14 जुलाई 2026
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ई-रिक्शा से विधानसभा पहुंचे यूपी वित्त मंत्री सुरेश खन्ना, बोले — सप्ताह में एक दिन पेट्रोल-डीजल ज़रूर बचाएं

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ई-रिक्शा से विधानसभा पहुंचे यूपी वित्त मंत्री सुरेश खन्ना, बोले — सप्ताह में एक दिन पेट्रोल-डीजल ज़रूर बचाएं

सारांश

यूपी वित्त मंत्री सुरेश खन्ना का ई-रिक्शा से विधानसभा जाना महज़ एक प्रतीकात्मक कदम नहीं — यह उनकी तीसरी ऐसी पहल है। साइकिल, बाइक और अब ई-रिक्शा — हर बार एक ही संदेश: सप्ताह में एक दिन पेट्रोल-डीजल बचाएं, क्योंकि भारत की 85–86% ईंधन ज़रूरत आयात से पूरी होती है।

मुख्य बातें

सुरेश खन्ना ने 29 मई 2026 को ई-रिक्शा से लखनऊ विधानसभा पहुँचकर इलेक्ट्रिक मोबिलिटी का संदेश दिया।
उन्होंने अपील की कि सप्ताह में एक दिन इलेक्ट्रिकल व्हीकल से आना-जाना करें और पेट्रोल-डीजल बचाएं।
भारत की ईंधन जरूरतों का लगभग 85–86 प्रतिशत आयात से पूरा होता है, जिससे भारी विदेशी मुद्रा खर्च होती है।
14 मई को साइकिल और 21 मई को बाइक से भी विधानसभा पहुँचे थे खन्ना।
यह पहल PM मोदी और CM योगी आदित्यनाथ की ईंधन बचत की अपील के अनुरूप बताई गई है।

उत्तर प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने 29 मई 2026 को अपने कर्मचारियों के साथ ई-रिक्शा पर सवार होकर लखनऊ विधानसभा का रुख किया, जिससे ईंधन संरक्षण और इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को बढ़ावा देने का संदेश दिया। यह उनकी उस श्रृंखला की ताज़ा कड़ी है जिसमें वे पिछले कुछ हफ्तों से बारी-बारी साइकिल, मोटरसाइकिल और अब ई-रिक्शा से विधानसभा पहुँच रहे हैं।

मंत्री का संदेश: नागरिक जिम्मेदारी और ईंधन बचत

पत्रकारों से बातचीत में सुरेश खन्ना ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अपील के अनुरूप देश के हर नागरिक की जिम्मेदारी है कि वह पेट्रोलियम पदार्थों का उपयोग न्यूनतम रखे। उन्होंने कहा, 'सप्ताह में एक दिन इलेक्ट्रिकल व्हीकल से ऑफिस जाएंगे और इसी से वापस आएंगे।' उनके अनुसार, पीएम और सीएम की अपील का पालन करना ही उनकी इस पहल का आधार है।

वैश्विक परिस्थितियों का संदर्भ

खन्ना ने अंतरराष्ट्रीय तनाव का भी उल्लेख किया और कहा कि वैश्विक स्तर पर जो दबाव बना हुआ है, उसे बातचीत से सुलझाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा, 'पूरी दुनिया को संकट में नहीं डालना चाहिए।' उनका मानना है कि ऐसे चुनौतीपूर्ण समय में हर नागरिक को अपने नेतृत्व के साथ खड़े होकर सप्ताह में कम-से-कम एक दिन पेट्रोल और डीजल की बचत करनी चाहिए।

पिछले हफ्तों की पहल: साइकिल से बाइक तक

14 मई को सुरेश खन्ना साइकिल चलाकर कार्यालय पहुँचे थे। उस मौके पर उन्होंने बताया था कि भारत की ईंधन जरूरतों का लगभग 85–86 प्रतिशत आयात से पूरा होता है, जिससे भारी मात्रा में विदेशी मुद्रा खर्च होती है। 21 मई को वे बाइक से विधानसभा पहुँचे और तब भी उन्होंने तेल पर निर्भरता कम करने की अपील दोहराई थी।

आम जनता पर असर और आगे की राह

यह पहल सांकेतिक होते हुए भी एक व्यापक नीतिगत संदेश देती है — सरकारी अधिकारी और जनप्रतिनिधि यदि इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाएं, तो आम नागरिकों में भी जागरूकता बढ़ेगी। गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश सरकार इलेक्ट्रिक वाहन नीति के तहत ई-मोबिलिटी को प्रोत्साहित करती रही है। यह देखना होगा कि क्या यह व्यक्तिगत प्रयास किसी ठोस सरकारी अभियान का रूप लेता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बाइक, ई-रिक्शा — प्रतीकात्मक राजनीति और वास्तविक नीतिगत इरादे के बीच की महीन रेखा पर चलती है। सवाल यह है कि क्या यह व्यक्तिगत प्रदर्शन किसी ठोस सरकारी अभियान या बजटीय प्रतिबद्धता में तब्दील होगा। जब तक ई-मोबिलिटी की सब्सिडी, चार्जिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर और सार्वजनिक परिवहन नीति एकसाथ आगे नहीं बढ़ती, मंत्री का ई-रिक्शा सफर एक अच्छी तस्वीर से ज़्यादा कुछ नहीं बन पाएगा।
RashtraPress
14 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सुरेश खन्ना ई-रिक्शा से विधानसभा क्यों गए?
उत्तर प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने ईंधन संरक्षण और इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को बढ़ावा देने के लिए 29 मई 2026 को ई-रिक्शा से विधानसभा का रुख किया। यह PM मोदी और CM योगी की पेट्रोलियम बचत अपील के अनुरूप उनकी पहल का हिस्सा है।
सुरेश खन्ना ने ईंधन बचत के लिए क्या अपील की?
उन्होंने कहा कि देश के हर नागरिक को सप्ताह में कम-से-कम एक दिन पेट्रोल और डीजल की बचत करनी चाहिए और उस दिन इलेक्ट्रिकल व्हीकल का उपयोग करना चाहिए। उनके अनुसार, यह राष्ट्रीय जिम्मेदारी है।
भारत अपनी ईंधन जरूरत का कितना हिस्सा आयात से पूरा करता है?
सुरेश खन्ना के अनुसार भारत की ईंधन जरूरतों का लगभग 85–86 प्रतिशत आयात से पूरा होता है, जिससे भारी मात्रा में विदेशी मुद्रा खर्च होती है। यही कारण है कि घरेलू स्तर पर ईंधन बचत को राष्ट्रीय प्राथमिकता बताया जा रहा है।
क्या सुरेश खन्ना पहले भी इस तरह की पहल कर चुके हैं?
हाँ, 14 मई को वे साइकिल से और 21 मई को बाइक से विधानसभा पहुँचे थे। हर बार उन्होंने तेल पर निर्भरता कम करने और PM-CM की अपील का पालन करने का आह्वान किया।
यह पहल किस व्यापक अभियान का हिस्सा है?
यह पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की उस अपील से प्रेरित बताई गई है जिसमें नागरिकों से पेट्रोलियम पदार्थों का उपयोग कम करने और इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने का आग्रह किया गया है। हालांकि, इसे किसी औपचारिक सरकारी अभियान से आधिकारिक रूप से नहीं जोड़ा गया है।
राष्ट्र प्रेस
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