होशियारपुर: बोरवेल में गिरे 3 वर्षीय गुरकरण को 9 घंटे के रेस्क्यू के बाद सुरक्षित निकाला

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होशियारपुर: बोरवेल में गिरे 3 वर्षीय गुरकरण को 9 घंटे के रेस्क्यू के बाद सुरक्षित निकाला

सारांश

पंजाब के होशियारपुर में 3 वर्षीय गुरकरण शुक्रवार शाम बोरवेल में गिर गया। NDRF, SDRF और जिला प्रशासन ने नौ घंटे के अथक रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद रात 12:40 बजे उसे सुरक्षित निकाला। बच्चे को सिविल अस्पताल होशियारपुर में भर्ती कराया गया है।

मुख्य बातें

3 वर्षीय गुरकरण 16 मई 2025 को शाम करीब 4 बजे होशियारपुर के गाँव चक समाना कुल्लियां में बोरवेल में गिर गया।
NDRF, SDRF, पंजाब पुलिस और जिला प्रशासन ने नौ घंटे तक रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया।
बच्चे को रात 12:40 बजे सकुशल बाहर निकाला गया और तुरंत सिविल अस्पताल, होशियारपुर में भर्ती कराया गया।
पंजाब सरकार के मंत्री डॉ.
रवजोत सिंह ऑपरेशन के दौरान मौके पर मौजूद रहे और बेहतर इलाज के निर्देश दिए।
DC आशिका जैन ने सभी विभागों के समन्वय और योगदान की सराहना की।

पंजाब के होशियारपुर जिले में 16 मई 2025 को उस समय हड़कंप मच गया जब तीन वर्षीय बालक गुरकरण अपने घर के पास खेलते हुए एक गहरे बोरवेल में जा गिरा। शाम करीब चार बजे घटना की सूचना मिलते ही राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF), राज्य आपदा मोचन बल (SDRF), पंजाब पुलिस और जिला प्रशासन की टीमें तत्काल मौके पर पहुँच गईं। करीब नौ घंटे की सावधानीपूर्वक कोशिशों के बाद रात लगभग 12:40 बजे बच्चे को सकुशल बाहर निकाल लिया गया।

घटनाक्रम: कैसे हुआ हादसा

बालक गुरकरण गाँव चक समाना कुल्लियां में अपने घर के निकट खेल रहा था, जब पास में खोदे गए गहरे बोरवेल में उसका पैर फिसल गया और वह उसमें समा गया। परिजनों ने तत्काल प्रशासन को सूचित किया, जिसके बाद बचाव दल युद्धस्तर पर जुट गया। यह घटना होशियारपुर जिले के उस क्षेत्र में हुई जो मंत्री डॉ. रवजोत सिंह का निर्वाचन क्षेत्र है।

रेस्क्यू ऑपरेशन: नौ घंटे की मशक्कत

होशियारपुर की जिलाधिकारी आशिका जैन ने बताया कि सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुँचे और समन्वित बचाव अभियान शुरू किया गया। उन्होंने कहा कि NDRF, जिला प्रशासन, पुलिस और अन्य सभी विभागों का योगदान सराहनीय रहा। वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में चले इस ऑपरेशन में अत्यंत सावधानी बरती गई ताकि बच्चे को कोई नुकसान न पहुँचे। रात 12:40 बजे जब गुरकरण को सुरक्षित बाहर निकाला गया, तो उपस्थित परिजनों और स्थानीय लोगों ने राहत की साँस ली।

अस्पताल में उपचार

बाहर निकालने के तुरंत बाद बच्चे को सिविल अस्पताल, होशियारपुर में भर्ती कराया गया, जहाँ डॉक्टरों की निगरानी में उसका इलाज शुरू किया गया। मंत्री डॉ. रवजोत सिंह ने व्यक्तिगत रूप से चिकित्सकों और संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि बच्चे के उपचार में किसी प्रकार की कोताही न बरती जाए और उसे सर्वोत्तम स्वास्थ्य सुविधाएँ उपलब्ध कराई जाएँ।

