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उज्जैन: बोरवेल में गिरे बच्चे की दुखद मौत पर सीएम ने की सहायता राशि की घोषणा

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उज्जैन: बोरवेल में गिरे बच्चे की दुखद मौत पर सीएम ने की सहायता राशि की घोषणा

सारांश

उज्जैन में खुले बोरवेल में गिरने के बाद तीन वर्षीय बच्चे भागीरथ की मौत हो गई। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इस पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए पीड़ित परिवार के लिए आर्थिक सहायता की घोषणा की।

मुख्य बातें

दुर्भाग्यपूर्ण घटना में तीन वर्षीय भागीरथ की मृत्यु हुई।
मुख्यमंत्री ने आर्थिक सहायता की घोषणा की।
बचाव कार्य में कई एजेंसियों ने सहयोग किया।
घटना की जांच और खुले बोरवेल बंद करने का अभियान शुरू किया गया।

उज्जैन, 10 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले के बड़नगर तहसील के झलारिया गांव में अनियंत्रित खुले बोरवेल में गिरकर तीन वर्षीय बच्चे भागीरथ की शुक्रवार को एक लंबी और कठिन बचाव प्रक्रिया के बाद मृत्यु हो गई।

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इस हादसे पर गहरी संवेदना व्यक्त की और शोक संतप्त परिवार के लिए वित्तीय सहायता की घोषणा की।

उन्होंने एक बयान में इस घटना को अत्यंत हृदयविदारक बताया और परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं प्रकट कीं।

मुख्यमंत्री ने मृतक के परिवार को 4 लाख रुपए की सहायता राशि देने की घोषणा की और इस कठिन समय में परिवार को धैर्य बनाए रखने की प्रार्थना की।

यह घटना उस समय हुई जब बच्चा अपने घर के निकट खेल रहा था और अनजाने में खुले बोरवेल में गिर गया। संकरी और गहरी संरचना के कारण बचाव कार्य में कई चुनौतियाँ आईं, जिसके लिए तुरंत एक बड़े पैमाने पर आपातकालीन अभियान शुरू किया गया।

जिला प्रशासन, पुलिस, राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल और राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल की टीमें सूचना मिलते ही मौके पर पहुंच गईं।

एक बहु-एजेंसी बचाव अभियान शुरू किया गया, जो गुरुवार रात और शुक्रवार तक जारी रहा।

बचाव दल ने शुरुआत में बच्चे से संपर्क स्थापित करने का प्रयास किया और पाइप के माध्यम से ऑक्सीजन पहुंचाई।

बच्चे की स्थिति का पता लगाने के लिए बोरवेल में कैमरे भी डाले गए। इसके साथ ही, उसे सुरक्षित रूप से बाहर निकालने के लिए समानांतर गड्ढा खोदने के लिए भारी मशीनरी का भी उपयोग किया गया।

इस दौरान ढीली मिट्टी, गहराई और धंसने के खतरे जैसी कई चुनौतियाँ सामने आईं। बचाव कर्मियों ने बड़े ध्यान से काम किया और आसपास के क्षेत्र को स्थिर करते हुए खुदाई की।

कई घंटों की मेहनत के बाद बचाव दल बच्चे तक पहुँचने में सफल रहा और उसे बाहर निकाला गया। हालांकि, वह बेहोश था और तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

अधिकारियों ने इस घटना की जांच के आदेश दिए हैं, जिसमें खुले बोरवेल में लापरवाही की जांच की जाएगी।

साथ ही, जिले में सभी खुले बोरवेल की पहचान कर उन्हें बंद करने का अभियान भी शुरू कर दिया गया है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि समाज के लिए एक चेतावनी भी है। खुले बोरवेलों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है।
RashtraPress
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इस घटना में बच्चे की उम्र क्या थी?
बच्चे की उम्र तीन वर्ष थी।
मुख्यमंत्री ने कितनी सहायता राशि की घोषणा की?
मुख्यमंत्री ने 4 लाख रुपए की सहायता राशि की घोषणा की।
बचाव कार्य में कौन-कौन सी टीमें शामिल थीं?
जिला प्रशासन, पुलिस, राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल और राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल की टीमें शामिल थीं।
क्या इस घटना की जांच की जाएगी?
हाँ, अधिकारियों ने इस घटना की जांच के आदेश दिए हैं।
राष्ट्र प्रेस
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