अंबाला के धनौरा गांव में 4 साल का निर्भय 220 फीट गहरे बोरवेल में गिरा, सेना-NDRF का बचाव अभियान जारी
सारांश
मुख्य बातें
हरियाणा के अंबाला जिले के धनौरा गांव में 30 जून 2026 को एक दर्दनाक हादसे में 4 वर्षीय बच्चा निर्भय खेलते समय 220 फीट गहरे खुले बोरवेल में गिर गया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस-प्रशासन, भारतीय सेना और राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) की टीमें युद्धस्तर पर मौके पर पहुंच गईं और बचाव अभियान शुरू कर दिया गया।
हादसा कैसे हुआ
अंबाला के डिप्टी कमिश्नर अजय तोमर ने मीडिया को बताया कि घटना की सूचना सुबह करीब 6:30 बजे मिली। निर्भय अपने पिता को खाना देने आया था, और जब उसके पिता काम में व्यस्त थे, तब बच्चा खेलते-खेलते करीब 9 इंच चौड़े खुले बोरवेल में गिर गया। उन्होंने कहा, 'हमारे अंदाजे के मुताबिक, बच्चा करीब 220 फीट की गहराई में फंसा हुआ है।'
बचाव अभियान की स्थिति
डिप्टी एसपी ने बताया कि NDRF बच्चे को बाहर निकालने के लिए विशेष उपकरणों का उपयोग कर रही है और सेना से भारी उपकरण भी मंगवाए गए हैं। यदि इन प्रयासों से सफलता नहीं मिलती, तो बगल में समानांतर बोर खुदवाने की योजना है। डॉक्टरों की एक टीम भी मौके पर तैनात है, जो परिवार के सदस्यों के स्वास्थ्य की निगरानी कर रही है।
कानूनी कार्रवाई के निर्देश
अधिकारियों ने बताया कि जिस बोरवेल में बच्चा गिरा है, उसके मालिक के विरुद्ध कार्रवाई करने के लिए थाना प्रभारी को निर्देश दे दिए गए हैं। खुले और असुरक्षित बोरवेल बच्चों के लिए लगातार खतरा बने हुए हैं, और यह घटना उस लापरवाही की ओर ध्यान दिलाती है जो ऐसी त्रासदियों को जन्म देती है।
पिछली समान घटनाएँ
गौरतलब है कि इससे पहले 16 मई को पंजाब के होशियारपुर में गुरकरण नाम का एक बच्चा खेलते समय बोरवेल में गिर गया था। उस घटना में NDRF, SDRF, पंजाब पुलिस और प्रशासनिक दल ने करीब नौ घंटे की मशक्कत के बाद रात लगभग 12:40 बजे बच्चे को सकुशल बाहर निकाला था। बच्चे को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया था जहाँ डॉक्टरों की निगरानी में उसका उपचार किया गया था। यह Nवीं ऐसी घटना है जो खुले बोरवेल के नियमन को लेकर सवाल खड़े करती है।
आगे क्या होगा
बचाव दल का पूरा ध्यान निर्भय को जल्द से जल्द और सुरक्षित बाहर निकालने पर केंद्रित है। स्थानीय लोग और पूरे देश के नागरिक मासूम की सलामती के लिए प्रार्थना कर रहे हैं। अधिकारियों के अनुसार, स्थिति पर करीबी नज़र रखी जा रही है और हर संभव संसाधन जुटाए जा रहे हैं।