हिंदी दिवस पर इज़रायली राजदूत रूवेन अजार ने हिंदी में दी शुभकामनाएं, भारत-इज़रायल दोस्ती का दिया संदेश
सारांश
मुख्य बातें
भारत में इज़रायल के राजदूत रूवेन अजार ने 14 सितंबर 2026 को हिंदी दिवस के अवसर पर सभी भारतवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं दीं — और इस बार खास बात यह रही कि उन्होंने यह बधाई संदेश स्वयं हिंदी भाषा में दिया। राजदूत ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक वीडियो संदेश साझा किया, जिसमें उन्होंने हिंदी में अपनी भावनाएं व्यक्त कीं।
राजदूत का संदेश: हिंदी और हिब्रू — दो प्राचीन, जीवंत भाषाएं
अपनी एक्स पोस्ट में राजदूत रूवेन अजार ने लिखा, 'हिंदी और हिब्रू, यह दो प्राचीन भाषाएं, जो आज भी जीवंत हैं। हिंदी दिवस के अवसर पर इज़रायल की ओर से आप सभी को हार्दिक शुभकामनाएं।' यह संदेश भारत और इज़रायल के बीच सांस्कृतिक निकटता को रेखांकित करता है।
वीडियो संदेश में उन्होंने कहा, 'नमस्ते, मैं रूवेन अजार, भारत में इज़रायल का राजदूत हूं। मैं दो वर्ष पहले भारत आया था और तभी से मैंने हिंदी सीखनी शुरू कर दी थी। आज दो साल बाद हिंदी दिवस के अवसर पर मैं आप सभी को हार्दिक शुभकामनाएं देता हूं।'
भारत-इज़रायल सांस्कृतिक जुड़ाव की पृष्ठभूमि
गौरतलब है कि इज़रायल लगातार भारतीय त्योहारों और सांस्कृतिक अवसरों पर अपनी सक्रिय भागीदारी दर्ज कराता रहा है। यह इज़रायल के राजनयिक दृष्टिकोण का एक महत्वपूर्ण पहलू बन चुका है — जिसमें भारत की भाषा और संस्कृति के प्रति आत्मीय सम्मान झलकता है।
इससे पहले रक्षाबंधन के अवसर पर इज़रायली दूतावास में राखी का त्योहार मनाया गया था। उस मौके पर इज़रायली दूतावास के राजनीतिक सलाहकार और युवा राजनयिक नित्तई बेन-हाइम को भारतीय बहनों ने राखी बांधी थी।
रक्षाबंधन से हिंदी दिवस तक: दोस्ती के प्रतीक
इज़रायली दूतावास ने रक्षाबंधन पर अपनी एक्स पोस्ट में राखी बांधने का वीडियो साझा करते हुए लिखा था, 'भारत + इज़रायल = एक मजबूत और खूबसूरत दोस्ती का बंधन!' दूतावास ने इस अवसर को दोनों देशों के बीच मज़बूत रिश्ते से जोड़ा था।
यह ऐसे समय में आया है जब भारत और इज़रायल के बीच रणनीतिक, रक्षा और व्यापारिक संबंध तेज़ी से गहरे हो रहे हैं। सांस्कृतिक कूटनीति के ये प्रयास दोनों देशों के जन-से-जन संबंधों को और मज़बूत आधार देते हैं।
हिंदी दिवस का महत्व
14 सितंबर को हिंदी दिवस के रूप में मनाया जाता है, क्योंकि इसी दिन 1949 में संविधान सभा ने देवनागरी लिपि में हिंदी को भारत की राजभाषा के रूप में स्वीकार किया था। राजदूत रूवेन अजार का हिंदी में दिया गया यह संदेश इस दिन के महत्व को और बढ़ा देता है।
आने वाले दिनों में भारत-इज़रायल के बीच इस सांस्कृतिक कूटनीति के और अधिक मज़बूत होने की संभावना है, जो दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों की व्यापक प्रगति का हिस्सा है।