इजरायल के राजदूत ने भारत के समुद्री आवाजाही के समर्थन की प्रशंसा की
सारांश
Key Takeaways
- भारत अपने राष्ट्रीय हितों को मजबूती से आगे बढ़ा रहा है।
- इजरायल के राजदूत ने भारत के समुद्री आवाजाही के समर्थन की प्रशंसा की।
- सीजफायर से पश्चिम एशिया में शांति की संभावना है।
- भारत और इजरायल के संबंध मजबूत हो रहे हैं।
- ईरान की गतिविधियों पर ध्यान देने की आवश्यकता है।
नई दिल्ली, 9 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। भारत में इजरायल के राजदूत रूवेन अजार ने कहा है कि भारत वैश्विक तनाव के बावजूद अपने राष्ट्रीय हितों को मजबूती से आगे बढ़ा रहा है। उन्होंने गुरुवार को होर्मुज स्ट्रेट में व्यावसायिक समुद्री मार्गों का उपयोग फिर से शुरू करने की कोशिशों के बीच, बिना किसी रुकावट के नेविगेशन की स्वतंत्रता पर नई दिल्ली के दृष्टिकोण की सराहना की।
अजार ने समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस को एक विशेष साक्षात्कार में बताया, "भारत अपने हितों का ध्यान रखते हुए कार्य कर रहा है। हमारे संबंध बहुत मजबूत हैं, विशेषकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इजरायल यात्रा के बाद। उस यात्रा के फलस्वरूप रक्षा, वित्त, बुनियादी ढांचा, तकनीक, एआई और शिक्षा जैसे कई क्षेत्रों में सकारात्मक समझौते किए गए। हमें यह जानकर खुशी है कि भारत समुद्री मार्गों पर बिना रुकावट आवाजाही का समर्थन करता है। यह आवश्यक है कि देश एक साथ मिलकर अंतरराष्ट्रीय कानून का सम्मान करें और समुद्री रास्तों में किसी भी प्रकार का दबाव न बनने दें।
भारत ने बुधवार को अमेरिका और ईरान के बीच हुए सीजफायर का स्वागत किया। भारत को उम्मीद है कि इससे पश्चिम एशिया में स्थायी शांति का मार्ग प्रशस्त होगा।
विदेश मंत्रालय के अनुसार, "हम पहले भी कह चुके हैं कि तनाव को कम करना, बातचीत और कूटनीति ही इस संघर्ष को समाप्त करने का सही तरीका है। इस संघर्ष से बहुत से लोगों को नुकसान हुआ है और दुनिया भर में ऊर्जा आपूर्ति और व्यापार भी प्रभावित हुआ है। हमें उम्मीद है कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में व्यापार और जहाजों की आवाजाही बिना किसी रुकावट के जारी रहेगी।"
भारत हमेशा से शांति का समर्थन करता रहा है और हर उस कदम का स्वागत करता है जिससे स्थिरता आए। भारत को आशा है कि पश्चिम एशिया में हो रहे ये नए बदलाव यूक्रेन में भी शांति की कोशिशों को बढ़ावा देंगे।
इजरायली राजदूत ने कहा कि ईरान की गतिविधियों के कारण कई देश अब एकजुट हो रहे हैं।
उन्होंने कहा, अब लोग समझ रहे हैं कि यह शासन कितना आक्रामक है। यदि ईरान को अपनी धमकियां पूरी करने दिया जाता तो स्थिति और भी गंभीर हो सकती थी। अब इस खतरे को लेकर जन जागरूकता बढ़ रही है। उन्होंने यह भी कहा कि इजरायल को उम्मीद है कि ईरान अब अमेरिका के साथ मिलकर शांति की दिशा में काम करेगा, खासकर तब जब उसके परमाणु कार्यक्रम जैसे बड़े खतरे कम हो गए हैं।
इजरायली राजदूत ने कहा, "हम संतुष्ट हैं। हमने अपनी सैन्य कार्रवाई पूरी कर ली है और अब हमें खुशी है कि कूटनीति को फिर से एक मौका मिलेगा। हमें उम्मीद है कि ईरान इस अवसर को समझेगा और राष्ट्रपति ट्रंप की 15 सूत्रीय योजना पर सहयोग करेगा। यदि ऐसा होता है तो न केवल ईरान को राहत मिलेगी, बल्कि पूरे क्षेत्र को भी लाभ होगा।"
अंत में उन्होंने कहा, "हम इसे लागू होते देखना चाहते हैं, लेकिन यदि सीजफायर का पालन नहीं किया गया या तनाव फिर से बढ़ा, तो हम तैयार हैं। हमारी सेना तैयार है और हम अपनी रक्षा करेंगे।