मंत्री की प्रतिक्रिया

पंजाब सरकार के मंत्री डॉ. रवजोत सिंह रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान स्वयं मौके पर मौजूद रहे। उन्होंने एक्स पर पोस्ट कर लिखा कि हमारे निर्वाचन क्षेत्र के गाँव चक समाना कुल्लियां में एक बेहद चिंताजनक घटना घटी, जहाँ तीन साल का एक मासूम बच्चा बोरवेल में गिर गया था, लेकिन ईश्वर की कृपा और प्रशासन की तत्परता से बच्चे को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। उन्होंने बचाव दल और सहयोग करने वाले सभी लोगों का आभार व्यक्त किया।

आगे की चुनौती

स्थानीय निवासियों ने बचाव दल की सराहना करते हुए कहा कि समय रहते ऑपरेशन शुरू होने से एक बड़ी त्रासदी टल गई। गौरतलब है कि भारत में बोरवेल हादसे नई घटना नहीं हैं — बिना ढके छोड़े गए बोरवेल बच्चों के लिए जानलेवा साबित होते रहे हैं। इस घटना के बाद प्रशासन से यह अपेक्षा की जा रही है कि जिले में खुले बोरवेल की जाँच और उन्हें सील करने की कार्रवाई की जाएगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि बोरवेल खुला क्यों छोड़ा गया था। भारत में हर साल दर्जनों बच्चे खुले बोरवेल में गिरते हैं, और सर्वोच्च न्यायालय के दिशानिर्देशों के बावजूद ज़मीनी अनुपालन कमज़ोर बना हुआ है। नौ घंटे का रेस्क्यू राहत की खबर है, पर यह उस व्यवस्थागत लापरवाही को नहीं ढकता जिसने इस संकट को जन्म दिया। जब तक खुले बोरवेल को सील करने की ज़िम्मेदारी तय नहीं होती और उल्लंघन पर कड़ी कार्रवाई नहीं होती, ऐसी घटनाएँ दोहराती रहेंगी।
RashtraPress
16 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

होशियारपुर बोरवेल हादसे में कौन सा बच्चा गिरा था?
बोरवेल में गिरने वाले बच्चे का नाम गुरकरण है, जिसकी उम्र तीन वर्ष है। वह होशियारपुर जिले के गाँव चक समाना कुल्लियां का निवासी है और घटना के समय अपने घर के पास खेल रहा था।
गुरकरण को बोरवेल से कब और कैसे निकाला गया?
16 मई 2025 को रात लगभग 12:40 बजे करीब नौ घंटे के रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद गुरकरण को सुरक्षित बाहर निकाला गया। NDRF, SDRF और जिला प्रशासन की टीमों ने वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में यह ऑपरेशन अंजाम दिया।
रेस्क्यू ऑपरेशन में कौन-कौन सी एजेंसियाँ शामिल थीं?
इस ऑपरेशन में राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF), राज्य आपदा मोचन बल (SDRF), पंजाब पुलिस और होशियारपुर जिला प्रशासन शामिल थे। DC आशिका जैन ने सभी विभागों के योगदान को सराहनीय बताया।
बच्चे की वर्तमान स्वास्थ्य स्थिति क्या है?
बाहर निकालने के तुरंत बाद गुरकरण को सिविल अस्पताल, होशियारपुर में भर्ती कराया गया, जहाँ डॉक्टरों की निगरानी में उसका इलाज किया जा रहा है। मंत्री डॉ. रवजोत सिंह ने स्वयं निर्देश दिए कि बच्चे को सर्वोत्तम स्वास्थ्य सुविधाएँ दी जाएँ।
क्या पंजाब में खुले बोरवेल को लेकर कोई नियम हैं?
सर्वोच्च न्यायालय ने खुले बोरवेल को तत्काल ढकने और सुरक्षित करने के दिशानिर्देश जारी किए हैं। आलोचकों का कहना है कि ज़मीनी स्तर पर इनका अनुपालन अपर्याप्त है, जिसके कारण ऐसे हादसे बार-बार होते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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