पीएम मोदी की ईंधन बचाओ अपील: यूपी वित्त मंत्री सुरेश खन्ना बाइक से पहुंचे, नंद किशोर गुर्जर ने राहुल-अखिलेश पर साधा निशाना
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने 21 मई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ईंधन बचाने की अपील का पालन करते हुए मोटरसाइकिल से अपने कार्यालय पहुंचकर एक अनुकरणीय संदेश दिया। अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के बीच नेताओं से तेल पर निर्भरता घटाने की अपेक्षा की जा रही है, और खन्ना ने इसी भावना के तहत यह कदम उठाया।
मुख्य घटनाक्रम
सुरेश खन्ना ने बताया कि पीएम मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अपील के अनुपालन में पिछले हफ्ते वे साइकिल से और इस बार मोटरसाइकिल से दफ्तर आए। उन्होंने कहा, 'आज हम गाड़ी का इस्तेमाल नहीं करेंगे।' उन्होंने आम नागरिकों और सार्वजनिक जीवन में सक्रिय लोगों से भी पीएम की अपील का पालन करने का आग्रह किया।
नंद किशोर गुर्जर का अखिलेश और राहुल पर हमला
भारतीय जनता पार्टी (BJP) विधायक नंद किशोर गुर्जर ने कहा कि पीएम मोदी की अगुवाई में वैश्विक स्तर पर सनातन संस्कृति के प्रति रुझान बढ़ा है। उन्होंने दावा किया कि कई देशों में लोग सनातनी जीवन-पद्धति अपना रहे हैं। सीएम योगी के नेतृत्व में इलाहाबाद का नाम प्रयागराज और फैजाबाद का नाम अयोध्या किए जाने का उन्होंने उल्लेख किया।
गुर्जर ने समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि बंगाल में BJP की जीत के बाद अखिलेश यादव का रुख बदल गया है और उन्हें हनुमान चालीसा पढ़ते देखा जा सकता है। उन्होंने यूपी में सपा की हार को 'निश्चित' बताया।
राहुल गांधी पर तीखी टिप्पणी
कांग्रेस नेता राहुल गांधी के विदेश में दिए बयानों पर गुर्जर ने कहा कि वे जब भी देश से बाहर जाते हैं, भारत के विरुद्ध बोलते हैं और तथाकथित 'टुकड़े-टुकड़े गैंग' के साथ खड़े नज़र आते हैं। उनके अनुसार, पीएम मोदी को लेकर की गई राहुल गांधी की टिप्पणी का जनता जवाब देगी।
वंदे मातरम और राष्ट्रवाद पर बयान
गुर्जर ने वंदे मातरम के मुद्दे पर कहा कि कांग्रेस की ओर से मुस्लिम तुष्टिकरण के लिए बयानबाजी की जाती है। उनके अनुसार, अपने देश में राष्ट्रगान और राष्ट्रीय गीत न गाया जाए तो राष्ट्रवाद का कोई अर्थ नहीं रह जाता। उन्होंने बंगाल में कानून-व्यवस्था की स्थिति के संदर्भ में मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी को बधाई दी।
आगे क्या
ईंधन बचाओ अभियान के तहत नेताओं की यह प्रतीकात्मक पहल अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा संकट की पृष्ठभूमि में हो रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यूपी में आगामी चुनावी माहौल को देखते हुए BJP नेताओं के ये बयान सुर्खियों में बने रहेंगे।