जेपीएससी लाठीचार्ज पर शेलार का राहुल गांधी पर हमला: 'कांग्रेस का छात्र-प्रेम पूतना मौसी जैसा'
सारांश
मुख्य बातें
महाराष्ट्र सरकार के मंत्री आशीष शेलार ने मंगलवार, 11 अगस्त को रांची में झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) पेपर लीक और रोज़गार की मांग को लेकर शांतिपूर्वक प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुए लाठीचार्ज की कड़ी निंदा की। उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी की चुप्पी पर सीधा निशाना साधते हुए पूछा कि क्या वे इस मामले में जवाबदेही तय करने का साहस दिखाएंगे। शेलार ने कांग्रेस के छात्रों के प्रति दिखावटी प्रेम को 'पूतना मौसी का प्यार' करार दिया।
रांची में क्या हुआ
शेलार के अनुसार, रांची में छात्र जेपीएससी पेपर लीक और बेरोज़गारी के विरुद्ध पूरी तरह शांतिपूर्ण, अनुशासित और संयमित तरीके से प्रदर्शन कर रहे थे। उन्होंने कोई अभद्र भाषा नहीं अपनाई थी। इसके बावजूद प्रशासन ने उनके रास्ते में कंटीले तार लगाए, आंसू गैस का प्रयोग किया और बेरहमी से लाठीचार्ज किया। शेलार ने इस घटना को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि इसकी जितनी भी निंदा की जाए, कम है।
राहुल गांधी और हेमंत सोरेन पर सवाल
शेलार ने स्पष्ट किया कि झारखंड की सत्ताधारी सरकार केवल झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) की नहीं है — कांग्रेस के 16 विधायक और 4 मंत्री इस गठबंधन सरकार का हिस्सा हैं। उन्होंने सीधे पूछा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और राहुल गांधी अब क्या रुख अपनाएंगे। उनका आरोप था कि राहुल गांधी ने दिल्ली में झूठी सहानुभूति दिखाई, लेकिन झारखंड में पीड़ित छात्रों के पास जाने की ज़हमत नहीं उठाई।
विपक्ष के दोहरेपन पर प्रहार
शेलार ने तर्क दिया कि विपक्ष का जंतर-मंतर के प्रदर्शनों पर ध्यान देना और रांची के प्रदर्शन को नज़रअंदाज़ करना उनके दोहरे मानदंड को उजागर करता है। उन्होंने राज ठाकरे और उद्धव ठाकरे की चुप्पी पर भी सवाल उठाए और पूछा कि क्या कांग्रेस इस हिंसा के विरोध में झारखंड के सत्ताधारी गठबंधन से बाहर निकलने का साहस दिखाएगी।
भाजपा का रुख और माफी की मांग
शेलार ने घोषणा की कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) झारखंड के युवाओं और छात्रों के साथ पूरी मज़बूती से खड़ी है। उन्होंने मांग की कि राहुल गांधी और कांग्रेस अपने दोहरे रवैये के लिए देश के युवाओं से बिना शर्त माफी मांगें। साथ ही उन्होंने कहा कि संसद समस्याओं के समाधान का मंच है, लेकिन विपक्ष गलत जानकारी फैलाकर कार्यवाही में बाधा डाल रहा है।
अमित शाह का संसद में जवाब देने का संकेत
शेलार ने यह भी कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह विपक्ष के सवालों का संसद में जवाब देने के लिए तैयार हैं। उन्होंने विपक्ष को चुनौती दी कि वे भागें नहीं और सच सुनने की हिम्मत रखें। आने वाले दिनों में यह मुद्दा संसद और झारखंड दोनों की राजनीति में गर्म रहने की संभावना है।