सशस्त्र बलों की पेंशन विसंगतियाँ दूर: वायुसेना-नौसेना के 1,45,182 मामले 100% सामान्यीकृत
सारांश
मुख्य बातें
रक्षा लेखा विभाग ने 15 सितंबर 2026 को एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए भारतीय वायुसेना और भारतीय नौसेना से जुड़े सभी 1,45,182 विसंगतिपूर्ण पेंशन मामलों का स्पर्श प्रणाली पर शत-प्रतिशत सामान्यीकरण पूरा कर लिया है। रक्षा मंत्रालय के अनुसार, भारतीय थलसेना के मामलों में भी 98.8 प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त कर लिया गया है।
मुख्य उपलब्धियाँ
भारतीय वायुसेना के 1,12,638 विसंगतिपूर्ण मामलों और भारतीय नौसेना के 32,544 मामलों को मिलाकर कुल 1,45,182 मामलों का सामान्यीकरण पूरी तरह संपन्न हो गया है। यह दोनों सेवाओं के लिए 100 प्रतिशत की सफलता दर है — अर्थात एक भी विसंगतिपूर्ण मामला लंबित नहीं बचा।
थलसेना की बात करें तो कुल 3,94,779 विसंगतिपूर्ण मामलों में से 3,90,336 मामलों का निस्तारण हो चुका है, जो कुल मामलों का 98.8 प्रतिशत है। रक्षा मंत्रालय के मुताबिक शेष मामलों पर भी काम जारी है।
अभियान की कार्यपद्धति
रक्षा लेखा विभाग ने इन मामलों के निस्तारण के लिए मिशन मोड में एक विशेष अभियान चलाया। इस अभियान में प्रत्येक मामले की केंद्रित जाँच की गई, लगातार निगरानी रखी गई और संबंधित कार्यालयों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित किया गया।
विभाग के अनुसार, रक्षा लेखा महानियंत्रक और रक्षा लेखा महानियंत्रक, पेंशन के नेतृत्व में किए गए समन्वित प्रयासों ने स्पर्श व्यवस्था को सुदृढ़ करने में निर्णायक भूमिका निभाई। यह उल्लेखनीय है कि विसंगतियों को दूर करना केवल संख्या कम करने तक सीमित नहीं था — हर मामले की गहन जाँच के बाद ही उसे सामान्यीकृत किया गया।
स्पर्श प्रणाली की भूमिका
स्पर्श (SPARSH) — सिस्टम फॉर पेंशन एडमिनिस्ट्रेशन (रक्षा) — एक डिजिटल प्लेटफॉर्म है जिसे सशस्त्र बलों के पेंशनभोगियों के लिए पेंशन प्रक्रिया को पारदर्शी और कागज़-रहित बनाने के उद्देश्य से विकसित किया गया था। गौरतलब है कि बड़ी संख्या में मामलों में विसंगतियाँ अलग-अलग स्तरों पर जाँच और समन्वय की कमी के कारण उत्पन्न होती हैं। ऐसे में इस अभियान की सफलता प्रणाली की परिपक्वता को दर्शाती है।
सशस्त्र बलों के पेंशनभोगियों पर असर
यह अभियान उन लाखों पूर्व सैनिकों, नौसैनिकों और वायुसैनिकों के लिए राहत की खबर है जिनके पेंशन मामलों में लंबे समय से विसंगतियाँ बनी हुई थीं। विसंगतिपूर्ण मामलों का मतलब अक्सर गलत पेंशन राशि, खाते में देरी, या दस्तावेज़ी त्रुटियाँ होती हैं जो पेंशनभोगियों की आजीविका को प्रभावित करती हैं।
यह ऐसे समय में आया है जब रक्षा मंत्रालय पेंशन वितरण को पूरी तरह डिजिटल और स्वचालित बनाने की दिशा में लगातार काम कर रहा है। तीनों सेवाओं के मामलों में प्रगति इस व्यापक लक्ष्य की ओर एक ठोस कदम है।
आगे की राह
थलसेना के शेष 4,443 मामलों के निस्तारण पर भी विभाग का काम जारी है। रक्षा मंत्रालय के अनुसार, तीनों सेनाओं से जुड़े पेंशन मामलों की समग्र स्थिति को और व्यवस्थित करने की दिशा में यह उपलब्धि एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। विशेषज्ञों का मानना है कि स्पर्श प्रणाली के पूर्ण एकीकरण से भविष्य में नई विसंगतियों की संभावना भी कम होगी।