दिल्ली ईओडब्ल्यू ने ज्वेलरी किटी स्कीम से ₹1.5 करोड़ की ठगी के आरोपी को सूरत से गिरफ्तार किया
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली पुलिस की इकोनॉमिक ऑफेंस विंग (ईओडब्ल्यू) ने 14 सितंबर 2026 को 24 वर्षीय अनिकेत वर्मा को गिरफ्तार किया, जिस पर आरोप है कि उसने और उसके पिता ने बुराड़ी, नई दिल्ली में ज्वेलरी किटी स्कीम की आड़ में 700 से अधिक लोगों से कथित तौर पर ₹1.5 करोड़ की ठगी की। गिरफ्तारी सूरत हवाई अड्डे पर हिरासत में लिए जाने की सूचना के बाद ईओडब्ल्यू की एक विशेष टीम द्वारा की गई।
मुख्य घटनाक्रम
आरोपी अनिकेत वर्मा और उसके पिता नरेश कुमार वर्मा, जो यमुना विहार और बुराड़ी में 'बाबा श्याम गिरी ज्वेलर्स' नाम की दुकानें चलाते थे, पर आरोप है कि वे पिछले 10-12 वर्षों से किटी सोसाइटी और कमेटियाँ संचालित कर रहे थे। सदस्यों से हर महीने ₹1,000 जमा कराए जाते थे और 24 महीने बाद ₹28,000 मूल्य के गहने या समतुल्य राशि वापस देने का वादा किया जाता था। ईओडब्ल्यू के अनुसार, इस योजना में कथित तौर पर करीब 1,200 लोग शामिल थे।
एफआईआर और जाँच का ब्योरा
इस मामले में 8 अक्टूबर 2025 को आईपीसी की धाराओं 420, 406 और 120बी के तहत एफआईआर दर्ज की गई थी। जाँच के दौरान ईओडब्ल्यू को पीड़ितों से हस्तलिखित रसीदें मिलीं, जिन पर आरोपियों के हस्ताक्षर थे और जो कथित तौर पर जमा की गई किश्तों का दस्तावेजी प्रमाण हैं। ये रसीदें जब्त कर ली गई हैं।
दुबई फरारी और गिरफ्तारी
आरोप है कि दोनों आरोपियों ने दिल्ली में अपनी संपत्तियाँ बेच दीं और शहर से फरार हो गए। इसके बाद उनके खिलाफ लुकआउट सर्कुलर (एलओसी) जारी किए गए। जाँच में पता चला कि वे दुबई चले गए थे, जहाँ वे अपने परिवार के साथ रह रहे थे। 10 सितंबर 2026 को ईओडब्ल्यू को सूचना मिली कि अनिकेत वर्मा को सूरत हवाई अड्डे पर हिरासत में लिया गया है। इस पर एसीपी वीरेंद्र काद्यान की देखरेख में सब-इंस्पेक्टर राहुल तोमर और हेड कॉन्स्टेबल अनिल कुमार की टीम सूरत पहुँची और उसे विधिवत गिरफ्तार कर लिया।
सह-आरोपी अभी भी फरार
अनिकेत के पिता नरेश कुमार वर्मा अभी भी दुबई में हैं। पुलिस ने बताया कि उन्हें पकड़ने के लिए कानूनी और कूटनीतिक माध्यमों का सहारा लिया जा रहा है। गौरतलब है कि अनिकेत ने दिल्ली से 12वीं तक की पढ़ाई की है और उसका परिवार पहले यमुना विहार में रहता था।
आगे की जाँच
पुलिस के अनुसार, पीड़ितों की सटीक संख्या, कुल जमा राशि और इस कथित ठगी में संभावित अन्य लोगों की भूमिका की जाँच अभी जारी है। यह मामला उन शहरी किटी-स्कीम धोखाधड़ियों की श्रृंखला में नवीनतम है, जिनमें छोटे ज्वेलर्स और स्थानीय समितियाँ आम नागरिकों का विश्वास भुनाकर बड़ी रकम हड़प लेते हैं। आने वाले हफ्तों में नरेश कुमार वर्मा की गिरफ्तारी की दिशा में कूटनीतिक प्रयास तेज़ होने की संभावना है।