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तेलंगाना ACB का बड़ा ऑपरेशन: ₹5 लाख रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़े गए दो पुलिस अधिकारी

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तेलंगाना ACB का बड़ा ऑपरेशन: ₹5 लाख रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़े गए दो पुलिस अधिकारी

सारांश

तेलंगाना ACB ने गणेश विसर्जन की रात एक सुनियोजित जाल बिछाकर कीसारा पुलिस स्टेशन के इंस्पेक्टर और सब-इंस्पेक्टर को ₹5 लाख की रिश्वत लेते रंगे हाथों दबोचा। शिकायतकर्ता को दर्ज मामले से राहत दिलाने के नाम पर पहले ₹10 लाख माँगे गए थे।

मुख्य बातें

तेलंगाना ACB ने 17 सितंबर 2026 को आधी रात के करीब ₹5 लाख रिश्वत ऑपरेशन चलाया।
कीसारा पुलिस स्टेशन के इंस्पेक्टर अर्कापल्ली अंजनेयुलु और सब-इंस्पेक्टर दयापा ज्ञानेंद्र रेड्डी गिरफ्तार।
आरोपियों ने पहले ₹10 लाख माँगे, बाद में ₹5 लाख में सौदा तय हुआ।
सब-इंस्पेक्टर को कीसारा झील के पास कार में रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा गया।
ऑपरेशन DSP माजिद अली खान की देखरेख में ACB सिटी रेंज-I ने चलाया।
दोनों आरोपियों को नामपल्ली के प्रिंसिपल स्पेशल जज के समक्ष न्यायिक रिमांड के लिए पेश किया जाएगा।

तेलंगाना के एंटी-करप्शन ब्यूरो (ACB) ने 17 सितंबर 2026 को हैदराबाद में एक सुनियोजित जाल के ज़रिए मल्काजगिरी पुलिस कमिश्नरेट के कीसारा पुलिस स्टेशन के दो अधिकारियों को ₹5 लाख की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया। ACB अधिकारियों ने गुरुवार को बताया कि यह ऑपरेशन आधी रात के करीब अंजाम दिया गया।

कैसे चला ऑपरेशन

ACB सिटी रेंज-I की टीम ने डीएसपी माजिद अली खान की देखरेख में जाल बिछाया। सब-इंस्पेक्टर दयापा ज्ञानेंद्र रेड्डी को तब रंगे हाथों पकड़ा गया जब वे गणेश विसर्जन ड्यूटी के दौरान कीसारा झील के निकट एक कार में रिश्वत की रकम स्वीकार कर रहे थे। ACB अधिकारियों को देखकर सब-इंस्पेक्टर ने भागने की कोशिश की, किंतु वे पकड़े गए।

गिरफ्तारी के बाद एजेंसी ने कीसारा पुलिस स्टेशन और दोनों आरोपी अधिकारियों के आवासों पर भी तलाशी ली।

आरोपों का पूरा ब्यौरा

ACB के बयान के अनुसार, स्टेशन हाउस ऑफिसर एवं इंस्पेक्टर अर्कापल्ली अंजनेयुलु के निर्देश पर सब-इंस्पेक्टर रेड्डी यह रिश्वत ले रहे थे। आरोप है कि दोनों अधिकारियों ने शिकायतकर्ता से स्टेशन बेल देने तथा कीसारा पुलिस स्टेशन में दर्ज पुराने मामले में शिकायतकर्ता और उसके मित्र को परेशान न करने के एवज में पहले ₹10 लाख की माँग की थी। बाद में दोनों पक्षों के बीच ₹5 लाख में सौदा तय हुआ।

गौरतलब है कि शिकायतकर्ता का आरोप है कि पिछले कुछ दिनों में उसे बार-बार बिरयानी और कोल्ड ड्रिंक्स लाने के लिए भी कहा जाता रहा था। जब उत्पीड़न और पैसों की माँग बढ़ी, तब उसने ACB से संपर्क किया।

