16 अक्टूबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

जोधपुर: 1,050 फुट गहरे बोरवेल में फंसे 9 वर्षीय भोमाराम को बचाने का अभियान जारी, कैमरे में हलचल से उम्मीद

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
जोधपुर: 1,050 फुट गहरे बोरवेल में फंसे 9 वर्षीय भोमाराम को बचाने का अभियान जारी, कैमरे में हलचल से उम्मीद

सारांश

राजस्थान के फलोदी जिले में 9 वर्षीय भोमाराम 1,050 फुट गहरे बोरवेल में 640 फुट नीचे फंसा है। कैमरे में हलचल दिखी, ऑक्सीजन सप्लाई जारी है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत स्थिति पर नज़र रखे हुए हैं। बचाव दल अभी तक सफलता से वंचित है।

मुख्य बातें

9 वर्षीय भोमाराम राजस्थान के फलोदी जिले के नोसर गांव में 1,050 फुट गहरे बोरवेल में 640 फुट की गहराई पर फंसा है।
घटना 15 अक्टूबर 2026 को तब हुई जब पिता पंचराम भील के खेत में ट्यूबवेल की मरम्मत चल रही थी।
बोरवेल में डाले गए कैमरे में बच्चे की हलचल कथित तौर पर दिखी, जिससे बचाव की उम्मीद बनी है।
जिला कलेक्टर अंकित सिंह , एसपी आदित्य काकडे और एएसपी बृजराज सिंह अपनी टीमों के साथ घटनास्थल पर मौजूद हैं।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत स्थिति पर कड़ी नज़र रखे हुए हैं।
बच्चे तक लगातार ऑक्सीजन पहुँचाई जा रही है; बचाव दल सुरक्षित निकासी के प्रयास जारी रखे हुए है।

राजस्थान के फलोदी जिले के लोहावत क्षेत्र स्थित नोसर गांव की पुनियों की धानी में 15 अक्टूबर 2026 (गुरुवार) को एक बोरवेल में गिरे 9 वर्षीय भोमाराम को बाहर निकालने के लिए बचाव दल युद्ध स्तर पर काम कर रहा है। बच्चा लगभग 1,050 फुट गहरे बोरवेल में 640 फुट की गहराई पर फंसा है। कैमरे के ज़रिए बच्चे में हलचल के संकेत मिलने से परिवार और बचावकर्मियों की उम्मीद बनी हुई है।

घटना कैसे हुई

प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार, यह हादसा तब हुआ जब भोमाराम के पिता पंचराम भील के खेत में लगे ट्यूबवेल में तकनीकी खराबी आने पर मरम्मत के लिए ड्रिलिंग मशीन लाई गई थी। बच्चा मशीन के पास खड़ा था, तभी वह अचानक खुले बोरवेल में जा गिरा। घटना की सूचना मिलते ही ग्रामीणों ने मटोडा पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को तत्काल सूचित किया, जिसके बाद बचाव अभियान शुरू किया गया।

बचाव अभियान की स्थिति

बचाव दल ने बोरवेल में कैमरा डालकर भोमाराम की स्थिति का जायज़ा लिया, जिसमें कथित तौर पर हलचल दिखी। बच्चे तक निरंतर ऑक्सीजन पहुँचाने के प्रयास जारी हैं। निरंतर कोशिशों के बावजूद बचाव दल अभी तक उसे सुरक्षित बाहर निकालने में सफल नहीं हो पाया है। यह अभियान घटनास्थल पर घंटों से चल रहा है।

अधिकारियों की तैनाती

रेंज आईजी सत्येंद्र सिंह और संभागीय आयुक्त के.एल. स्वामी को लगातार अपडेट दिए जा रहे हैं। जिला कलेक्टर अंकित सिंह और पुलिस अधीक्षक आदित्य काकडे अपनी-अपनी टीमों के साथ घटनास्थल पर मौजूद हैं। फलोदी के एएसपी बृजराज सिंह भी अपनी टीम सहित मौके पर तैनात हैं। पूर्व विधायक किसानराम बिश्नोई और भाजपा नेता भागीरथ बिश्नोई ने भी स्थिति का जायज़ा लिया।

