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ईरान पर फिर सैन्य कार्रवाई संभव: नई दिल्ली में इजरायली राजदूत रियूवेन अजार की चेतावनी

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ईरान पर फिर सैन्य कार्रवाई संभव: नई दिल्ली में इजरायली राजदूत रियूवेन अजार की चेतावनी

सारांश

नई दिल्ली में इजरायली राजदूत रियूवेन अजार ने साफ कहा — ईरान पर भरोसा नहीं किया जा सकता और जरूरत पड़ी तो सैन्य कार्रवाई फिर होगी। सीजफायर के बावजूद 1,000 से अधिक रॉकेट और 12 मौतों के बाद हिज्बुल्लाह पर बेरूत में हमले का आदेश — वेस्ट एशिया की आग अभी बुझी नहीं है।

मुख्य बातें

इजरायली राजदूत रियूवेन अजार ने 1 जून 2026 को नई दिल्ली में कहा — जरूरत पड़ी तो ईरान पर फिर सैन्य कार्रवाई होगी।
अजार ने आरोप लगाया कि ईरान NPT और IAEA के नियमों का पालन नहीं कर रहा और अंतरराष्ट्रीय समुदाय को गुमराह कर रहा है।
प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने बेरूत के दक्षिणी उपनगर में हिज्बुल्लाह के ठिकानों पर हमले का आदेश दिया।
सीजफायर के बाद 1,000 से अधिक रॉकेट दागे गए, ड्रोन हमले हुए और 12 लोगों की मौत हुई।
इजरायल ने कहा — जब तक हिज्बुल्लाह स्थायी संघर्षविराम नहीं मानता, कार्रवाई जारी रहेगी।

नई दिल्ली स्थित इजरायली दूतावास के राजदूत रियूवेन अजार ने 1 जून 2026 को स्पष्ट किया कि यदि परिस्थितियाँ माँग करें, तो इजरायल ईरान के विरुद्ध पुनः सैन्य कार्रवाई करने से नहीं हिचकेगा। उनका यह बयान ऐसे समय में आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच संभावित परमाणु समझौते की चर्चा अंतरराष्ट्रीय मंचों पर तेज़ है और वेस्ट एशिया में स्थिरता बहाल करने के प्रयास जारी हैं।

ईरान पर सैन्य कार्रवाई की चेतावनी

राजदूत अजार ने कहा, 'दुर्भाग्य की बात है लेकिन ईरान पर भरोसा नहीं किया जा सकता, इसलिए संघर्षविराम की शर्तों को लेकर बहुत सावधानी बरतनी चाहिए।' उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इजरायल जरूरत पड़ने पर ईरान के खिलाफ फिर से सैन्य कार्रवाई कर सकता है। यह बयान इस लिहाज़ से महत्वपूर्ण है क्योंकि इजरायल पहले भी ईरानी परमाणु और सैन्य ठिकानों को निशाना बना चुका है।

ईरान का परमाणु कार्यक्रम और अंतरराष्ट्रीय नियमों का उल्लंघन

यूरेनियम संवर्धन कार्यक्रम को ईरानी पक्ष द्वारा 'कानूनी अधिकार' बताए जाने पर अजार ने पलटवार किया। उन्होंने आरोप लगाया कि 'ईरान वर्षों से अंतरराष्ट्रीय समुदाय को गुमराह कर रहा है और परमाणु अप्रसार संधि (NPT) तथा अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) के नियमों का पालन नहीं कर रहा है।' उन्होंने दावा किया कि IAEA की रिपोर्टें भी ईरान को नियम-उल्लंघनकर्ता के रूप में चिह्नित करती हैं। गौरतलब है कि जो भी देश कानूनी अधिकारों का दावा करता है, उसे उस अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था का पालन भी करना होगा — यह अजार का केंद्रीय तर्क था।

वेस्ट एशिया में 'ग्रेटर वेस्ट एशिया' की अवधारणा

अजार से 'ग्रेटर वेस्ट एशिया' की अवधारणा और पारंपरिक भू-राजनीतिक संतुलन पर उसके प्रभाव के बारे में पूछा गया। उन्होंने कहा, 'ईरानी सत्ता विगत दो दशकों से लोगों के लिए खतरा बनी हुई है। जॉर्डन समेत कई देश जो अब्राहम समझौते के समर्थक हैं, इस खतरे को दूर करना चाहते हैं।' उन्होंने यह भी जोड़ा कि अमेरिका के साथ बातचीत जारी है और इजरायल इस क्षेत्र की सुरक्षा के साथ-साथ आर्थिक समृद्धि में भी योगदान देने को तैयार है।

