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पेंटागन ने पोलैंड में 4,000 से अधिक अमेरिकी सैनिकों की तैनाती रद्द की, यूरोप में सैन्य कटौती का संकेत

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पेंटागन ने पोलैंड में 4,000 से अधिक अमेरिकी सैनिकों की तैनाती रद्द की, यूरोप में सैन्य कटौती का संकेत

सारांश

पेंटागन ने पोलैंड में 4,000 से अधिक सैनिकों की तैनाती चुपचाप रद्द कर दी — बिना किसी औपचारिक घोषणा के। जर्मनी से 5,000 सैनिकों की वापसी और इटली-स्पेन में कटौती के संकेतों के साथ, यह यूरोप में अमेरिकी सैन्य पुनर्गठन की बड़ी तस्वीर का हिस्सा लग रहा है जो नाटो सहयोगियों को असहज कर रहा है।

मुख्य बातें

पेंटागन ने पोलैंड में 4,000 से अधिक अमेरिकी सैनिकों की अस्थायी तैनाती की योजना रद्द की।
रद्द करने का आदेश रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ के कार्यालय से आया; कोई औपचारिक घोषणा नहीं की गई।
कार्यवाहक चीफ ऑफ स्टाफ क्रिस्टोफर ला नेव ने कांग्रेस सुनवाई में सेकेंड आर्मर्ड ब्रिगेड काम्बेट टीम की तैनाती न करने की पुष्टि की।
सीनेटर जीन शाहीन ने कहा कि कांग्रेस को इस निर्णय की पूर्व सूचना नहीं दी गई थी।
पेंटागन पहले ही जर्मनी से 5,000 सैनिकों को अगले 6-12 महीनों में वापस बुलाने की घोषणा कर चुका है।
इटली में 2025 के अंत तक 12,700 सक्रिय अमेरिकी सैनिक तैनात थे — यूरोप में जर्मनी के बाद दूसरी सबसे बड़ी उपस्थिति।

पेंटागन ने पोलैंड में 4,000 से अधिक अमेरिकी सैनिकों को अस्थायी रूप से तैनात करने की योजना रद्द कर दी है। अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से कई अमेरिकी मीडिया संस्थानों ने यह जानकारी दी। यह निर्णय ऐसे समय में आया है जब वॉशिंगटन यूरोप में अपनी समग्र सैन्य उपस्थिति की समीक्षा कर रहा है।

कांग्रेस सुनवाई में खुलासा

अमेरिकी सेना के कार्यवाहक चीफ ऑफ स्टाफ क्रिस्टोफर ला नेव ने शुक्रवार को कांग्रेस की सुनवाई के दौरान स्वीकार किया कि अमेरिकी यूरोपीय कमान के प्रमुख को 'सैन्य बलों में कटौती के निर्देश प्राप्त हुए थे।' ला नेव ने कहा, 'मैंने उनके साथ करीबी परामर्श में इस बात पर काम किया कि कौन-सी सैन्य इकाई इसमें शामिल होगी और यह निर्णय लिया गया कि उस ब्रिगेड के लिए थिएटर में तैनाती न करना सबसे उपयुक्त होगा।' वे सेकेंड आर्मर्ड ब्रिगेड काम्बेट टीम का उल्लेख कर रहे थे।

जनरल ने यह भी बताया कि उस यूनिट के कुछ हिस्से पहले ही विदेश रवाना हो चुके थे और सैन्य उपकरण रास्ते में था। तैनाती रद्द करने का आदेश अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ के कार्यालय से जारी हुआ, हालाँकि इस संदर्भ में कोई औपचारिक घोषणा नहीं की गई।

कांग्रेस को नहीं दी गई जानकारी

सीनेट की सशस्त्र सेवा समिति की डेमोक्रेट सदस्य जीन शाहीन ने कहा कि इस निर्णय के बारे में कांग्रेस को पूर्व में सूचित नहीं किया गया था। उन्होंने पत्रकारों से कहा, 'जहाँ तक मुझे जानकारी है, हमें इसके बारे में सूचित नहीं किया गया था।' यह बयान कार्यपालिका और विधायिका के बीच सूचना-साझेदारी की कमी को उजागर करता है।

यूरोप में व्यापक सैन्य पुनर्गठन

गौरतलब है कि पेंटागन ने दो सप्ताह पहले ही घोषणा की थी कि अगले छह से 12 महीनों में जर्मनी से लगभग 5,000 अमेरिकी सैनिकों को वापस बुलाया जाएगा। इस महीने की शुरुआत में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इटली के मीडिया से कहा था कि वे इटली में स्थित सैन्य अड्डों से सैनिकों को हटाने पर 'विचार कर रहे हैं।' ट्रंप ने यह भी कहा कि 'जब हमें जरूरत थी, तब इटली हमारे साथ नहीं था।'

इटली के रक्षा मंत्री गुइडो क्रोसेट्टो ने ट्रंप की इस टिप्पणी पर कहा कि वे इसके पीछे की 'तर्कसंगतता को समझ नहीं पा रहे हैं।' उन्होंने बताया कि इटली अन्य देशों के साथ मिलकर होर्मुज जलडमरूमध्य में बारूदी सुरंगों को हटाने और समुद्री नौवहन की सुरक्षा के लिए एक मिशन की तैयारी कर रहा है।

