पश्चिम बंगाल चुनाव रुझान: भाजपा की बढ़त पर महिलाओं ने जताई खुशी, PM मोदी और सुवेंदु अधिकारी की तारीफ
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिम बंगाल में 4 मई को सामने आए शुरुआती चुनावी रुझानों में भारतीय जनता पार्टी (BJP) को बढ़त मिलती दिखी, जिसके बाद राज्य की कई महिलाओं ने खुलकर अपनी प्रसन्नता व्यक्त की और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सराहना की। समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से बातचीत में इन महिलाओं ने केंद्र सरकार की महिला-केंद्रित नीतियों और राज्य के विकास को प्राथमिकता देने की नीति की प्रशंसा की।
महिलाओं ने क्या कहा
स्टेट काउंसिल मेंबर माया मुखर्जी ने कहा कि राज्य में महिलाओं की सुरक्षा की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। उन्होंने कहा, "यह दुख की बात है कि प्रदेश की मुख्यमंत्री एक महिला हैं, इसके बावजूद प्रदेश में महिलाएं महफूज नहीं हैं।" उन्होंने यह भी जोड़ा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश को एक नई वैश्विक पहचान मिली है।
एक अन्य महिला पंपा दत्ता चौधरी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी से मिली प्रेरणा के कारण ही तृणमूल कांग्रेस (TMC) के गढ़ को चुनौती दी जा सकी। उन्होंने राज्य में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता जताई और कहा कि महिलाएं घर से बाहर निकलने में असुरक्षित महसूस करती हैं।
आरजीकर प्रकरण और महिला सुरक्षा का मुद्दा
सविता चक्रवर्ती ने आरजीकर प्रकरण का उल्लेख करते हुए कहा कि पीड़ित को न्याय न मिलना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा महिलाओं को रात 8 बजे के बाद घर से न निकलने का सुझाव देना आज के युग में अस्वीकार्य है। उनके अनुसार, "हमें पूरा विश्वास है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हमारा बंगाल भी सोनार बंगला बनेगा।"
सुवेंदु अधिकारी की भी सराहना
मौसमी घोष ने भाजपा की शुरुआती बढ़त पर प्रसन्नता जताते हुए प्रधानमंत्री मोदी और सुवेंदु अधिकारी का आभार व्यक्त किया। उनके अनुसार, इन दोनों नेताओं के प्रयासों से राज्य में बदलाव की उम्मीद जगी है।
भाजपा का दावा और TMC की स्थिति
भाजपा का दावा है कि वह इस बार पश्चिम बंगाल में सरकार बनाने में सफल रहेगी और तृणमूल कांग्रेस का किला ध्वस्त होगा। हालाँकि, ये शुरुआती रुझान हैं और अंतिम परिणाम अभी आने बाकी हैं। गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी के नेतृत्व में TMC लंबे समय से सत्ता में है, और भाजपा के लिए यह राज्य एक प्रमुख राजनीतिक लक्ष्य रहा है।
यह ऐसे समय में आया है जब राज्य में महिला सुरक्षा, आरजीकर जैसे मामले और विकास की राजनीति प्रमुख चुनावी मुद्दे बने हुए हैं। आने वाले घंटों में स्पष्ट होगा कि शुरुआती रुझान अंतिम परिणामों में तब्दील होते हैं या नहीं।