क्या मकर संक्रांति पर हर की पौड़ी पर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी?
सारांश
Key Takeaways
- मकर संक्रांति पर हरिद्वार में गंगा स्नान का आयोजन होता है।
- भक्तों की आस्था ठंड और कोहरे में भी अडिग रहती है।
- हर की पौड़ी पर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती है।
- सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन पूरी तरह तैयार है।
- गंगासागर में भी मकर संक्रांति का उत्सव धूमधाम से मनाया जा रहा है।
हरिद्वार, 15 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। मकर संक्रांति के पावन अवसर पर धर्म नगरी हरिद्वार में गंगा स्नान का कार्यक्रम दूसरे दिन भी जारी रहा। तड़के से ही हर की पौड़ी पर श्रद्धालुओं की भीड़ देखने को मिली। ठंड और घने कोहरे के बावजूद भक्तों की आस्था पर इसका कोई असर नहीं पड़ा। लोग अपने पारंपरिक कपड़ों में स्नान करने पहुंचे और पतित-पावन गंगा में डुबकी लगाकर पुण्य कमाने में जुटे। घाट पर 'हर-हर गंगे' के जयघोष ने पूरा माहौल भक्तिमय बना दिया।
सुरक्षा और व्यवस्थाओं को लेकर पुलिस और प्रशासन पूरी तरह से मुस्तैद रहे। हर की पौड़ी और आसपास के घाटों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया था। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए बैरिकेडिंग और यातायात व्यवस्था भी संभाली गई थी, ताकि लोग आराम से घाट तक पहुंच सकें और स्नान करने में कोई कठिनाई न आए।
पश्चिम बंगाल में भी मकर संक्रांति के उत्सव का रंग देखने को मिल रहा है। बड़ी संख्या में श्रद्धालु गंगासागर में पवित्र डुबकी लगाने के लिए पहुंच रहे हैं। इसके साथ ही, पूजा-पाठ, दान आदि धार्मिक अनुष्ठान भी किए जा रहे हैं।
बिहार के पटना जिले के मनेर ब्लॉक से आए कन्हैया ने बताया कि मकर संक्रांति के शुभ अवसर पर वे गंगा स्नान करने आए हैं। उन्होंने कहा कि हमारे ऋषि-मुनि कहते हैं कि हर तीर्थ यात्रा एक बार जरूर करनी चाहिए। हमारे पूर्वज भी यही कहकर गए हैं। इसलिए हम बहुत खुश हैं कि हम यहां स्नान कर पाए।
वहीं, कई श्रद्धालुओं ने कहा कि व्यवस्था बहुत अच्छी की गई है, घाट सुंदर से सजाया गया है और आने-जाने में उन्हें कोई परेशानी नहीं हुई।
पहली बार गंगासागर आए राजकुमार ठाकुर ने बताया कि यहां का माहौल बहुत ही अच्छा है। स्नान के बाद मन बहुत हल्का और खुश महसूस हो रहा है।
धार्मिक अनुष्ठान के दौरान श्रद्धालु अपने परिवार और मित्रों के साथ घाट पर मौजूद रहे। कुछ लोग स्नान करने के बाद घाट किनारे बैठकर गंगा जी की आरती और भजन-संकीर्तन में भी शामिल हुए।