29 जून 2026
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तेलंगाना: उर्दू विवाद में भाजपा नेता हिरासत में, स्कूल प्रिंसिपल से मारपीट का आरोप

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तेलंगाना: उर्दू विवाद में भाजपा नेता हिरासत में, स्कूल प्रिंसिपल से मारपीट का आरोप

सारांश

तेलंगाना के अरमूर में उर्दू पढ़ाए जाने के विरोध में BJP की टाउन यूनिट के अध्यक्ष मंडुला बालू ने स्कूल प्रिंसिपल को थप्पड़ मारा — एक पुलिस अधिकारी की मौजूदगी में। वीडियो वायरल होने और राजनीतिक दबाव बढ़ने के बाद पुलिस ने दो दिन बाद उन्हें हिरासत में लिया।

मुख्य बातें

BJP की अरमूर टाउन यूनिट के अध्यक्ष मंडुला बालू को 29 जून 2026 को तेलंगाना पुलिस ने हिरासत में लिया।
27 जून को बालू ने भारत चंद्र स्कूल के प्रिंसिपल आमेर खान को थप्पड़ मारा — एक पुलिस अधिकारी की मौजूदगी में।
विवाद का कारण स्कूल में उर्दू को दूसरी भाषा के रूप में पढ़ाया जाना था; स्कूल प्रबंधन ने धार्मिक शिक्षा के आरोपों से इनकार किया।
पुलिस ने बालू व अन्य के खिलाफ आपराधिक घुसपैठ, चोट और नुकसान पहुँचाने की FIR दर्ज की।
कांग्रेस सांसद रेणुका चौधरी और राष्ट्रीय प्रवक्ता शमा मोहम्मद ने BJP नेता और निष्क्रिय पुलिस अधिकारी पर कार्रवाई की माँग की।

तेलंगाना पुलिस ने सोमवार, 29 जून 2026 को निजामाबाद जिले के अरमूर शहर में भारतीय जनता पार्टी (BJP) की स्थानीय इकाई के प्रमुख को हिरासत में लिया। उन पर एक स्कूल के प्रिंसिपल के साथ मारपीट और बदसलूकी का आरोप है — और यह विवाद उस स्कूल में उर्दू पढ़ाए जाने को लेकर भड़का था।

हिरासत की कार्रवाई

BJP की अरमूर टाउन यूनिट के अध्यक्ष मंडुला बालू को अंकाबुर स्थित एक गेस्ट हाउस से पुलिस ने हिरासत में लिया। यह गेस्ट हाउस कथित तौर पर अरमूर विधानसभा क्षेत्र से BJP विधायक पैडी राकेश रेड्डी का बताया जाता है। पुलिस की एक टीम ने बालू को गेस्ट हाउस से बाहर निकाला, जिसके दौरान उनके समर्थकों ने विरोध किया। बालू ने स्वयं पुलिस की इस कार्रवाई को 'क्रूर' करार दिया।

मुख्य घटनाक्रम

27 जून को बालू अपने समर्थकों के साथ भारत चंद्र स्कूल में घुसे और प्रिंसिपल आमेर खान को थप्पड़ मारा। यह घटना एक पुलिस अधिकारी की मौजूदगी में हुई, जिससे पुलिस की निष्क्रियता को लेकर व्यापक आक्रोश फैल गया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हुआ।

प्रिंसिपल आमेर खान के अनुसार, घटना के बाद उन्हें शाम तक पुलिस स्टेशन में बैठाए रखा गया। स्कूल कॉरेस्पोंडेंट मल्लैया की शिकायत पर पुलिस ने बालू और अन्य लोगों के खिलाफ आपराधिक घुसपैठ, चोट पहुँचाने और नुकसान पहुँचाने के आरोप में FIR दर्ज की। इसके जवाब में अरमूर के तहसीलदार सत्यनारायण ने प्रिंसिपल और कॉरेस्पोंडेंट के खिलाफ भी शिकायत दर्ज कराई।

उर्दू विवाद की पृष्ठभूमि

BJP नेता और उनके समर्थकों का आरोप था कि स्कूल में उर्दू शिक्षक हिंदू छात्रों को नमाज़ और अन्य धार्मिक रीति-रिवाज भी सिखा रहे थे। हालाँकि, हिंदू प्रबंधन वाले इस स्कूल के प्रशासन ने इन आरोपों से साफ इनकार किया।