न्यायिक प्रक्रिया और आगे की जाँच

इंस्पेक्टर अर्कापल्ली अंजनेयुलु और सब-इंस्पेक्टर दयापा ज्ञानेंद्र रेड्डी — दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया है। दोनों को नामपल्ली स्थित SPE एवं ACB मामलों के प्रिंसिपल स्पेशल जज के समक्ष न्यायिक रिमांड के लिए पेश किया जाएगा। ACB ने स्पष्ट किया है कि मामले की जाँच अभी जारी है।

ACB की जनता से अपील

तेलंगाना ACB ने इस गिरफ्तारी के बाद जनता को याद दिलाया कि यदि कोई सरकारी कर्मचारी रिश्वत की माँग करे, तो टोल-फ्री नंबर 1064 पर शिकायत दर्ज कराई जा सकती है। एजेंसी ने आश्वासन दिया कि शिकायतकर्ता का नाम और विवरण पूरी तरह गोपनीय रखा जाएगा।

यह ऑपरेशन ऐसे समय में आया है जब तेलंगाना में पुलिस बल के भीतर भ्रष्टाचार को लेकर सार्वजनिक असंतोष बढ़ रहा है। ACB की यह कार्रवाई राज्य सरकार की जवाबदेही नीति के तहत एक और सख्त कदम मानी जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

फिर ₹10 लाख माँगे गए — यह बताता है कि आरोपी अधिकारियों में कानूनी भय न के बराबर था। ACB का टोल-फ्री नंबर और गोपनीयता का आश्वासन सराहनीय है, लेकिन असली सवाल यह है कि इस तरह के मामले अपवाद हैं या नियम — और क्या विभागीय जवाबदेही तंत्र ACB की प्रतिक्रियाशील कार्रवाइयों के साथ कदम मिला पाता है।
RashtraPress
17 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

तेलंगाना ACB ने किन पुलिस अधिकारियों को गिरफ्तार किया?
ACB ने कीसारा पुलिस स्टेशन के इंस्पेक्टर/SHO अर्कापल्ली अंजनेयुलु और सब-इंस्पेक्टर दयापा ज्ञानेंद्र रेड्डी को गिरफ्तार किया। दोनों पर ₹5 लाख की रिश्वत लेने का आरोप है।
रिश्वत किस काम के बदले माँगी गई थी?
आरोपी अधिकारियों ने शिकायतकर्ता को स्टेशन बेल देने और कीसारा पुलिस स्टेशन में दर्ज पुराने मामले में उसे व उसके मित्र को परेशान न करने के एवज में यह रिश्वत माँगी। पहले ₹10 लाख माँगे गए, बाद में ₹5 लाख में सौदा तय हुआ।
ACB ने सब-इंस्पेक्टर को कहाँ और कैसे पकड़ा?
सब-इंस्पेक्टर दयापा ज्ञानेंद्र रेड्डी को गणेश विसर्जन ड्यूटी के दौरान कीसारा झील के पास एक कार में रिश्वत की रकम स्वीकार करते रंगे हाथों दबोचा गया। ACB अधिकारियों को देखकर उन्होंने भागने का प्रयास किया लेकिन पकड़े गए।
गिरफ्तार अधिकारियों को अब क्या होगा?
दोनों आरोपी अधिकारियों को नामपल्ली स्थित SPE एवं ACB मामलों के प्रिंसिपल स्पेशल जज के सामने न्यायिक रिमांड के लिए पेश किया जाएगा। ACB ने कहा है कि मामले की जाँच अभी जारी है।
रिश्वत की शिकायत कैसे करें?
तेलंगाना ACB के अनुसार, कोई भी नागरिक सरकारी कर्मचारी द्वारा रिश्वत माँगे जाने पर टोल-फ्री नंबर 1064 पर शिकायत दर्ज करा सकता है। एजेंसी ने आश्वासन दिया है कि शिकायतकर्ता का नाम और पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।
राष्ट्र प्रेस
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