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12 साल में पेंशन सुधार: डिजिटल जीवन प्रमाण से फेस ऑथेंटिकेशन तक, करोड़ों पेंशनर्स को मिली राहत

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12 साल में पेंशन सुधार: डिजिटल जीवन प्रमाण से फेस ऑथेंटिकेशन तक, करोड़ों पेंशनर्स को मिली राहत

सारांश

12 साल में पेंशन व्यवस्था का कायाकल्प हुआ — जीवन प्रमाण से फेस ऑथेंटिकेशन तक। डीएलसी अभियान 4.0 में अकेले नवंबर 2025 में 1.91 करोड़ से अधिक डिजिटल प्रमाण पत्र जमा हुए। यह डिजिटल इंडिया की उस परिपक्वता की झलक है जो बुज़ुर्ग नागरिकों तक भी पहुँच रही है।

मुख्य बातें

पेंशन एवं पेंशनभोगी कल्याण विभाग (डीओपीपीडब्ल्यू) ने 12 वर्षों में पेंशन सेवाओं को डिजिटल और नागरिक-केंद्रित बनाया।
आधार-आधारित जीवन प्रमाण की शुरुआत 2014 में हुई; 2021 में फेस ऑथेंटिकेशन जोड़ा गया।
डीएलसी अभियान 4.0 ( नवंबर 2025 ) में 1.91 करोड़ से अधिक डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट जमा हुए, जिनमें 57 लाख से अधिक केंद्रीय पेंशनभोगियों के थे।
देशभर में 57 पेंशनर्स वेलफेयर एसोसिएशनों (पीडब्ल्यूए) का नेटवर्क सक्रिय है।
प्रमुख बैंकों के सहयोग से 13 बैंकर्स अवेयरनेस प्रोग्राम (बीएपी) आयोजित किए जा चुके हैं।

पेंशन एवं पेंशनभोगी कल्याण विभाग (डीओपीपीडब्ल्यू) ने 19 जून 2026 को जारी एक आधिकारिक बयान में बताया कि पिछले 12 वर्षों में केंद्र सरकार ने देश भर के पेंशनभोगियों के लिए सेवाओं को डिजिटल, पारदर्शी और सुलभ बनाने की दिशा में कई अहम कदम उठाए हैं। डिजिटल इंडिया और 'ईज ऑफ लिविंग' के विज़न के तहत तकनीक, जनसहभागिता और जागरूकता अभियानों को मिलाकर पेंशन वितरण प्रणाली को नया रूप दिया गया है।

जीवन प्रमाण पत्र का डिजिटल रूपांतरण

सरकार की सबसे उल्लेखनीय उपलब्धियों में आधार-आधारित डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट 'जीवन प्रमाण' की शुरुआत रही है, जो 2014 में लागू की गई थी। इसके बाद 2021 में फेस ऑथेंटिकेशन तकनीक को इसमें जोड़ा गया, जिससे पेंशनभोगी अब अपने स्मार्टफोन के ज़रिए कहीं से भी, किसी भी समय जीवन प्रमाण पत्र जमा कर सकते हैं। यह बदलाव उन बुजुर्ग पेंशनर्स के लिए विशेष रूप से राहतभरा है जिन्हें पहले बैंक या सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ते थे।

राष्ट्रीय डीएलसी अभियान: मुख्य उपलब्धियाँ

विभाग ने 2022 से अब तक चार राष्ट्रीय डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट (डीएलसी) अभियान आयोजित किए हैं। नवंबर 2025 में आयोजित डीएलसी अभियान 4.0 के दौरान 1.91 करोड़ से अधिक डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट जमा किए गए, जिनमें 57 लाख से अधिक केंद्रीय सरकारी पेंशनभोगियों के प्रमाण पत्र शामिल थे। आधिकारिक बयान के अनुसार, यह डिजिटल शासन के प्रभावी क्रियान्वयन का एक बड़ा उदाहरण माना जा रहा है।

पेंशनर्स वेलफेयर एसोसिएशन नेटवर्क

भागीदारी आधारित प्रशासन को मज़बूत करने के लिए सरकार ने देशभर में 57 पेंशनर्स वेलफेयर एसोसिएशनों (पीडब्ल्यूए) का सक्रिय नेटवर्क विकसित किया है। ये संस्थाएँ विभाग के विस्तारित अंग के रूप में काम करते हुए पेंशनभोगियों को सेवाओं की जानकारी देती हैं, शिकायत निवारण में सहायता करती हैं और डीएलसी अभियानों को ज़मीनी स्तर पर सफल बनाने में योगदान देती हैं।

