हिंदी दिवस 2026: ओम बिड़ला, अमित शाह समेत केंद्रीय मंत्रियों ने दी बधाई, वाजपेयी की विरासत को किया याद
सारांश
मुख्य बातें
हिंदी दिवस के अवसर पर 14 सितंबर 2026 को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और अनेक केंद्रीय मंत्रियों ने देशवासियों को शुभकामनाएं दीं तथा हिंदी को भारत की पहचान और स्वाभिमान का प्रतीक बताया। नेताओं ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर अपने संदेश साझा करते हुए हिंदी को डिजिटल युग में और सशक्त बनाने का आह्वान किया।
ओम बिड़ला ने वाजपेयी की विरासत को किया याद
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने अपने एक्स पोस्ट में अक्टूबर 1977 की उस ऐतिहासिक घटना को याद किया, जब तत्कालीन विदेश मंत्री और बाद में प्रधानमंत्री बने अटल बिहारी वाजपेयी ने संयुक्त राष्ट्र महासभा के 32वें सत्र में हिंदी में संबोधन दिया था। बिड़ला ने कहा कि वाजपेयी, संयुक्त राष्ट्र को हिंदी में संबोधित करने वाले पहले व्यक्ति थे, और उस भाषण में वसुधैव कुटुंबकम, परमाणु निरस्त्रीकरण, गुटनिरपेक्षता तथा आतंकवाद जैसे विषय उठाए गए थे।
बिड़ला ने कहा, 'संयुक्त राष्ट्र के मंच पर अटल वाजपेयी के उस भाषण में भारत का आत्मविश्वास झलक रहा था, जो अपनी भाषा में दुनिया से बात करने के लिए पूरी तरह तैयार था।' उन्होंने आगे कहा कि करीब पाँच दशकों बाद हिंदी की यह यात्रा और भी व्यापक हो चुकी है — साहित्य और पत्रकारिता से लेकर सिनेमा, टेलीविज़न, शिक्षा और डिजिटल दुनिया तक।
अमित शाह का संकल्प: सभी भारतीय भाषाओं को साथ लेकर आगे
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने एक्स पर लिखा कि राजभाषा के रूप में हिंदी जनसंवाद, सुशासन और राष्ट्रीय एकात्मता को सुदृढ़ करने में अहम भूमिका निभा रही है। उन्होंने कहा, 'सभी भारतीय भाषाओं को साथ लेकर आगे बढ़ने वाली हिंदी अब तकनीक और शोध की भाषा भी बन रही है।' शाह ने हिंदी को समृद्ध बनाने में योगदान देने वाले महापुरुषों को नमन किया और सभी भाषाओं को सशक्त बनाने का संकल्प लेने का आह्वान किया।
अन्य मंत्रियों की प्रतिक्रियाएं
केंद्रीय कानून एवं न्याय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने एक्स पर कहा, 'हिन्दी केवल एक भाषा नहीं, बल्कि भारत की आत्मा की अभिव्यक्ति है। यह हमारी संस्कृति, संस्कार और जीवन-मूल्यों की आधारशिला है।' उन्होंने हिंदी को भाषाई रूप से आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में सहायक बताया।
केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने अपनी एक्स पोस्ट में 'विविधता में एकता' की भावना को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि हिंदी ने सदियों से संवाद, सहभागिता और आत्मीयता की एक कड़ी का कार्य किया है और देश के अलग-अलग हिस्सों को एक-दूसरे से जोड़ा है। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने भी हिंदी दिवस पर शुभकामनाएं दीं।
केंद्रीय मंत्री और उत्तर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष पंकज चौधरी ने एक्स पर लिखा, 'हिंदी हमारी पहचान है, हिंदी हमारा स्वाभिमान है।' उनके इस संदेश ने इस दिन की केंद्रीय भावना को संक्षेप में व्यक्त किया।
डिजिटल युग में हिंदी की बढ़ती भूमिका
बिड़ला ने यह भी रेखांकित किया कि इंटरनेट, सोशल मीडिया, डिजिटल शिक्षा, तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के समय में भारतीय भाषाओं की भूमिका लगातार महत्वपूर्ण होती जा रही है। यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक स्तर पर हिंदी कंटेंट की माँग तेज़ी से बढ़ रही है और तकनीकी कंपनियाँ भारतीय भाषाओं में अपनी सेवाओं का विस्तार कर रही हैं।
आगे की राह
गौरतलब है कि हर वर्ष 14 सितंबर को हिंदी दिवस मनाया जाता है, क्योंकि इसी दिन 1949 में संविधान सभा ने हिंदी को भारत की राजभाषा के रूप में स्वीकार किया था। इस बार नेताओं का जोर केवल औपचारिक बधाई तक सीमित नहीं रहा — बल्कि हिंदी को नई पीढ़ी, नई तकनीक और वैश्विक मंच से जोड़ने के संकल्प पर रहा। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि ये संकल्प नीतिगत कदमों में किस हद तक परिवर्तित होते हैं।