पेंटागन ने पोलैंड में 4,000 से अधिक अमेरिकी सैनिकों की तैनाती रद्द की, यूरोप में सैन्य कटौती का संकेत
सारांश
मुख्य बातें
पेंटागन ने पोलैंड में 4,000 से अधिक अमेरिकी सैनिकों को अस्थायी रूप से तैनात करने की योजना रद्द कर दी है। अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से कई अमेरिकी मीडिया संस्थानों ने यह जानकारी दी। यह निर्णय ऐसे समय में आया है जब वॉशिंगटन यूरोप में अपनी समग्र सैन्य उपस्थिति की समीक्षा कर रहा है।
कांग्रेस सुनवाई में खुलासा
अमेरिकी सेना के कार्यवाहक चीफ ऑफ स्टाफ क्रिस्टोफर ला नेव ने शुक्रवार को कांग्रेस की सुनवाई के दौरान स्वीकार किया कि अमेरिकी यूरोपीय कमान के प्रमुख को 'सैन्य बलों में कटौती के निर्देश प्राप्त हुए थे।' ला नेव ने कहा, 'मैंने उनके साथ करीबी परामर्श में इस बात पर काम किया कि कौन-सी सैन्य इकाई इसमें शामिल होगी और यह निर्णय लिया गया कि उस ब्रिगेड के लिए थिएटर में तैनाती न करना सबसे उपयुक्त होगा।' वे सेकेंड आर्मर्ड ब्रिगेड काम्बेट टीम का उल्लेख कर रहे थे।
जनरल ने यह भी बताया कि उस यूनिट के कुछ हिस्से पहले ही विदेश रवाना हो चुके थे और सैन्य उपकरण रास्ते में था। तैनाती रद्द करने का आदेश अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ के कार्यालय से जारी हुआ, हालाँकि इस संदर्भ में कोई औपचारिक घोषणा नहीं की गई।
कांग्रेस को नहीं दी गई जानकारी
सीनेट की सशस्त्र सेवा समिति की डेमोक्रेट सदस्य जीन शाहीन ने कहा कि इस निर्णय के बारे में कांग्रेस को पूर्व में सूचित नहीं किया गया था। उन्होंने पत्रकारों से कहा, 'जहाँ तक मुझे जानकारी है, हमें इसके बारे में सूचित नहीं किया गया था।' यह बयान कार्यपालिका और विधायिका के बीच सूचना-साझेदारी की कमी को उजागर करता है।
यूरोप में व्यापक सैन्य पुनर्गठन
गौरतलब है कि पेंटागन ने दो सप्ताह पहले ही घोषणा की थी कि अगले छह से 12 महीनों में जर्मनी से लगभग 5,000 अमेरिकी सैनिकों को वापस बुलाया जाएगा। इस महीने की शुरुआत में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इटली के मीडिया से कहा था कि वे इटली में स्थित सैन्य अड्डों से सैनिकों को हटाने पर 'विचार कर रहे हैं।' ट्रंप ने यह भी कहा कि 'जब हमें जरूरत थी, तब इटली हमारे साथ नहीं था।'
इटली के रक्षा मंत्री गुइडो क्रोसेट्टो ने ट्रंप की इस टिप्पणी पर कहा कि वे इसके पीछे की 'तर्कसंगतता को समझ नहीं पा रहे हैं।' उन्होंने बताया कि इटली अन्य देशों के साथ मिलकर होर्मुज जलडमरूमध्य में बारूदी सुरंगों को हटाने और समुद्री नौवहन की सुरक्षा के लिए एक मिशन की तैयारी कर रहा है।
1 मई को रिपोर्टों के अनुसार ट्रंप ने कहा था कि वे स्पेन और इटली में अमेरिकी सैन्य उपस्थिति कम कर सकते हैं और यूरोपीय सहयोगियों की आलोचना करते हुए कहा कि उन्होंने ईरान के खिलाफ अमेरिका-इजराइल युद्ध में सहयोग नहीं किया।
इटली में अमेरिकी सैन्य उपस्थिति
अमेरिकी रक्षा विभाग के आँकड़ों के अनुसार, 2025 के अंत तक इटली में लगभग 12,700 सक्रिय अमेरिकी सैनिक स्थायी रूप से तैनात थे, जिससे जर्मनी के बाद यह यूरोप में अमेरिका की दूसरी सबसे बड़ी सैन्य उपस्थिति बनती है। यह आँकड़ा दर्शाता है कि यदि ट्रंप प्रशासन इटली से भी सैनिक वापस बुलाता है, तो यूरोप में नाटो की रक्षा संरचना पर गहरा असर पड़ सकता है।
आगे क्या होगा
यूरोप में अमेरिकी सैन्य कटौती की यह श्रृंखला नाटो सहयोगियों में चिंता का विषय बनती जा रही है। विश्लेषकों का कहना है कि पोलैंड जैसे पूर्वी यूरोपीय देश, जो रूस की सीमा से लगे हैं, इन निर्णयों को अपनी सुरक्षा के लिए सीधे खतरे के रूप में देख सकते हैं। आने वाले हफ्तों में नाटो शिखर बैठक में यह मुद्दा केंद्र में रहने की संभावना है।