10 जुलाई 2026
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भरतपुर में ACB का शिकंजा: ₹30,000 की रिश्वत लेते दो पटवारी रंगेहाथ गिरफ्तार

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भरतपुर में ACB का शिकंजा: ₹30,000 की रिश्वत लेते दो पटवारी रंगेहाथ गिरफ्तार

सारांश

राजस्थान ACB ने एक ही सप्ताह में दो अलग-अलग जिलों में रिश्वतखोरों को रंगेहाथ दबोचा। भरतपुर में दो पटवारी ₹30,000 लेते पकड़े गए — वह काम जो पहले ही पूरा हो चुका था, उसके लिए पैसे माँगे जा रहे थे। यह कार्रवाई राजस्थान में सरकारी भ्रष्टाचार के खिलाफ बढ़ती सख्ती का संकेत है।

मुख्य बातें

ACB ने 10 जुलाई 2026 को भरतपुर में पटवारी प्रदीप सिंह और दिगंबर सिंह को ₹30,000 की रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार किया।
आरोपियों ने पहले से पैमाइश हो चुकी कृषि भूमि की सीमा तय करने के बदले ₹50,000 की माँग की थी।
ऑपरेशन की देखरेख डीआईजी ओमप्रकाश मीणा और ASP अमित सिंह ने की; नेतृत्व इंस्पेक्टर महेंद्र सिंह ने किया।
7 जुलाई को ACB की चूरू यूनिट ने APMC के डॉ.
विकेंद्र कुमार और कमल कुमार को ₹10,000 की रिश्वत लेते पकड़ा था।
दोनों मामलों में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज; जाँच जारी।
नागरिक हेल्पलाइन 1064 या वॉट्सऐप 9413502834 पर रिश्वतखोरी की शिकायत दे सकते हैं।

राजस्थान भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने 10 जुलाई 2026 को भरतपुर में भूमि बंदोबस्त विभाग के दो पटवारियों को ₹30,000 की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ दबोचा। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान प्रदीप सिंह और दिगंबर सिंह के रूप में हुई है, जो कथित तौर पर पहले से पैमाइश हो चुकी कृषि भूमि की सीमा तय करने के नाम पर शिकायतकर्ता से ₹50,000 की माँग कर रहे थे।

मामले का पूरा घटनाक्रम

ACB के महानिदेशक गोविंद गुप्ता के अनुसार, एक शिकायत मिलने के बाद ACB की भरतपुर यूनिट हरकत में आई। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि दोनों पटवारियों ने न केवल रिश्वत की माँग की, बल्कि दबाव बनाने के लिए शिकायतकर्ता और उनके परिवार के सदस्यों को परेशान भी किया। गौरतलब है कि जिस भूमि की सीमा तय करने के लिए रिश्वत माँगी जा रही थी, उसकी पैमाइश पहले ही पूरी हो चुकी थी — यानी आरोपी एक ऐसे काम के लिए पैसे वसूल रहे थे जो उनका कानूनी दायित्व था।

ऑपरेशन की रूपरेखा

शिकायत की पुष्टि के बाद भरतपुर रेंज के डीआईजी ओमप्रकाश मीणा की देखरेख और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ACB भरतपुर) अमित सिंह के निर्देशन में जाल बिछाया गया। इस पूरे ऑपरेशन का नेतृत्व पुलिस इंस्पेक्टर महेंद्र सिंह ने किया। माँगी गई रकम के हिस्से के रूप में ₹30,000 लेते ही दोनों आरोपियों को रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया गया। आगे की जाँच ACB की अतिरिक्त महानिदेशक स्मिता श्रीवास्तव और महानिरीक्षक एस. परिमला की देखरेख में जारी है।

कानूनी कार्रवाई

ACB ने बताया कि दोनों आरोपियों के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया जा रहा है। पूछताछ में और खुलासे होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। ACB ने नागरिकों को भरोसा दिलाया है कि वैध सरकारी सेवाएँ बिना किसी दबाव के मिलनी चाहिए।

चूरू में भी ACB की कार्रवाई

यह गिरफ्तारी ऐसे समय में हुई है जब 7 जुलाई को ACB की चूरू यूनिट ने कृषि उपज मंडी समिति (APMC), चूरू के डॉ. विकेंद्र कुमार (सचिव) और कमल कुमार (पर्यवेक्षक-सह-कैशियर) को ₹10,000 की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार किया था। इन पर आरोप था कि उन्होंने APMC परिसर में स्थित एक फर्म को जारी नोटिस — जिसमें वर्ष 2019-20 और 2021 की कैश बुक और अकाउंटिंग बिल जमा करने को कहा गया था — से संबंधित कार्यवाही रोकने के बदले ₹20,000 की माँग की थी। ACB बीकानेर के डीआईजी नारायण टोगस की देखरेख और एडिशनल सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस महावीर प्रसाद शर्मा की अगुवाई में जाल बिछाकर दोनों को पकड़ा गया।

नागरिकों से अपील

ACB ने जनता से आग्रह किया है कि रिश्वतखोरी की किसी भी घटना की सूचना 24×7 टोल-फ्री हेल्पलाइन 1064 या वॉट्सऐप हेल्पलाइन 9413502834 पर दें। यह कार्रवाई राजस्थान में भ्रष्टाचार के विरुद्ध ACB के बढ़ते अभियान का हिस्सा है — और संकेत देती है कि आने वाले दिनों में ऐसी और गिरफ्तारियाँ हो सकती हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

'उगाही' का रूप ले चुका है। ACB की सक्रियता सराहनीय है, लेकिन असली सवाल यह है कि क्या ये गिरफ्तारियाँ महज़ उदाहरण हैं या इनके पीछे कोई व्यापक प्रणालीगत सुधार की योजना भी है।
RashtraPress
10 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भरतपुर में ACB ने किन पटवारियों को गिरफ्तार किया?
ACB ने भूमि बंदोबस्त विभाग के पटवारी प्रदीप सिंह और दिगंबर सिंह को 10 जुलाई 2026 को ₹30,000 की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार किया। दोनों पर आरोप है कि वे पहले से पैमाइश हो चुकी कृषि भूमि की सीमा तय करने के बदले ₹50,000 माँग रहे थे।
पटवारियों ने रिश्वत किस काम के लिए माँगी थी?
आरोपियों ने शिकायतकर्ता की उस कृषि भूमि की सीमा निर्धारित करने के बदले रिश्वत माँगी, जिसकी पैमाइश पहले ही हो चुकी थी। कथित तौर पर माँग न मानने पर शिकायतकर्ता और उनके परिवार को परेशान भी किया गया।
राजस्थान ACB की हेल्पलाइन क्या है?
ACB की 24×7 टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 1064 है। इसके अलावा वॉट्सऐप हेल्पलाइन 9413502834 पर भी रिश्वतखोरी की शिकायत दी जा सकती है।
चूरू में ACB ने क्या कार्रवाई की थी?
7 जुलाई 2026 को ACB की चूरू यूनिट ने APMC चूरू के सचिव डॉ. विकेंद्र कुमार और पर्यवेक्षक-सह-कैशियर कमल कुमार को ₹10,000 की रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार किया। इन पर आरोप था कि उन्होंने फर्म को जारी नोटिस संबंधी कार्यवाही रोकने के बदले ₹20,000 की माँग की थी।
इन मामलों में कौन-सा कानून लागू होगा?
दोनों मामलों में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया जा रहा है। ACB के अनुसार आरोपियों से पूछताछ जारी है और आगे की जाँच वरिष्ठ अधिकारियों की देखरेख में हो रही है।
राष्ट्र प्रेस
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