14 अगस्त 2026
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राहुल गांधी के तंज पर विदेश मंत्रालय का जवाब: भारत-इटली संबंध मजबूत, कूटनीतिक सम्मान ज़रूरी

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राहुल गांधी के तंज पर विदेश मंत्रालय का जवाब: भारत-इटली संबंध मजबूत, कूटनीतिक सम्मान ज़रूरी

सारांश

राहुल गांधी के मोदी की 'हग डिप्लोमेसी' पर तंज और संदीप दीक्षित की इटली PM मेलोनी पर अशिष्ट टिप्पणी ने नया सियासी तूफ़ान खड़ा किया। विदेश मंत्रालय ने साफ़ कहा — भारत-इटली संबंध मज़बूत हैं और कूटनीतिक शिष्टाचार से समझौता नहीं होगा।

मुख्य बातें

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने 14 अगस्त को कहा कि भारत-इटली संबंध मज़बूत हैं और कूटनीतिक सम्मान ज़रूरी है।
राहुल गांधी ने कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित के साथ गले मिलकर PM मोदी की 'हग डिप्लोमेसी' का मज़ाक उड़ाया।
संदीप दीक्षित ने इटली की PM जॉर्जिया मेलोनी पर अशिष्ट टिप्पणी की, जिसे कई दलों ने 'घटिया' बताया।
भाजपा सांसद बांसुरी स्वराज ने राहुल गांधी को 'विफल स्टैंडअप कॉमेडियन' कहा; शहजाद पूनावाला ने भी कड़ी आलोचना की।
विश्लेषकों का कहना है कि विपक्षी आलोचना तथ्यों और नीतियों पर आधारित होनी चाहिए, न कि व्यक्तिगत इशारों पर।

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदेशी नेताओं से गले मिलने की शैली पर की गई व्यंग्यात्मक टिप्पणी के बाद नई दिल्ली में सियासी माहौल तीखा हो गया है। विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार, 14 अगस्त को स्पष्ट किया कि भारत और इटली के बीच संबंध मज़बूत हैं और कूटनीतिक शिष्टाचार का पालन आवश्यक है।

विदेश मंत्रालय का बयान

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने साप्ताहिक मीडिया ब्रीफिंग में कहा, 'इटली के साथ हमारे मज़बूत संबंध हैं। हाल के सालों में इटली के साथ हमारे संबंध हर तरह से बढ़े और बेहतर हुए हैं। यह ज़रूरी है कि कूटनीतिक तौर पर हम एक-दूसरे का सम्मान करते हुए और आपसी समझ रखते हुए द्विपक्षीय संबंध मज़बूत करें।' जायसवाल ने यह बात राहुल गांधी की टिप्पणी को लेकर पत्रकारों के सवाल के जवाब में कही।

विवाद की जड़

गुरुवार को नई दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान राहुल गांधी ने कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित के साथ गले मिलकर प्रधानमंत्री मोदी के विदेशी नेताओं से सार्वजनिक रूप से गले मिलने के तरीके का मज़ाक उड़ाया। साथ ही उन्होंने भारत की विदेश नीति पर भी निशाना साधा। इसके बाद संदीप दीक्षित ने इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी को लेकर ऐसी टिप्पणियाँ कीं, जिन्हें आलोचकों ने अशिष्ट और अनुचित बताते हुए कड़ी निंदा की। विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने इस बयान को 'घटिया' करार दिया।

भाजपा की तीखी प्रतिक्रिया

भाजपा सांसद बांसुरी स्वराज ने राहुल गांधी की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि उनकी बातों से वे विपक्ष के नेता कम और एक विफल स्टैंडअप कॉमेडियन अधिक लगते हैं। उन्होंने राहुल गांधी पर 'लॉकर-रूम की बातें और घटिया इशारे' करने का आरोप लगाया और कहा कि देश को नेता प्रतिपक्ष से इस तरह के व्यवहार की उम्मीद नहीं है। भाजपा नेता शहजाद पूनावाला ने भी सवाल उठाया कि राजनीतिक बहस कितनी नीचे गिर सकती है। उनका कहना था कि प्रधानमंत्री मोदी से असहमति पूरी तरह जायज़ है, लेकिन एक विदेशी महिला नेता को उसमें घसीटना न तो समझदारी है और न ही नेतृत्व की निशानी।