1 मई को रिपोर्टों के अनुसार ट्रंप ने कहा था कि वे स्पेन और इटली में अमेरिकी सैन्य उपस्थिति कम कर सकते हैं और यूरोपीय सहयोगियों की आलोचना करते हुए कहा कि उन्होंने ईरान के खिलाफ अमेरिका-इजराइल युद्ध में सहयोग नहीं किया।

इटली में अमेरिकी सैन्य उपस्थिति

अमेरिकी रक्षा विभाग के आँकड़ों के अनुसार, 2025 के अंत तक इटली में लगभग 12,700 सक्रिय अमेरिकी सैनिक स्थायी रूप से तैनात थे, जिससे जर्मनी के बाद यह यूरोप में अमेरिका की दूसरी सबसे बड़ी सैन्य उपस्थिति बनती है। यह आँकड़ा दर्शाता है कि यदि ट्रंप प्रशासन इटली से भी सैनिक वापस बुलाता है, तो यूरोप में नाटो की रक्षा संरचना पर गहरा असर पड़ सकता है।

आगे क्या होगा

यूरोप में अमेरिकी सैन्य कटौती की यह श्रृंखला नाटो सहयोगियों में चिंता का विषय बनती जा रही है। विश्लेषकों का कहना है कि पोलैंड जैसे पूर्वी यूरोपीय देश, जो रूस की सीमा से लगे हैं, इन निर्णयों को अपनी सुरक्षा के लिए सीधे खतरे के रूप में देख सकते हैं। आने वाले हफ्तों में नाटो शिखर बैठक में यह मुद्दा केंद्र में रहने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

000 सैनिकों की वापसी और इटली-स्पेन में कटौती के संकेतों के साथ मिलकर एक सुसंगत पैटर्न बनाता है। चिंताजनक यह है कि यह निर्णय बिना किसी संसदीय सूचना या सार्वजनिक घोषणा के लिया गया, जो लोकतांत्रिक जवाबदेही पर सवाल खड़े करता है। पूर्वी यूरोप के देश, जो रूस की आक्रामकता के सबसे करीब हैं, इस 'चुप्पी से वापसी' को सुरक्षा गारंटी के कमजोर होने के रूप में पढ़ेंगे। नाटो की विश्वसनीयता उसकी उपस्थिति पर टिकी है — और यह उपस्थिति अब बिना बहस के सिकुड़ रही है।
RashtraPress
16 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पेंटागन ने पोलैंड में सैनिकों की तैनाती क्यों रद्द की?
अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ के कार्यालय ने यूरोपीय कमान को सैन्य बलों में कटौती के निर्देश दिए, जिसके बाद सेकेंड आर्मर्ड ब्रिगेड काम्बेट टीम की पोलैंड तैनाती रद्द कर दी गई। इस निर्णय के पीछे की विस्तृत वजह सार्वजनिक रूप से नहीं बताई गई है।
क्या अमेरिका यूरोप से अपनी सेना पूरी तरह हटा रहा है?
अभी पूरी तरह हटाने की घोषणा नहीं हुई है, लेकिन संकेत व्यापक कटौती के हैं। जर्मनी से 5,000 सैनिकों की वापसी और पोलैंड तैनाती रद्द होने के अलावा राष्ट्रपति ट्रंप ने इटली और स्पेन में भी उपस्थिति घटाने पर विचार करने की बात कही है।
इस निर्णय से नाटो पर क्या असर पड़ेगा?
विश्लेषकों का कहना है कि पूर्वी यूरोपीय नाटो सदस्य देश, विशेषकर पोलैंड और बाल्टिक राज्य, इस कटौती को अपनी सुरक्षा के लिए सीधे खतरे के रूप में देख सकते हैं। अमेरिकी सैन्य उपस्थिति नाटो की प्रतिरोध क्षमता का मुख्य आधार मानी जाती है।
क्या अमेरिकी कांग्रेस को इस फैसले की जानकारी थी?
नहीं। सीनेट की सशस्त्र सेवा समिति की सदस्य जीन शाहीन ने स्पष्ट कहा कि कांग्रेस को इस निर्णय के बारे में पूर्व में सूचित नहीं किया गया था। यह कार्यपालिका और विधायिका के बीच पारदर्शिता की कमी को उजागर करता है।
इटली में अमेरिकी सैनिकों की स्थिति क्या है?
अमेरिकी रक्षा विभाग के आँकड़ों के अनुसार 2025 के अंत तक इटली में लगभग 12,700 सक्रिय अमेरिकी सैनिक तैनात थे, जो जर्मनी के बाद यूरोप में दूसरी सबसे बड़ी अमेरिकी सैन्य उपस्थिति है। राष्ट्रपति ट्रंप ने इटली से भी सैनिक हटाने पर विचार करने की बात कही है।
राष्ट्र प्रेस
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