ईंधन बचत अभियान: UP वित्त मंत्री सुरेश खन्ना पैदल चलकर पहुंचे आवास, बोले- 'यह राष्ट्रीय दायित्व'
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने गुरुवार, 21 मई को लखनऊ में अपने कार्यालय से पैदल चलकर अपने आवास तक पहुँचकर ईंधन बचत का व्यावहारिक संदेश दिया। यह कदम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की उस अपील के अनुरूप है जिसमें नागरिकों से पेट्रोल-डीजल की खपत घटाने का आग्रह किया गया है। खन्ना ने मीडिया से कहा कि यह केवल व्यक्तिगत प्रयास नहीं, बल्कि एक व्यापक राष्ट्रीय संदेश है।
मुख्य घटनाक्रम
वित्त मंत्री खन्ना ने बताया कि पिछले सप्ताह वे साइकिल से विधानसभा गए थे और साइकिल से ही लौटे थे। इस बार वे मोटरसाइकिल से विधानसभा गए, किंतु वापसी पैदल की। उनका कहना था कि छोटे-छोटे प्रयास भी दीर्घकालिक बदलाव की नींव रखते हैं।
ईंधन बचत क्यों ज़रूरी है
खन्ना ने कहा कि पेट्रोल और डीजल पर निर्भरता घटाने का सीधा लाभ देश के विदेशी मुद्रा भंडार को होगा और वैश्विक अस्थिरता के बीच भारत पर आर्थिक दबाव कम होगा। उन्होंने कहा, 'मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों में ऊर्जा संसाधनों का समझदारी से उपयोग करना बेहद ज़रूरी हो गया है।' गौरतलब है कि अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव का सीधा असर भारत के आयात बिल पर पड़ता है।
सरकार की प्रतिक्रिया और नीतिगत संदर्भ
खन्ना ने यह भी रेखांकित किया कि प्रधानमंत्री मोदी अंतरराष्ट्रीय समस्याओं के समाधान के लिए कूटनीतिक प्रयास करते रहे हैं, लेकिन जब तात्कालिक समाधान संभव न हो तो देश के नागरिकों की जिम्मेदारी बढ़ जाती है। उन्होंने नागरिकों से सरकार की ऊर्जा-बचत नीतियों में सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया।
आम जनता पर असर
वित्त मंत्री ने आम नागरिकों से अपील की कि वे छोटी दूरी पर पैदल चलें, साइकिल का उपयोग करें और अनावश्यक वाहन-उपयोग से बचें। उन्होंने कहा कि इससे न केवल ईंधन की बचत होगी बल्कि पर्यावरण पर भी सकारात्मक असर पड़ेगा। आज जब पेट्रोल-डीजल की कीमतें आम परिवारों पर बोझ बन रही हैं, यह सामूहिक प्रयास एक राष्ट्रीय चुनौती का व्यावहारिक उत्तर हो सकता है।
क्या होगा आगे
यह पहल उत्तर प्रदेश सरकार के स्तर पर ईंधन-बचत के प्रति जागरूकता बढ़ाने की कोशिशों का हिस्सा है। यदि मंत्रिमंडल के अन्य सदस्य भी इस तरह के प्रतीकात्मक कदम उठाते हैं, तो यह अभियान जन-आंदोलन का रूप ले सकता है।