'भविष्य' पोर्टल से 3.28 लाख पेंशन आदेश जारी, निपटान औसत घटकर 64 दिन
सारांश
मुख्य बातें
केंद्र सरकार के कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन मंत्रालय ने 20 जून 2026 को बताया कि 'भविष्य' पेंशन प्रोसेसिंग पोर्टल ने केंद्रीय सरकारी पेंशनभोगियों की सेवा प्रक्रिया को तेज़, पारदर्शी और पूरी तरह डिजिटल बना दिया है। 19 जून 2026 तक इस मंच के ज़रिए 3,28,116 पेंशन भुगतान आदेश (PPO) जारी किए जा चुके हैं और पेंशन निपटान का औसत समय घटकर मात्र 64 दिन रह गया है।
क्या है 'भविष्य' पोर्टल
पेंशन एवं पेंशनभोगी कल्याण विभाग द्वारा विकसित यह एकीकृत ऑनलाइन प्रणाली पेंशन स्वीकृति और भुगतान की पूरी प्रक्रिया को डिजिटल रूप से संचालित करती है। 1 जनवरी 2017 से इसे सभी केंद्रीय नागरिक मंत्रालयों और विभागों के लिए अनिवार्य कर दिया गया। पिछले 12 वर्षों में इस प्लेटफॉर्म ने पेंशन प्रशासन की कार्यशैली को बुनियादी रूप से बदला है।
मुख्य उपलब्धियाँ और आँकड़े
सरकारी बयान के अनुसार, वर्तमान में 99 मंत्रालय और विभाग, 1,041 कार्यालय तथा 9,765 ड्रॉइंग एवं डिस्बर्सिंग अधिकारी (DDO) इस प्रणाली से जुड़े हैं। सेवानिवृत्ति से जुड़े लगभग 73 प्रतिशत मामलों में PPO समय पर जारी हो रहे हैं। सेवाकाल में कर्मचारी की मृत्यु होने पर 69 प्रतिशत पारिवारिक पेंशन मामलों का निपटारा छह महीने के भीतर किया जा रहा है।
डिजिटल प्रशासन में उत्कृष्ट योगदान के लिए 'भविष्य' पोर्टल को राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस सेवा वितरण मूल्यांकन (NeSDA) 2021 में तीसरा स्थान प्राप्त हुआ था।
नया फॉर्म 6-ए: आवेदन और भी सरल
16 जुलाई 2024 को अधिसूचित फॉर्म 6-ए के ज़रिए CCS (पेंशन) नियम, 2021 में संशोधन किए गए हैं। इस एकल आवेदन फॉर्म के माध्यम से कर्मचारी केवल एक ई-साइन सुविधा का उपयोग करके पेंशन के लिए आवेदन कर सकते हैं। अब तक 64,000 से अधिक सेवानिवृत्त होने वाले सरकारी कर्मचारी इस नए फॉर्म के ज़रिए आवेदन कर चुके हैं।
CGHS से एकीकरण: स्वास्थ्य सेवाएँ भी निर्बाध
सेवानिवृत्ति के बाद स्वास्थ्य सेवाओं में किसी प्रकार की बाधा न आए, इसके लिए 'भविष्य' पोर्टल को केंद्रीय सरकारी स्वास्थ्य योजना (CGHS) से भी जोड़ा गया है। इस एकीकरण के बाद सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों को रिटायरमेंट के पहले दिन से ही स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ बिना किसी व्यवधान के मिलता रहेगा।
आगे की राह
सरकार के अनुसार, पेंशन प्रणाली के पूर्ण डिजिटलीकरण की दिशा में यह पोर्टल एक निर्णायक कदम साबित हुआ है। लिपिकीय त्रुटियों में कमी, देरी में सुधार और CGHS एकीकरण के साथ, केंद्रीय पेंशनभोगियों को अब एक निर्बाध और जवाबदेह प्रशासनिक अनुभव मिल रहा है — और आने वाले वर्षों में इस मंच का और विस्तार किए जाने की संभावना है।