राजनीतिक निगरानी और प्रतिक्रिया

केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा पूरी स्थिति पर कड़ी नज़र रखे हुए हैं। पूर्व विधायक किसानराम बिश्नोई ने भविष्य में ऐसी दुर्घटनाओं से बचने के लिए बोरवेल सुरक्षा नियमों के सख्त प्रवर्तन की ज़रूरत पर ज़ोर दिया। गौरतलब है कि यह घटना लोहावत पंचायत समिति क्षेत्र के नोसर ग्राम पंचायत के अधिकार क्षेत्र में हुई।

आगे क्या

यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में खुले बोरवेलों को लेकर बच्चों की सुरक्षा का मुद्दा बार-बार उठता रहा है। बचाव दल बच्चे की सुरक्षित निकासी के लिए हर संभव प्रयास कर रहा है और स्थिति पर नज़र बनाए हुए है। परिजन और ग्रामीण बड़ी संख्या में घटनास्थल के पास जमा हैं और बचाव अभियान के सफल होने की प्रार्थना कर रहे हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

भारी मीडिया कवरेज मिलती है, राजनेता संवेदना जताते हैं, लेकिन ज़मीन पर बदलाव नज़र नहीं आता। सवाल यह है कि क्या इस बार पूर्व विधायक की सुरक्षा नियमों को सख्त करने की माँग केवल बयानबाजी तक सीमित रहेगी, या राज्य सरकार बोरवेल सुरक्षा के लिए वास्तविक जवाबदेही तय करने की दिशा में कदम उठाएगी।
RashtraPress
16 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भोमाराम बोरवेल में कैसे गिरा?
प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार, भोमाराम के पिता पंचराम भील के खेत में ट्यूबवेल की मरम्मत के लिए ड्रिलिंग मशीन लाई गई थी। बच्चा मशीन के पास खड़ा था, तभी वह अचानक खुले बोरवेल में गिर गया।
भोमाराम अभी बोरवेल में कितनी गहराई पर है?
भोमाराम लगभग 1,050 फुट गहरे बोरवेल में करीब 640 फुट की गहराई पर फंसा है। बचाव दल ने बोरवेल में कैमरा डालकर उसकी स्थिति का आकलन किया, जिसमें कथित तौर पर हलचल दिखी।
बचाव अभियान में कौन-कौन से अधिकारी शामिल हैं?
जिला कलेक्टर अंकित सिंह, पुलिस अधीक्षक आदित्य काकडे और एएसपी बृजराज सिंह अपनी-अपनी टीमों के साथ घटनास्थल पर मौजूद हैं। रेंज आईजी सत्येंद्र सिंह और संभागीय आयुक्त के.एल. स्वामी को लगातार अपडेट दिए जा रहे हैं।
क्या राज्य सरकार इस मामले पर नज़र रख रही है?
हाँ, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत दोनों स्थिति पर कड़ी नज़र रखे हुए हैं। पूर्व विधायक किसानराम बिश्नोई और भाजपा नेता भागीरथ बिश्नोई ने भी घटनास्थल का दौरा किया है।
भविष्य में बोरवेल हादसों को रोकने के लिए क्या कहा गया है?
पूर्व विधायक किसानराम बिश्नोई ने भविष्य में ऐसी दुर्घटनाओं को रोकने के लिए बोरवेल सुरक्षा नियमों के सख्त प्रवर्तन की ज़रूरत पर ज़ोर दिया है। हालाँकि अभी तक कोई ठोस नीतिगत कदम की घोषणा नहीं हुई है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 3 महीने पहले
  4. 3 महीने पहले
  5. 5 महीने पहले
  6. 6 महीने पहले
  7. 6 महीने पहले
  8. 6 महीने पहले