तेलंगाना एसीबी का एनआईएमएस के अतिरिक्त अधीक्षक डॉ. लक्ष्मी भास्कर पर छापा, 13 ठिकानों पर तलाशी
सारांश
मुख्य बातें
तेलंगाना के भ्रष्टाचार विरोधी ब्यूरो (एसीबी) ने 22 सितंबर 2026 को निजाम्स इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (एनआईएमएस) के अतिरिक्त अधीक्षक डॉ. एन. लक्ष्मी भास्कर से संबंधित परिसरों पर बड़ा तलाशी अभियान चलाया। एजेंसी का आरोप है कि डॉ. भास्कर ने अपने ज्ञात आय स्रोतों से अधिक संपत्ति अर्जित की है।
तलाशी अभियान का विवरण
एसीबी की टीमों ने मंगलवार की सुबह से ही तीन जिलों में फैले 13 स्थानों पर एक साथ छापेमारी शुरू की। इनमें डॉ. भास्कर और उनके परिवार के सदस्यों से जुड़े आवासीय व व्यावसायिक परिसर दोनों शामिल हैं। हैदराबाद के मूसापेट स्थित कल्पतरु रेजीडेंसी में उनका आवास और शहर में उनसे जुड़ी अन्य संपत्तियाँ भी इस तलाशी के दायरे में आईं।
एसीबी के अनुसार तलाशी के नतीजों की विस्तृत जानकारी उसी दिन बाद में जारी किए जाने की संभावना थी।
डॉ. भास्कर का पृष्ठभूमि
डॉ. भास्कर पिछले 20 वर्षों से एनआईएमएस में सेवारत हैं और पाँच वर्षों से अतिरिक्त अधीक्षक के पद पर कार्यरत हैं। यह पहली बार है कि एसीबी ने हैदराबाद के प्रमुख सरकारी चिकित्सा संस्थानों में से एक, एनआईएमएस के किसी वरिष्ठ अधिकारी से जुड़े ठिकानों पर इस पैमाने पर तलाशी अभियान चलाया है। रिपोर्टों के अनुसार, उन पर इससे पहले भी इसी प्रकृति के आरोप लगाए जा चुके हैं।
निजामाबाद में रिश्वत मामले में दो गिरफ्तार
इसी क्रम में सोमवार को एसीबी ने निजामाबाद नगर निगम के दो कर्मचारियों को कथित तौर पर ₹5,000 की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया। आरोपियों की पहचान स्थापना अनुभाग के कनिष्ठ सहायक पाल्दा अशोक और लेखापरीक्षा अनुभाग के आउटसोर्सिंग कर्मचारी कलाकुंतला किरण कुमार के रूप में हुई है — दोनों निजामाबाद नगर निगम के आयुक्त के अधीन कार्यरत थे।
एसीबी के अनुसार, दोनों ने एक शिकायतकर्ता से वेतन वृद्धि की कार्यवाही तैयार करने और उनकी माँ की मासिक पेंशन स्वीकृत कराने के बदले में सेवा पुस्तिका में आवश्यक प्रविष्टियाँ दर्ज करने के लिए रिश्वत की माँग की और उसे स्वीकार किया। एजेंसी का कहना है कि दोनों ने ₹15,000 का अनुचित लाभ उठाया और इस प्रकार अपने सार्वजनिक दायित्वों का बेईमानीपूर्वक निर्वहन किया। दोनों को गिरफ्तार कर विशेष न्यायालय के समक्ष पेश किया गया।
आम जनता और स्वास्थ्य तंत्र पर असर
गौरतलब है कि एनआईएमएस तेलंगाना के सबसे बड़े सरकारी अस्पतालों में से एक है, जहाँ प्रतिदिन हज़ारों मरीज़ निःशुल्क या रियायती चिकित्सा सेवा के लिए आते हैं। इस तरह के भ्रष्टाचार के आरोप, यदि सिद्ध होते हैं, तो सार्वजनिक स्वास्थ्य तंत्र की साख पर गंभीर सवाल खड़े करते हैं। यह ऐसे समय में आया है जब तेलंगाना सरकार स्वास्थ्य सेवाओं में पारदर्शिता बढ़ाने का दावा कर रही है।
आगे की कार्रवाई
एसीबी द्वारा तलाशी में मिले दस्तावेज़ों और संपत्तियों का मूल्यांकन किए जाने के बाद औपचारिक आरोप पत्र दाखिल होने की संभावना है। डॉ. भास्कर के खिलाफ आगे की जाँच जारी है और एजेंसी ने अभी तक उनकी गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं की है।