बैंकर्स और पेंशनर्स जागरूकता कार्यक्रम

पेंशन वितरण की गुणवत्ता सुधारने के लिए डीओपीपीडब्ल्यू ने बैंकर्स अवेयरनेस प्रोग्राम (बीएपी) की शुरुआत की है। प्रमुख पेंशन वितरण बैंकों के सहयोग से अब तक 13 ऐसे कार्यक्रम आयोजित किए जा चुके हैं, जिनमें बैंक अधिकारियों और कर्मचारियों को पेंशन नियमों, प्रक्रियाओं और नई डिजिटल सेवाओं की जानकारी दी गई। इसके साथ ही देशभर में पेंशनर्स अवेयरनेस प्रोग्राम (पीएपी) भी आयोजित किए जा रहे हैं, जो पेंशनभोगियों और संबंधित विभागों के बीच सीधे संवाद का मंच प्रदान करते हैं।

आगे की राह

गौरतलब है कि यह सुधार ऐसे समय में आए हैं जब देश में बुज़ुर्ग आबादी का अनुपात लगातार बढ़ रहा है और पेंशन सेवाओं की माँग पहले से कहीं अधिक है। डिजिटल पहुँच के विस्तार और जागरूकता अभियानों की निरंतरता के साथ, सरकार का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि प्रत्येक पेंशनभोगी बिना किसी बिचौलिए के अपनी सेवाएँ प्राप्त कर सके।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि क्या डिजिटल पहुँच उन पेंशनर्स तक भी पहुँची है जो ग्रामीण या अर्ध-शहरी क्षेत्रों में हैं और जिनके पास स्मार्टफोन या इंटरनेट कनेक्टिविटी नहीं है। 1.91 करोड़ का आँकड़ा कुल पेंशनभोगी आबादी के सापेक्ष देखा जाना चाहिए — केवल 57 लाख केंद्रीय पेंशनभोगियों की भागीदारी यह संकेत देती है कि एक बड़ा वर्ग अभी भी इस डिजिटल परिवर्तन से बाहर है। पेंशनर्स वेलफेयर एसोसिएशन और बैंकर्स अवेयरनेस प्रोग्राम सराहनीय हैं, किंतु इनकी ज़मीनी प्रभावशीलता के स्वतंत्र मूल्यांकन के बिना यह तस्वीर अधूरी है।
RashtraPress
11 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र (जीवन प्रमाण) क्या है और यह कैसे काम करता है?
जीवन प्रमाण एक आधार-आधारित डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट है जिसे 2014 में लॉन्च किया गया था। पेंशनभोगी इसे अपने स्मार्टफोन से फेस ऑथेंटिकेशन (2021 से उपलब्ध) के ज़रिए कहीं से भी जमा कर सकते हैं, जिससे बैंक या सरकारी दफ्तर जाने की ज़रूरत नहीं रहती।
डीएलसी अभियान 4.0 में कितने डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट जमा हुए?
नवंबर 2025 में आयोजित डीएलसी अभियान 4.0 के दौरान 1.91 करोड़ से अधिक डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट जमा किए गए। इनमें से 57 लाख से अधिक केंद्रीय सरकारी पेंशनभोगियों के थे।
पेंशनर्स वेलफेयर एसोसिएशन (पीडब्ल्यूए) पेंशनभोगियों की कैसे मदद करती हैं?
देशभर में 57 पेंशनर्स वेलफेयर एसोसिएशन सक्रिय हैं जो डीओपीपीडब्ल्यू के विस्तारित अंग के रूप में काम करती हैं। ये सेवाओं की जानकारी देती हैं, शिकायत निवारण में सहायता करती हैं और डीएलसी अभियानों को ज़मीनी स्तर पर सफल बनाती हैं।
बैंकर्स अवेयरनेस प्रोग्राम (बीएपी) का उद्देश्य क्या है?
बीएपी का उद्देश्य प्रमुख पेंशन वितरण बैंकों के अधिकारियों और कर्मचारियों को पेंशन नियमों, प्रक्रियाओं और नई डिजिटल सेवाओं से अवगत कराना है। अब तक 13 ऐसे कार्यक्रम आयोजित किए जा चुके हैं ताकि पेंशनभोगियों को बेहतर और तेज़ सेवाएँ मिल सकें।
पिछले 12 वर्षों में पेंशन सेवाओं में सबसे बड़े बदलाव कौन से हैं?
2014 में जीवन प्रमाण की शुरुआत, 2021 में फेस ऑथेंटिकेशन का जुड़ना, 2022 से चार राष्ट्रीय डीएलसी अभियान, 57 पेंशनर्स वेलफेयर एसोसिएशनों का नेटवर्क और 13 बैंकर्स अवेयरनेस प्रोग्राम — ये सभी मिलकर पेंशन व्यवस्था के डिजिटल रूपांतरण की मुख्य कड़ियाँ हैं।
राष्ट्र प्रेस
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