स्कूल कॉरेस्पोंडेंट मल्लैया के अनुसार, कुछ छात्रों के अभिभावकों के अनुरोध पर प्रबंधन के निर्णय के बाद उर्दू को दूसरी भाषा के रूप में शुरू किया गया था, और शिक्षक ने केवल उर्दू वर्णमाला की कुछ कक्षाएँ ली थीं। प्रिंसिपल आमेर खान ने बताया कि प्रबंधन उर्दू विभाग के लिए एक अलग ब्लॉक बनाने की योजना बना रहा था, लेकिन नए नियुक्त शिक्षक को इसकी जानकारी नहीं थी और उन्होंने मिश्रित कक्षाएँ ले लीं। गैर-मुस्लिम छात्रों के अभिभावकों की आपत्तियों के बाद उर्दू की कक्षाएँ बंद कर दी गई थीं — इसके बावजूद BJP नेता अपने समर्थकों के साथ स्कूल में घुसे।

राजनीतिक प्रतिक्रिया

कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता शमा मोहम्मद ने BJP नेता और मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारी दोनों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की माँग की। कांग्रेस सांसद एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री रेणुका चौधरी ने इस घटना पर कहा: 'उर्दू एक बहुत ही समृद्ध भाषा है। हमारी पिछली पीढ़ियाँ उर्दू पढ़ना जानती थीं। यह एक भाषा है। यह एक ऐसी संस्कृति है जिसने तेलंगाना के इतिहास के कई पहलुओं को प्रभावित किया है। BJP और उसके पूर्वजों को इसे रोकने का कोई अधिकार नहीं है।' राज्यसभा सदस्य चौधरी ने उर्दू की सुंदरता और धर्म से परे उसकी सांस्कृतिक विरासत पर एक कविता भी साझा की।

आगे क्या

मामले में FIR दर्ज होने और जवाबी शिकायत के साथ यह विवाद अब कानूनी दायरे में आ चुका है। यह घटना ऐसे समय में आई है जब तेलंगाना में भाषा और धार्मिक पहचान को लेकर राजनीतिक तनाव पहले से ही संवेदनशील है। दोनों पक्षों की शिकायतों पर आगे की जाँच जारी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

फिर भी घुसपैठ और हमला हुआ — यह तथ्य मुख्यधारा की कवरेज में अक्सर दब जाता है। तहसीलदार द्वारा प्रिंसिपल के खिलाफ जवाबी शिकायत दर्ज कराना इस मामले की जटिलता और स्थानीय प्रशासनिक दबाव को उजागर करता है।
RashtraPress
29 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

तेलंगाना के अरमूर में BJP नेता को क्यों हिरासत में लिया गया?
BJP की अरमूर टाउन यूनिट के अध्यक्ष मंडुला बालू को 27 जून को भारत चंद्र स्कूल के प्रिंसिपल आमेर खान के साथ मारपीट और बदसलूकी के आरोप में 29 जून को हिरासत में लिया गया। यह विवाद स्कूल में उर्दू पढ़ाए जाने को लेकर था।
अरमूर स्कूल में उर्दू विवाद क्या था?
भारत चंद्र स्कूल ने कुछ अभिभावकों के अनुरोध पर उर्दू को दूसरी भाषा के रूप में शुरू किया था। BJP नेताओं ने आरोप लगाया कि उर्दू शिक्षक हिंदू छात्रों को नमाज़ और धार्मिक रीति-रिवाज भी सिखा रहे थे, जिसे स्कूल प्रबंधन ने नकारा। गैर-मुस्लिम अभिभावकों की आपत्ति के बाद उर्दू कक्षाएँ पहले ही बंद कर दी गई थीं।
इस मामले में FIR किसके खिलाफ दर्ज हुई?
स्कूल कॉरेस्पोंडेंट मल्लैया की शिकायत पर पुलिस ने BJP नेता मंडुला बालू और अन्य लोगों के खिलाफ आपराधिक घुसपैठ, चोट पहुँचाने और नुकसान पहुँचाने के आरोप में FIR दर्ज की। इसके जवाब में अरमूर के तहसीलदार सत्यनारायण ने प्रिंसिपल और कॉरेस्पोंडेंट के खिलाफ भी जवाबी शिकायत दर्ज कराई।
कांग्रेस ने इस घटना पर क्या प्रतिक्रिया दी?
कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता शमा मोहम्मद ने BJP नेता और मौके पर निष्क्रिय रहे पुलिस अधिकारी दोनों के खिलाफ कार्रवाई की माँग की। कांग्रेस सांसद रेणुका चौधरी ने कहा कि उर्दू एक समृद्ध भाषा है और BJP को इसे रोकने का कोई अधिकार नहीं है।
BJP विधायक पैडी राकेश रेड्डी का इस मामले से क्या संबंध है?
जिस गेस्ट हाउस से मंडुला बालू को हिरासत में लिया गया, वह कथित तौर पर अरमूर विधानसभा क्षेत्र से BJP विधायक पैडी राकेश रेड्डी का बताया जाता है। हालाँकि, विधायक की इस घटना में प्रत्यक्ष भूमिका के बारे में स्रोत में कोई जानकारी नहीं है।
राष्ट्र प्रेस
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