क्या राजस्थान की 91 स्कीमों की जांच में लगभग 50 करोड़ का घोटाला मिलेगा?
सारांश
Key Takeaways
जयपुर, २४ नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। राजस्थान भाजपा विधायक जितेंद्र सिंह गोठवाल ने पूर्व गहलोत सरकार पर जल जीवन मिशन में बड़े घोटाले का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि १२५ करोड़ की ९१ स्कीमें २०२० में शुरू हुई थीं। इनमें केंद्र सरकार का भी पैसा था। इसके जरिए १६७ गांवों तक पानी पहुंचाना था, लेकिन एक भी गांव में पानी नहीं पहुंचा और लगभग ९० करोड़ का भुगतान हो गया।
भाजपा विधायक जितेंद्र सिंह गोठवाल ने कहा कि मैंने २०२५ के बजट सत्र के दौरान इस मामले को उठाया था। मंत्री ने इसको लेकर कमेटी बनाई है। हाल ही में इस मामले में कार्रवाई हुई है। ७ अधिकारियों को सरकार ने नोटिस भेजा है। मैं मुख्यमंत्री को धन्यवाद देता हूं कि इतनी बड़ी कार्रवाई उन्होंने की है। मुझे भरोसा है कि सरकार दोषियों को सस्पेंड भी करेगी।
उन्होंने बताया कि हमने ५ स्कीमों की जांच करवाई और इसमें ४० लाख का घोटाला पाया गया है। उन्होंने दावा किया है कि ९१ स्कीमों के अंदर लगभग ५० करोड़ का घोटाला मिलेगा। इसकी जांच हो रही है। इस जांच के बाद जल जीवन मिशन का काम रोकने वालों को सबक मिलेगा। जितेंद्र सिंह गोठवाल ने कहा है कि पिछली सरकार का यह बड़ा घोटाला निकलकर सामने आएगा।
उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के स्वभाव में रहा है कि वे नए व्यक्ति को काम नहीं करने देना चाहते, चाहे वह उनकी पार्टी का नेता हो या किसी अन्य पार्टी का। उन्हें लगता है कि सत्ता में उन्हें ही काबिज रहना चाहिए था, लेकिन जनता भाजपा को जिता कर सरकार में भेज चुकी है।
एसआईआर को लेकर चल रही राजनीति और वोटरों के नाम काटे जाने के आरोप पर उन्होंने कहा कि वे शायद कांग्रेस के वोट बैंक की बात नहीं कर रहे हैं, बल्कि किसी जाति विशेष के वोट बैंक की बात कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि बम ब्लास्ट, चोरी या डकैती की घटनाओं में मुख्य रूप से जाति विशेष के लोग ही शामिल मिलते हैं जो देश के नहीं हैं। उन्होंने देश में रहकर हमें ही लूटने का काम किया है। एसआईआर के लिए केंद्र सरकार को जितना धन्यवाद दिया जाए, कम है।