पीरियड्स के दौरान आयरन की कमी: जानें कारण और उपाय

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पीरियड्स के दौरान आयरन की कमी: जानें कारण और उपाय

सारांश

क्या आपको पीरियड्स के दौरान थकान और कमजोरी का सामना करना पड़ता है? जानें कैसे आयरन की कमी इसे बढ़ा सकती है और इसे कैसे पूरा करें।

Key Takeaways

  • पीरियड्स के दौरान आयरन की कमी एक सामान्य समस्या है।
  • अत्यधिक रक्तस्राव से शरीर में आयरन की कमी होती है।
  • आहार में आयरन और विटामिन सी शामिल करना महत्वपूर्ण है।
  • समय पर डॉक्टर से सलाह लेना आवश्यक है।
  • सही पोषण से एनीमिया को रोका जा सकता है।

नई दिल्ली, 16 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। महिलाओं के लिए पीरियड्स या मासिक धर्म एक सामान्य प्राकृतिक प्रक्रिया मानी जाती है। यदि इस दौरान रक्तस्राव अत्यधिक होता है, तो यह शरीर में आयरन की कमी का एक प्रमुख कारण बन सकता है। इससे सुस्ती, दर्द, कमजोरी और ऐंठन जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं। हेल्थ विशेषज्ञ इस समय अधिक से अधिक आयरन का सेवन करने की सिफारिश करते हैं।

हेल्थ विशेषज्ञ महिलाओं को यह सलाह देते हैं कि पीरियड्स के दौरान कमजोरी, थकान या चक्कर आने जैसे लक्षणों को नज़रअंदाज नहीं करना चाहिए। उचित आहार और दवाओं से इस स्थिति को आसानी से नियंत्रित किया जा सकता है।

पीरियड्स के दौरान हर महीने गर्भाशय की परत (एंडोमेट्रियम) अगर गर्भ नहीं ठहरता है तो यह खून के रूप में बाहर निकलती है। यह प्रक्रिया 3 से 7 दिनों तक चल सकती है। सामान्यत: 30-80 मिलीलीटर खून निकलता है, लेकिन कुछ महिलाओं में यह मात्रा 80 मिलीलीटर से अधिक हो जाती है, जिसे हैवी मेंस्ट्रुअल ब्लीडिंग कहा जाता है। अत्यधिक रक्तस्राव से शरीर में आयरन तेजी से घटता है, क्योंकि खून में आयरन की मात्रा अधिक होती है।

आयरन की कमी से एनीमिया हो सकता है, जिसके लक्षणों में थकान, कमजोरी, सांस फूलना, चक्कर आना, बाल झड़ना और चेहरे का पीला पड़ना शामिल हैं।

नेशनल हेल्थ मिशन के अनुसार, पीरियड्स के दौरान अधिक रक्तस्राव होने पर महिलाओं को विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। इसके लिए सबसे महत्वपूर्ण है आयरन-फोलिक एसिड टैबलेट का नियमित सेवन। ये टैबलेट डॉक्टर की सलाह पर ली जाती हैं और खून में आयरन की मात्रा को बढ़ाने में मदद करती हैं। इसके साथ ही, आयरन से भरपूर आहार का सेवन भी अनिवार्य है, जिसमें पालक, चुकंदर, अनार, गुड़, दालें, राजमा, चना और सूखे मेवे जैसे किशमिश, खजूर और बादाम शामिल हैं।

साथ ही, विटामिन सी आयरन को शरीर में बेहतर अवशोषित करने में सहायक होता है, इसलिए पीरियड्स के दौरान नींबू, संतरा, आंवला, कीवी, स्ट्रॉबेरी, अमरूद और टमाटर जैसे विटामिन सी से भरपूर फल खाने चाहिए। इन फलों का सेवन भोजन के साथ या बीच-बीच में करने से आयरन का अवशोषण बढ़ता है।

महिलाओं को सलाह दी जाती है कि यदि पीरियड्स में रक्तस्राव अत्यधिक हो या थकान बहुत अधिक महसूस हो तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। समय पर उपचार और उचित पोषण से एनीमिया को रोका जा सकता है।

Point of View

यह स्पष्ट है कि पीरियड्स की प्रक्रिया महिलाओं के स्वास्थ्य पर गहरा प्रभाव डालती है। आयरन की कमी से बचने के लिए सही जानकारी और पोषण महत्वपूर्ण हैं।
NationPress
19/03/2026

Frequently Asked Questions

पीरियड्स के दौरान आयरन की कमी कैसे होती है?
अत्यधिक रक्तस्राव के कारण शरीर में आयरन की कमी हो जाती है, जिससे थकान और कमजोरी बढ़ती है।
आयरन की कमी के लक्षण क्या हैं?
लक्षणों में थकान, सांस फूलना, चक्कर आना, और बालों का झड़ना शामिल हैं।
आयरन की कमी को कैसे पूरा किया जा सकता है?
आयरन-फोलिक एसिड टैबलेट और आयरन से भरपूर आहार का सेवन करके इसे पूरा किया जा सकता है।
क्या विटामिन सी आयरन के अवशोषण में मदद करता है?
जी हाँ, विटामिन सी आयरन के अवशोषण को बढ़ाता है।
यदि रक्तस्राव अधिक हो तो क्या करना चाहिए?
यदि रक्तस्राव अधिक हो, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
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