रजत जायसवाल को इफ्तार मामले में मिली जान से मारने की धमकी, पुलिस कर रही जांच

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रजत जायसवाल को इफ्तार मामले में मिली जान से मारने की धमकी, पुलिस कर रही जांच

सारांश

बनारस में भाजपा युवा मोर्चा के अध्यक्ष रजत जायसवाल को इफ्तार पार्टी में शिकायत करने के बाद जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं। पुलिस इस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है।

मुख्य बातें

इफ्तार पार्टी में शिकायत करने के बाद रजत जायसवाल को धमकियां मिलीं।
पुलिस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है।
धमकियां अंतरराष्ट्रीय कॉल और ईमेल के माध्यम से दी गईं।
रजत ने इस मामले को डीसीपी को सौंपा है।
राजनीतिक असहिष्णुता का यह मामला महत्वपूर्ण है।

बनारस, 20 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। गंगा नदी में इफ्तार पार्टी को लेकर शिकायत करने वाले भाजपा युवा मोर्चा के महानगर अध्यक्ष रजत जायसवाल को अब जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं। ये धमकियां अंतरराष्ट्रीय कॉल और ईमेल के माध्यम से दी जा रही हैं।

रजत जायसवाल ने इस मामले में वाराणसी के सिगरा थाने में मुकदमा दर्ज कराया है। पुलिस अब इन धमकियों की गंभीरता से जांच कर रही है और अंतरराष्ट्रीय नंबरों और ईमेल आईडी को ट्रेस करने में जुटी है।

कुछ दिन पहले सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें गंगा के बीच नाव पर इफ्तार पार्टी का आयोजन किया गया था। इस दौरान चिकन बिरयानी के अवशेष गंगा में फेंके जाने की शिकायत भी सामने आई थी। इस मामले में रजत जायसवाल ने शिकायत की थी, जिसके बाद कोतवाली पुलिस ने मदनपुरा इलाके के 14 युवकों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।

रजत जायसवाल ने राष्ट्र प्रेस से कहा कि उन्हें पहले एक कॉल आई, जिसमें सामने वाला व्यक्ति पाकिस्तानी पंजाबी भाषा में बात कर रहा था। इसके बाद उन्हें ईमेल के जरिए भी धमकी दी गई।

उन्होंने कहा कि 25-30 लोग उनसे बहस करना चाहते हैं और उन्हें एक जगह बुलाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने आशंका जताई कि इसके पीछे कोई पुरानी रंजिश हो सकती है।

उन्होंने बताया कि इस सभी जानकारी को उन्होंने डीसीपी काशी जोन 3 गौरव बंसवाल को सौंप दिया है और सिगरा थाने में एफआईआर भी दर्ज हो चुकी है। रजत ने कहा कि प्रशासन उनका पूरा सहयोग कर रहा है और पुलिस लगातार मामले की जांच में लगी है।

रजत जायसवाल ने आगे कहा कि उन्हें विशेष समुदाय के द्वारा गाली दी जा रही है और मारने की धमकी दी जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह समाज में बढ़ती असहिष्णुता का भी संकेत है। रजत जायसवाल की शिकायत के बाद जो घटनाक्रम हुआ, वह दर्शाता है कि कैसे राजनीतिक मतभेद व्यक्तिगत सुरक्षा को प्रभावित कर सकते हैं। पुलिस की कार्रवाई से यह भी स्पष्ट होता है कि प्रशासन इस मुद्दे को गंभीरता से ले रहा है।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

रजत जायसवाल को धमकियां क्यों मिल रही हैं?
उन्हें गंगा नदी में इफ्तार पार्टी को लेकर शिकायत करने के कारण धमकियां मिल रही हैं।
पुलिस इस मामले में क्या कदम उठा रही है?
पुलिस धमकियों की जांच कर रही है और अंतरराष्ट्रीय नंबरों को ट्रेस करने में जुटी है।
क्या रजत ने इस बारे में कोई शिकायत दर्ज कराई है?
हाँ, रजत ने वाराणसी के सिगरा थाने में मुकदमा दर्ज कराया है।
यह मामला किन मुद्दों को उजागर करता है?
यह मामला राजनीतिक असहिष्णुता और व्यक्तिगत सुरक्षा के मुद्दों को उजागर करता है।
रजत जायसवाल का प्रशासन से क्या सहयोग है?
रजत ने बताया कि प्रशासन उनका पूरा सहयोग कर रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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