकी मरम्मत अभी जारी है। गौरतलब है कि यह स्थिति तब है जब यह कार्य एक निर्धारित रखरखाव परियोजना के रूप में शुरू हुआ था।
आम लोगों पर असर
स्थानीय निवासियों के अनुसार ज़मीनी हालात अब भी बेहद खराब हैं। निवासी अब्दुल गफूर ने बताया कि पिछले एक हफ्ते से नल में पानी नहीं आया और उन्हें पानी का टैंकर खरीदने पर मजबूर होना पड़ा। एक स्थानीय महिला ने बताया कि उनके इलाके में पाँच दिनों से पानी नहीं है। एक अन्य निवासी के अनुसार, लोग हर सुबह नल खोलकर देखते हैं और फिर बिना पानी के दिन बिताने के लिए खुद को तैयार कर लेते हैं। कराची जैसे महानगर में यह स्थिति बुनियादी ढाँचे की दीर्घकालिक विफलता को उजागर करती है।