विश्लेषकों की राय

राजनीतिक विश्लेषकों ने कहा कि सकारात्मक विपक्ष का अर्थ होना चाहिए कि सरकार को बेरोज़गारी, आर्थिक नीतियों, राष्ट्रीय सुरक्षा, कूटनीति और शासन पर जवाबदेह ठहराया जाए। आलोचकों का कहना है कि विपक्ष को केंद्र सरकार की कूटनीतिक रणनीति और अंतरराष्ट्रीय संबंधों को चुनौती देने का पूरा अधिकार है, लेकिन आलोचना तथ्यों, नीतियों और परिणामों पर आधारित होनी चाहिए, न कि प्रतीकात्मक इशारों पर।

आगे क्या

यह विवाद स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर उठा है, जब सत्तारूढ़ और विपक्षी दल दोनों ही राष्ट्रीय मुद्दों पर अपनी-अपनी राजनीतिक स्थिति मज़बूत करने में लगे हैं। विदेश मंत्रालय की यह प्रतिक्रिया संकेत देती है कि सरकार भारत-इटली संबंधों को घरेलू राजनीतिक विवादों से अलग रखना चाहती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन संदीप दीक्षित की इटली PM पर की गई टिप्पणी ने विपक्ष की ही साख को नुकसान पहुँचाया। विदेश मंत्रालय का तुरंत बयान आना यह दर्शाता है कि सरकार इस मुद्दे को भारत-इटली द्विपक्षीय संबंधों तक नहीं फैलने देना चाहती। असली सवाल यह है कि क्या विपक्ष नीतिगत आलोचना और व्यक्तिगत तंज के बीच की रेखा बनाए रख पा रहा है — क्योंकि जब यह रेखा धुंधली होती है, तो मुद्दे की बजाय विवाद चर्चा में आ जाता है।
RashtraPress
14 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राहुल गांधी ने PM मोदी पर क्या टिप्पणी की थी?
राहुल गांधी ने नई दिल्ली में एक कार्यक्रम के दौरान संदीप दीक्षित के साथ गले मिलकर PM मोदी की विदेशी नेताओं से सार्वजनिक रूप से गले मिलने की शैली का मज़ाक उड़ाया। इसके साथ उन्होंने भारत की विदेश नीति पर भी सवाल उठाए।
विदेश मंत्रालय ने इस विवाद पर क्या कहा?
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने 14 अगस्त को कहा कि भारत और इटली के बीच संबंध हर तरह से बढ़े और मज़बूत हुए हैं, और कूटनीतिक शिष्टाचार तथा आपसी सम्मान बनाए रखना ज़रूरी है।
संदीप दीक्षित के बयान पर इतना विवाद क्यों हुआ?
कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित ने इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी को लेकर ऐसी टिप्पणियाँ कीं जिन्हें विभिन्न राजनीतिक दलों ने अशिष्ट और अनुचित बताया। आलोचकों का कहना है कि एक विदेशी महिला नेता को घरेलू राजनीतिक विवाद में घसीटना न तो उचित है और न ही कूटनीतिक दृष्टि से समझदारी।
भाजपा ने राहुल गांधी की किस आधार पर आलोचना की?
भाजपा सांसद बांसुरी स्वराज ने कहा कि राहुल गांधी की टिप्पणियाँ नेता प्रतिपक्ष की गरिमा के अनुरूप नहीं हैं और उन पर 'लॉकर-रूम की बातें और घटिया इशारे' करने का आरोप लगाया। भाजपा नेता शहजाद पूनावाला ने भी कहा कि PM मोदी से असहमति जायज़ है, लेकिन एक विदेशी महिला नेता को इसमें शामिल करना उचित नहीं।
विश्लेषकों के अनुसार विपक्ष को आलोचना कैसे करनी चाहिए?
विश्लेषकों का कहना है कि विपक्ष को सरकार को बेरोज़गारी, आर्थिक नीतियों, राष्ट्रीय सुरक्षा और शासन के मुद्दों पर जवाबदेह ठहराना चाहिए। आलोचना तथ्यों और नीतिगत परिणामों पर आधारित होनी चाहिए, न कि व्यक्तिगत या प्रतीकात्मक इशारों पर।
राष्ट्र प्रेस
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