सिंधिया की अपील: पीएम मोदी के ऊर्जा बचत आह्वान पर गुना-शिवपुरी दौरे में पेट्रोल-डीजल वाहन न लाएं
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने 22 मई को अपने दो दिवसीय संसदीय क्षेत्र प्रवास से पहले भोपाल में समर्थकों और क्षेत्रवासियों से आग्रह किया कि वे उनके आवागमन के दौरान पेट्रोल-डीजल वाहनों का उपयोग न करें। यह अपील उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 'ऊर्जा बचत' की राष्ट्रीय अपील के अनुरूप की, जिसमें वैश्विक परिस्थितियों के मद्देनज़र ईंधन की हर बूंद बचाने को राष्ट्रीय कर्तव्य बताया गया है।
सिंधिया की अपील का संदर्भ
मंत्री सिंधिया गुना, अशोकनगर और शिवपुरी के अपने दो दिवसीय दौरे पर निकलने से पहले अपने समर्थकों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने अपने फेसबुक पेज पर लिखा कि प्रधानमंत्री मोदी के आह्वान के अनुसार, वैश्विक परिस्थितियों के इस दौर में पेट्रोल-डीजल की एक-एक बूंद बचाना हम सभी का राष्ट्रीय कर्तव्य है।
उन्होंने लिखा, 'मेरा आप सभी से विनम्र आग्रह है कि मेरे आवागमन के दौरान पेट्रोल-डीजल वाहनों का उपयोग न करें। आपका स्नेह और आशीर्वाद ही मेरे लिए सबसे बड़ी शक्ति है।'
पीएम मोदी की मूल अपील
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री मोदी ने हैदराबाद के सिकंदराबाद परेड ग्राउंड में एक जनसभा को संबोधित करते हुए देशवासियों से अगले एक साल तक सोने की खरीद कम करने की अपील की थी, ताकि विदेशी मुद्रा की बचत हो सके। इसके साथ ही उन्होंने ईंधन की खपत घटाने के लिए भी कई सुझाव दिए थे। सिंधिया की यह अपील उसी राष्ट्रीय भावना की कड़ी है।
सादगी और राष्ट्रीय दायित्व का संदेश
सिंधिया ने कहा कि सार्वजनिक जीवन में सादगी, जिम्मेदारी और संसाधनों का विवेकपूर्ण उपयोग अपनाना आज समय की माँग है। उन्होंने जोर देकर कहा कि देशहित में बचाया गया ईंधन राष्ट्र के प्रति हमारी संवेदनशीलता और जिम्मेदारी का प्रतीक है।
उन्होंने क्षेत्रवासियों से जिम्मेदार नागरिक के रूप में इस पहल में भागीदारी का आग्रह करते हुए कहा कि 'सामूहिक छोटे प्रयास भी राष्ट्रहित में बड़े परिवर्तन का आधार बनते हैं।'
आम जनता पर असर
यह अपील विशेष रूप से उन समर्थकों और कार्यकर्ताओं के लिए है जो मंत्री के स्वागत या विदाई के लिए वाहन लेकर आते हैं। सिंधिया ने स्पष्ट किया कि उनका स्नेह और उपस्थिति ही पर्याप्त है — ईंधन खर्च करना अनिवार्य नहीं। यह संदेश राजनीतिक आयोजनों में होने वाले वाहन-केंद्रित प्रदर्शन की परंपरा पर भी एक सौम्य टिप्पणी है।
क्या होगा आगे
सिंधिया का यह रुख उन नेताओं के लिए एक उदाहरण बन सकता है जो जनसभाओं और दौरों में ईंधन की बर्बादी को कम करने की दिशा में पहल करना चाहते हैं। पीएम मोदी की ऊर्जा बचत अपील के बाद यह देखना होगा कि अन्य केंद्रीय मंत्री और राज्य नेता भी इसी तरह के कदम उठाते हैं या नहीं।