इजरायली राजदूत रूवेन अजार: आतंकवाद के खिलाफ भारत-इजरायल एकजुट, ऑपरेशन एंटेबे की 50वीं वर्षगांठ पर बड़ा संदेश
सारांश
मुख्य बातें
भारत में इजरायल के राजदूत रूवेन अजार ने 30 जून 2026 को नई दिल्ली में स्पष्ट किया कि आतंकवाद के सामने दुनिया को कभी घुटने नहीं टेकने चाहिए। ऑपरेशन एंटेबे की 50वीं वर्षगांठ से ठीक पहले दिए गए इस बयान में उन्होंने भारत और इजरायल के बीच गहराते रणनीतिक सहयोग को भी रेखांकित किया।
आतंकवाद पर राजदूत का कड़ा रुख
राजदूत अजार ने कहा, "हम देख रहे हैं कि अंतरराष्ट्रीय नियमों का लगातार गलत इस्तेमाल करने की कोशिश हो रही है। निर्दोष लोगों को नुकसान पहुंचाकर गलत और भ्रामक तरीके से राजनीतिक मकसद हासिल करने की कोशिश की जाती है।" उन्होंने जोड़ा, "मेरा मानना है कि भारत, इजरायल और पूरी दुनिया का लक्ष्य यही होना चाहिए कि आतंकवाद के सामने कभी हार न मानी जाए।"
अजार ने 7 अक्टूबर के हमले का संदर्भ देते हुए कहा कि पिछले कुछ वर्षों में इजरायल अपने इतिहास के सबसे कठिन और सबसे लंबे युद्धों में से एक से गुज़रा है। उन्होंने कहा, "हमें यह सुनिश्चित करना था कि ऐसा दोबारा कभी न हो — इसी वजह से हमने एक व्यापक अभियान शुरू किया।"
ऑपरेशन एंटेबे की 50वीं वर्षगांठ का महत्व
यूनाइटेड सर्विस इंस्टीट्यूशन ऑफ इंडिया, नई दिल्ली में आयोजित 'ऑपरेशन एंटेबे के 50 वर्ष' कार्यक्रम में भाग लेने के बाद राजदूत ने कहा कि यह अभियान आज भी दुनिया के लिए प्रेरणास्रोत है। उनके शब्दों में, "एंटेबे अभियान ने हमें यह भरोसा दिया कि दुनिया को दिखाया जा सकता है कि आतंकवाद को हराया जा सकता है। एंटेबे से मिली सीख आज भी दुनिया के कई देशों के लिए उतनी ही महत्वपूर्ण है।"
गौरतलब है कि 1976 में युगांडा के एंटेबे हवाई अड्डे पर इजरायली कमांडो ने एक अपहृत विमान के यात्रियों को मुक्त कराया था — यह अभियान आतंकवाद-विरोधी कार्रवाइयों के इतिहास में मील का पत्थर माना जाता है।
भारत-इजरायल रक्षा सहयोग की नई ऊंचाई
राजदूत अजार ने बताया कि इजरायल के रक्षा मंत्रालय के महानिदेशक और सेवानिवृत्त मेजर जनरल अमीर बराम पिछले सप्ताह भारत की यात्रा पर आए, जिसके दौरान दोनों देशों की रक्षा क्षमताओं को और सुदृढ़ बनाने से जुड़े कई महत्वपूर्ण कार्यक्रमों पर आगे काम हुआ।
यह ऐसे समय में आया है जब इस वर्ष की शुरुआत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इजरायल यात्रा के दौरान हस्ताक्षरित कई समझौतों को ज़मीन पर लागू किया जा रहा है। अजार ने कहा, "मुझे पूरा भरोसा है कि जैसे-जैसे हम साथ मिलकर काम करते रहेंगे, उससे मिलने वाले समाधान और फायदे भारत और इजरायल दोनों देशों के लोगों के लिए उपयोगी साबित होंगे।"
आगे की राह
दोनों देशों के बीच रक्षा, प्रौद्योगिकी और आतंकवाद-विरोधी सहयोग के क्षेत्र में साझेदारी लगातार विस्तार पा रही है। आलोचकों का कहना है कि गाज़ा संघर्ष के मद्देनज़र भारत के लिए इस साझेदारी को कूटनीतिक संतुलन के साथ आगे बढ़ाना एक जटिल चुनौती बनी हुई है। फिर भी, दोनों पक्षों के बयान यह संकेत देते हैं कि द्विपक्षीय संबंध नई व्यावहारिक गहराई की ओर बढ़ रहे हैं।