14 सितंबर 2026
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हिंदी दिवस 2026: ओम बिड़ला, अमित शाह समेत केंद्रीय मंत्रियों ने दी बधाई, वाजपेयी की विरासत को किया याद

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हिंदी दिवस 2026: ओम बिड़ला, अमित शाह समेत केंद्रीय मंत्रियों ने दी बधाई, वाजपेयी की विरासत को किया याद

सारांश

हिंदी दिवस 2026 पर केंद्र सरकार के शीर्ष नेताओं ने एकसुर में हिंदी को राष्ट्रीय गौरव का प्रतीक बताया। ओम बिड़ला ने वाजपेयी के 1977 के संयुक्त राष्ट्र भाषण को याद दिलाया, तो अमित शाह ने हिंदी को तकनीक और शोध की भाषा बनाने का आह्वान किया — संदेश एक था: हिंदी सिर्फ राजभाषा नहीं, बल्कि डिजिटल भारत की आवाज़ है।

मुख्य बातें

14 सितंबर 2026 को हिंदी दिवस पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला , गृह मंत्री अमित शाह समेत अनेक केंद्रीय मंत्रियों ने शुभकामनाएं दीं।
ओम बिड़ला ने अक्टूबर 1977 में अटल बिहारी वाजपेयी द्वारा संयुक्त राष्ट्र महासभा के 32वें सत्र में हिंदी में दिए ऐतिहासिक भाषण का उल्लेख किया।
अमित शाह ने हिंदी को तकनीक और शोध की भाषा बताते हुए सभी भारतीय भाषाओं को साथ लेकर चलने का आह्वान किया।
हरदीप सिंह पुरी ने 'विविधता में एकता' की भावना को रेखांकित करते हुए हिंदी को सांस्कृतिक सेतु बताया।
नेताओं ने हिंदी को डिजिटल इंडिया, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और वैश्विक संवाद से जोड़ने पर बल दिया।

हिंदी दिवस के अवसर पर 14 सितंबर 2026 को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और अनेक केंद्रीय मंत्रियों ने देशवासियों को शुभकामनाएं दीं तथा हिंदी को भारत की पहचान और स्वाभिमान का प्रतीक बताया। नेताओं ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर अपने संदेश साझा करते हुए हिंदी को डिजिटल युग में और सशक्त बनाने का आह्वान किया।

ओम बिड़ला ने वाजपेयी की विरासत को किया याद

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने अपने एक्स पोस्ट में अक्टूबर 1977 की उस ऐतिहासिक घटना को याद किया, जब तत्कालीन विदेश मंत्री और बाद में प्रधानमंत्री बने अटल बिहारी वाजपेयी ने संयुक्त राष्ट्र महासभा के 32वें सत्र में हिंदी में संबोधन दिया था। बिड़ला ने कहा कि वाजपेयी, संयुक्त राष्ट्र को हिंदी में संबोधित करने वाले पहले व्यक्ति थे, और उस भाषण में वसुधैव कुटुंबकम, परमाणु निरस्त्रीकरण, गुटनिरपेक्षता तथा आतंकवाद जैसे विषय उठाए गए थे।

बिड़ला ने कहा, 'संयुक्त राष्ट्र के मंच पर अटल वाजपेयी के उस भाषण में भारत का आत्मविश्वास झलक रहा था, जो अपनी भाषा में दुनिया से बात करने के लिए पूरी तरह तैयार था।' उन्होंने आगे कहा कि करीब पाँच दशकों बाद हिंदी की यह यात्रा और भी व्यापक हो चुकी है — साहित्य और पत्रकारिता से लेकर सिनेमा, टेलीविज़न, शिक्षा और डिजिटल दुनिया तक।

अमित शाह का संकल्प: सभी भारतीय भाषाओं को साथ लेकर आगे

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने एक्स पर लिखा कि राजभाषा के रूप में हिंदी जनसंवाद, सुशासन और राष्ट्रीय एकात्मता को सुदृढ़ करने में अहम भूमिका निभा रही है। उन्होंने कहा, 'सभी भारतीय भाषाओं को साथ लेकर आगे बढ़ने वाली हिंदी अब तकनीक और शोध की भाषा भी बन रही है।' शाह ने हिंदी को समृद्ध बनाने में योगदान देने वाले महापुरुषों को नमन किया और सभी भाषाओं को सशक्त बनाने का संकल्प लेने का आह्वान किया।

अन्य मंत्रियों की प्रतिक्रियाएं

केंद्रीय कानून एवं न्याय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने एक्स पर कहा, 'हिन्दी केवल एक भाषा नहीं, बल्कि भारत की आत्मा की अभिव्यक्ति है। यह हमारी संस्कृति, संस्कार और जीवन-मूल्यों की आधारशिला है।' उन्होंने हिंदी को भाषाई रूप से आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में सहायक बताया।

केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने अपनी एक्स पोस्ट में 'विविधता में एकता' की भावना को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि हिंदी ने सदियों से संवाद, सहभागिता और आत्मीयता की एक कड़ी का कार्य किया है और देश के अलग-अलग हिस्सों को एक-दूसरे से जोड़ा है। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने भी हिंदी दिवस पर शुभकामनाएं दीं।

केंद्रीय मंत्री और उत्तर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष पंकज चौधरी ने एक्स पर लिखा, 'हिंदी हमारी पहचान है, हिंदी हमारा स्वाभिमान है।' उनके इस संदेश ने इस दिन की केंद्रीय भावना को संक्षेप में व्यक्त किया।

डिजिटल युग में हिंदी की बढ़ती भूमिका

बिड़ला ने यह भी रेखांकित किया कि इंटरनेट, सोशल मीडिया, डिजिटल शिक्षा, तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के समय में भारतीय भाषाओं की भूमिका लगातार महत्वपूर्ण होती जा रही है। यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक स्तर पर हिंदी कंटेंट की माँग तेज़ी से बढ़ रही है और तकनीकी कंपनियाँ भारतीय भाषाओं में अपनी सेवाओं का विस्तार कर रही हैं।

आगे की राह

गौरतलब है कि हर वर्ष 14 सितंबर को हिंदी दिवस मनाया जाता है, क्योंकि इसी दिन 1949 में संविधान सभा ने हिंदी को भारत की राजभाषा के रूप में स्वीकार किया था। इस बार नेताओं का जोर केवल औपचारिक बधाई तक सीमित नहीं रहा — बल्कि हिंदी को नई पीढ़ी, नई तकनीक और वैश्विक मंच से जोड़ने के संकल्प पर रहा। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि ये संकल्प नीतिगत कदमों में किस हद तक परिवर्तित होते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इस बार ओम बिड़ला का वाजपेयी-प्रसंग एक सोचनीय संदर्भ सामने रखता है — लगभग पाँच दशक पहले एक विदेश मंत्री ने जो साहस दिखाया, वह आज भी आदर्श क्यों है? असली सवाल यह है कि हिंदी को तकनीक और AI की भाषा बनाने के वादे नीतिगत निवेश में कितने दिखते हैं। सरकारी वेबसाइटों और न्यायालयों में हिंदी की स्थिति, अनुवाद की गुणवत्ता, और STEM शिक्षा में हिंदी माध्यम की उपलब्धता — ये वे कसौटियाँ हैं जिन पर इन संकल्पों को परखा जाना चाहिए, न कि केवल एक्स पोस्ट पर।
RashtraPress
14 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हिंदी दिवस कब और क्यों मनाया जाता है?
हिंदी दिवस प्रतिवर्ष 14 सितंबर को मनाया जाता है, क्योंकि इसी दिन 1949 में संविधान सभा ने हिंदी को भारत की राजभाषा के रूप में स्वीकार किया था। यह दिन हिंदी के प्रचार-प्रसार और राष्ट्रीय एकता में उसकी भूमिका को रेखांकित करने के लिए मनाया जाता है।
वाजपेयी के संयुक्त राष्ट्र हिंदी भाषण का क्या महत्व है?
अक्टूबर 1977 में तत्कालीन विदेश मंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने संयुक्त राष्ट्र महासभा के 32वें सत्र में हिंदी में संबोधन दिया था। वे संयुक्त राष्ट्र को हिंदी में संबोधित करने वाले पहले व्यक्ति थे, और इस भाषण में वसुधैव कुटुंबकम, परमाणु निरस्त्रीकरण एवं आतंकवाद जैसे विषय उठाए गए थे।
अमित शाह ने हिंदी दिवस 2026 पर क्या कहा?
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि राजभाषा हिंदी जनसंवाद, सुशासन और राष्ट्रीय एकात्मता को सुदृढ़ करने में अहम भूमिका निभा रही है। उन्होंने हिंदी को तकनीक और शोध की भाषा बताया और सभी भारतीय भाषाओं को साथ लेकर आगे बढ़ने का संकल्प लेने का आह्वान किया।
हिंदी दिवस 2026 पर किन-किन केंद्रीय मंत्रियों ने बधाई दी?
हिंदी दिवस 2026 पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला, गृह मंत्री अमित शाह, कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल, पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी, नितिन गडकरी, मनोहर लाल और पंकज चौधरी ने एक्स पर शुभकामना संदेश साझा किए।
डिजिटल युग में हिंदी की भूमिका पर नेताओं का क्या कहना है?
ओम बिड़ला ने कहा कि इंटरनेट, सोशल मीडिया, डिजिटल शिक्षा और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के समय में भारतीय भाषाओं की भूमिका लगातार महत्वपूर्ण होती जा रही है। उनके अनुसार हिंदी अब केवल प्रशासन की नहीं, बल्कि ज्ञान, विज्ञान और तकनीक की प्रभावी भाषा बन रही है।
राष्ट्र प्रेस
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