इंस्टाग्राम पर फर्जी ज्वेलरी बेचकर ₹1.16 लाख की ठगी, दिल्ली साइबर पुलिस ने हरियाणा से आरोपी दबोचा
सारांश
मुख्य बातें
नई दिल्ली की सेंट्रल जिला साइबर थाना पुलिस ने 27 जुलाई 2026 को इंस्टाग्राम पर फर्जी ज्वेलरी का विज्ञापन देकर एक महिला से ₹1,16,975 की ठगी करने के आरोप में एक युवक को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान हरियाणा के पलवल जिले के होडल निवासी 26 वर्षीय अंकित ठाकुर के रूप में हुई है। पुलिस ने उसके पास से एक मोबाइल फोन बरामद कर जब्त किया है, जबकि इस मामले का मुख्य साथी शमीम अभी भी फरार है।
शिकायत और घटनाक्रम
15 फरवरी 2026 को एक महिला ने साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस के अनुसार, महिला ने इंस्टाग्राम पर ज्वेलरी का एक आकर्षक विज्ञापन देखा और उसमें दिए गए नंबर पर संपर्क करने की कोशिश की, परंतु कॉल नहीं लगी। कुछ समय बाद एक अलग नंबर से उसे वापस फोन आया और कॉल करने वाले ने खुद को ज्वेलरी विक्रेता का प्रतिनिधि बताया। इसके बाद व्हाट्सएप के माध्यम से संपर्क बनाए रखा गया और ज्वेलरी भेजने का भरोसा दिलाया गया।
आरोपियों की बातों पर विश्वास करते हुए महिला ने 14 फरवरी 2026 को कई यूपीआई और पेटीएम लेन-देन के जरिए कुल ₹1,16,975 ट्रांसफर कर दिए। लंबे इंतजार के बाद जब ज्वेलरी नहीं पहुँची, तब महिला को ठगी का अहसास हुआ और उसने पुलिस का दरवाजा खटखटाया। इसके बाद भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया।
तकनीकी जाँच में खुला ठगी का जाल
जाँच के दौरान साइबर पुलिस ने इंस्टाग्राम खाते, मोबाइल नंबरों और वित्तीय लेन-देन का विस्तृत तकनीकी विश्लेषण किया। जाँच में सामने आया कि ठगी की रकम में से ₹97,580 एक व्यक्ति के नाम पर जारी कोटक महिंद्रा बैंक के क्रेडिट कार्ड का बकाया चुकाने में इस्तेमाल किए गए, जबकि शेष ₹19,395 किसी अन्य व्यक्ति के नाम पर जारी एक और क्रेडिट कार्ड के भुगतान में लगाए गए।
यह भी पता चला कि इनमें से एक क्रेडिट कार्ड और उससे जुड़ा सिम कार्ड राखी नामक एक महिला के नाम पर था, लेकिन उसका वास्तविक उपयोग अंकित ठाकुर कर रहा था। पूछताछ में अंकित ने स्वीकार किया कि वह उस सिम पर आने वाले ओटीपी प्राप्त करता था और धोखाधड़ी वाले लेन-देन को अंजाम देता था। इसके बदले वह राखी को ₹5,000 से ₹10,000 तक देता था।
गिरोह की कार्यप्रणाली
अंकित ने पूछताछ में यह भी खुलासा किया कि ठगी की कुल रकम का केवल 10 प्रतिशत हिस्सा उसे मिलता था, जबकि शेष 90 प्रतिशत उसका साथी शमीम अपने पास रखता था। गिरोह जानबूझकर ठगी की रकम सीधे बैंक खातों में न रखकर दूसरों के नाम पर जारी क्रेडिट कार्ड के बकाया भुगतान में लगाता था, ताकि वित्तीय लेन-देन की डिजिटल ट्रेल को उलझाया जा सके।
गौरतलब है कि इस गिरोह का तरीका इंस्टाग्राम पर आकर्षक ज्वेलरी विज्ञापन, व्हाट्सएप पर विश्वास-निर्माण और फिर डिजिटल माध्यमों से भुगतान लेने पर आधारित था — एक ऐसी रणनीति जो आज के सोशल-कॉमर्स के दौर में तेजी से आम होती जा रही है।
गिरफ्तारी और आगे की जाँच
तकनीकी और वित्तीय साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने हरियाणा के होडल में छापेमारी कर अंकित ठाकुर को गिरफ्तार किया। राखी के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की गई है। अब पुलिस फरार आरोपी शमीम और इस साइबर गिरोह के अन्य संभावित सदस्यों की तलाश में जुटी है। पूरे नेटवर्क की जाँच जारी है।