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क्या दिल्ली में फर्जी डेटिंग ऐप के जरिए पैसे की उगाही हो रही है?

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क्या दिल्ली में फर्जी डेटिंग ऐप के जरिए पैसे की उगाही हो रही है?

सारांश

दिल्ली की साइबर पुलिस ने फर्जी डेटिंग ऐप के माध्यम से पैसे की जबरन वसूली करने वाले दो साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। यह मामला एक युवक के साथ घटित हुआ, जिसने वीडियो कॉल के जरिए धोखाधड़ी का शिकार बना। जानिए इस घटना का पूरा विवरण और पुलिस जांच की वर्तमान स्थिति।

मुख्य बातें

फर्जी डेटिंग ऐप से सावधान रहें।
धोखाधड़ी के मामले में तुरंत शिकायत करें।
ऑनलाइन सुरक्षा के उपायों को अपनाएं।

नई दिल्ली, 23 जून (राष्ट्र प्रेस)। दिल्ली के शाहदरा जिले की साइबर पुलिस ने फर्जी डेटिंग ऐप प्रोफाइल के माध्यम से 35,000 रुपए की जबरन वसूली के मामले में दो साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है।

आरोपियों की पहचान श्याम सिंह (21 वर्ष), निवासी बलदेवबास, डीग, राजस्थान और मंगल सिंह (31 वर्ष), निवासी झंगोला, अलीपुर, दिल्ली के रूप में हुई है। पुलिस ने उनके कब्जे से चार मोबाइल फोन और तीन सिम कार्ड बरामद किए हैं।

पुलिस उपायुक्त (शाहदरा) प्रशांत गौतम ने बताया कि शिकायतकर्ता अंकित कुमार कैन ने 12 जून को एफआईआर दर्ज कराई थी। अंकित ने बताया कि डेटिंग ऐप पर उनकी मुलाकात नंदिनी नाम की एक महिला से हुई। दोनों ने व्हाट्सएप पर बात शुरू की, लेकिन महिला ने वीडियो कॉल के दौरान उसका चेहरा रिकॉर्ड कर लिया। बाद में, उसने वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी देकर 35,000 रुपए मांग लिए। डर के मारे अंकित ने पैसे ट्रांसफर कर दिए। लेकिन और पैसे मांगे जाने पर उन्होंने एनसीआरपी पोर्टल पर शिकायत दर्ज की।

मामले की जांच के लिए एसीपी (ऑपरेशंस) गुरदेव सिंह की देखरेख में एसएचओ साइबर विजय कुमार के नेतृत्व में एक टीम गठित की गई, जिसमें एसआई श्वेता शर्मा, एएसआई राजदीप, एचसी जावेद, एचसी विकास और कांस्टेबल रणजीत शामिल थे। जांच में पता चला कि 35,000 रुपए बंधान बैंक के एक खाते में ट्रांसफर किए गए, जो मंगल सिंह के नाम पर था, लेकिन इसे श्याम सिंह ने आमिर नाम के व्यक्ति के निर्देश पर ऑनलाइन खोला था।

पुलिस ने 13 जून को श्याम सिंह को गिरफ्तार किया और उसके रिमांड के दौरान मंगल सिंह को झंगोला, दिल्ली से पकड़ा। पूछताछ में श्याम ने खुलासा किया कि वह लोगों को पैसे देकर उनके बैंक खाते खोलता था और इन्हें साइबर अपराध के लिए इस्तेमाल करता था। मंगल ने 10,000 रुपए के बदले अपना खाता श्याम को दिया था।

पुलिस ने श्याम के पास से चार मोबाइल फोन और तीन सिम कार्ड बरामद किए, जिनमें अपराध में इस्तेमाल हुए नंबर शामिल हैं। मामले की आगे की जांच जारी है, ताकि आमिर और अन्य संभावित आरोपियों का पता लगाया जा सके।

संपादकीय दृष्टिकोण

खासकर ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर। सरकार और पुलिस को इस दिशा में कड़ी कार्रवाई करने की आवश्यकता है।
RashtraPress
26 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

फर्जी डेटिंग ऐप क्या होते हैं?
फर्जी डेटिंग ऐप्स ऐसे प्लेटफॉर्म होते हैं, जो वास्तविकता में मौजूद नहीं होते और लोगों से धोखाधड़ी करने के लिए बनाए जाते हैं।
अगर कोई साइबर धोखाधड़ी का शिकार हो जाए तो क्या करें?
ऐसे मामलों में तुरंत स्थानीय पुलिस या साइबर सेल में शिकायत दर्ज करें और अपने बैंक को भी सूचित करें।
क्या डेटिंग ऐप्स सुरक्षित हैं?
डेटिंग ऐप्स का इस्तेमाल करते समय सतर्क रहना आवश्यक है। हमेशा अपनी जानकारी को सुरक्षित रखें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि को रिपोर्ट करें।
राष्ट्र प्रेस
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