ई-रिक्शा से विधानसभा पहुंचे यूपी वित्त मंत्री सुरेश खन्ना, बोले — सप्ताह में एक दिन पेट्रोल-डीजल ज़रूर बचाएं
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने 29 मई 2026 को अपने कर्मचारियों के साथ ई-रिक्शा पर सवार होकर लखनऊ विधानसभा का रुख किया, जिससे ईंधन संरक्षण और इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को बढ़ावा देने का संदेश दिया। यह उनकी उस श्रृंखला की ताज़ा कड़ी है जिसमें वे पिछले कुछ हफ्तों से बारी-बारी साइकिल, मोटरसाइकिल और अब ई-रिक्शा से विधानसभा पहुँच रहे हैं।
मंत्री का संदेश: नागरिक जिम्मेदारी और ईंधन बचत
पत्रकारों से बातचीत में सुरेश खन्ना ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अपील के अनुरूप देश के हर नागरिक की जिम्मेदारी है कि वह पेट्रोलियम पदार्थों का उपयोग न्यूनतम रखे। उन्होंने कहा, 'सप्ताह में एक दिन इलेक्ट्रिकल व्हीकल से ऑफिस जाएंगे और इसी से वापस आएंगे।' उनके अनुसार, पीएम और सीएम की अपील का पालन करना ही उनकी इस पहल का आधार है।
वैश्विक परिस्थितियों का संदर्भ
खन्ना ने अंतरराष्ट्रीय तनाव का भी उल्लेख किया और कहा कि वैश्विक स्तर पर जो दबाव बना हुआ है, उसे बातचीत से सुलझाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा, 'पूरी दुनिया को संकट में नहीं डालना चाहिए।' उनका मानना है कि ऐसे चुनौतीपूर्ण समय में हर नागरिक को अपने नेतृत्व के साथ खड़े होकर सप्ताह में कम-से-कम एक दिन पेट्रोल और डीजल की बचत करनी चाहिए।
पिछले हफ्तों की पहल: साइकिल से बाइक तक
14 मई को सुरेश खन्ना साइकिल चलाकर कार्यालय पहुँचे थे। उस मौके पर उन्होंने बताया था कि भारत की ईंधन जरूरतों का लगभग 85–86 प्रतिशत आयात से पूरा होता है, जिससे भारी मात्रा में विदेशी मुद्रा खर्च होती है। 21 मई को वे बाइक से विधानसभा पहुँचे और तब भी उन्होंने तेल पर निर्भरता कम करने की अपील दोहराई थी।
आम जनता पर असर और आगे की राह
यह पहल सांकेतिक होते हुए भी एक व्यापक नीतिगत संदेश देती है — सरकारी अधिकारी और जनप्रतिनिधि यदि इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाएं, तो आम नागरिकों में भी जागरूकता बढ़ेगी। गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश सरकार इलेक्ट्रिक वाहन नीति के तहत ई-मोबिलिटी को प्रोत्साहित करती रही है। यह देखना होगा कि क्या यह व्यक्तिगत प्रयास किसी ठोस सरकारी अभियान का रूप लेता है।