लेबनान में हिज्बुल्लाह के खिलाफ कार्रवाई

इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने सोमवार को बेरूत के दक्षिणी उपनगर में हिज्बुल्लाह के ठिकानों पर हमले का आदेश दिया। राजदूत अजार ने इस कार्रवाई का बचाव करते हुए कहा, 'सीजफायर के बाद भी 1,000 से अधिक रॉकेट दागे गए हैं, ड्रोन (UAV) का इस्तेमाल हुआ है और 12 लोगों की मौत हुई है — यह स्थिति स्वीकार्य नहीं है।' उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक हिज्बुल्लाह हमले रोकने वाला स्थायी संघर्षविराम नहीं मानता, तब तक कार्रवाई जारी रहेगी।

आगे क्या होगा

वेस्ट एशिया में स्थिरता की राह अभी लंबी दिखती है। एक ओर अमेरिका-ईरान वार्ता में संभावित सफलता की उम्मीद है, वहीं दूसरी ओर इजरायल का रुख साफ है — सुरक्षा से कोई समझौता नहीं। विशेषज्ञों के अनुसार, अगले कुछ हफ्तों में NPT और IAEA के ढाँचे के भीतर ईरान की स्थिति निर्णायक भूमिका निभाएगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

दूसरी ओर बेरूत में हमले जारी हैं। मुख्यधारा की कवरेज अक्सर यह नज़रअंदाज़ करती है कि 'स्थायी संघर्षविराम' की इजरायली परिभाषा और हिज्बुल्लाह की परिभाषा में ज़मीन-आसमान का फर्क है — और यही फर्क वेस्ट एशिया में शांति की सबसे बड़ी बाधा बना हुआ है।
RashtraPress
18 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इजरायली राजदूत रियूवेन अजार ने ईरान पर क्या कहा?
राजदूत अजार ने कहा कि इजरायल जरूरत पड़ने पर ईरान के खिलाफ फिर से सैन्य कार्रवाई कर सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि ईरान पर भरोसा नहीं किया जा सकता और संघर्षविराम की शर्तों पर बहुत सावधानी बरतनी होगी।
बेरूत में हिज्बुल्लाह पर हमले का आदेश क्यों दिया गया?
इजरायली राजदूत के अनुसार, सीजफायर के बाद भी 1,000 से अधिक रॉकेट दागे गए, ड्रोन हमले हुए और 12 लोगों की मौत हुई। इसी के जवाब में प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने बेरूत के दक्षिणी उपनगर में हिज्बुल्लाह के ठिकानों पर हमले का आदेश दिया।
ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर इजरायल का क्या रुख है?
इजरायल का आरोप है कि ईरान NPT और IAEA के नियमों का पालन नहीं कर रहा और वर्षों से अंतरराष्ट्रीय समुदाय को गुमराह कर रहा है। राजदूत अजार ने कहा कि IAEA की रिपोर्टें भी ईरान को नियम-उल्लंघनकर्ता बताती हैं।
अब्राहम समझौते और 'ग्रेटर वेस्ट एशिया' की अवधारणा क्या है?
अब्राहम समझौते के तहत कई अरब देशों ने इजरायल के साथ संबंध सामान्य किए हैं। 'ग्रेटर वेस्ट एशिया' की अवधारणा इस क्षेत्र में ईरानी प्रभाव को सीमित कर आर्थिक और सुरक्षा सहयोग बढ़ाने की सोच है, जिसे जॉर्डन जैसे देश भी समर्थन देते हैं।
वेस्ट एशिया में शांति की संभावना अभी कितनी है?
अमेरिका-ईरान के बीच संभावित परमाणु समझौते की चर्चा जारी है, लेकिन इजरायल का रुख सख्त बना हुआ है। जब तक हिज्बुल्लाह स्थायी संघर्षविराम नहीं मानता और ईरान IAEA नियमों का पालन नहीं करता, क्षेत्र में तनाव बने रहने की आशंका है।
राष्ट्र प्रेस
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