15 सितंबर 2026
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दिशा सालियन केस: सीबीआई एफआईआर के बाद BJP विधायक राम कदम का उद्धव ठाकरे पर हमला, जांच में देरी पर उठाए सवाल

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दिशा सालियन केस: सीबीआई एफआईआर के बाद BJP विधायक राम कदम का उद्धव ठाकरे पर हमला, जांच में देरी पर उठाए सवाल

सारांश

दिशा सालियन मामले में CBI की एफआईआर दर्ज होते ही महाराष्ट्र की राजनीति तेज हो गई। BJP विधायक राम कदम ने उद्धव ठाकरे पर सीधा हमला बोला — सवाल यह है कि जब पिता बरसों न्याय माँगते रहे, तब उस सरकार ने आँखें क्यों मूँद लीं?

मुख्य बातें

BJP विधायक राम कदम ने 15 सितंबर 2026 को दिशा सालियन केस में CBI एफआईआर के बाद पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे पर सवाल उठाए।
दिशा सालियन के पिता ने हत्या, मारपीट और गैंगरेप की आशंका जताई थी, लेकिन तत्कालीन सरकार ने कथित तौर पर कार्रवाई नहीं की।
कदम ने स्टिंग ऑपरेशन का हवाला देकर दावा किया कि पोस्टमार्टम में शरीर पर चोट और खरोंच के निशान पाए गए थे।
CBI की एफआईआर में आदित्य ठाकरे समेत अन्य लोगों के नाम शामिल होने की बात सामने आई है।
कदम ने NCP (SP) सांसद सुप्रिया सुले पर पलटवार करते हुए कहा कि एफआईआर न्यायालय के निर्देश पर दर्ज हुई है।
कदम ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का बचाव करते हुए कहा कि मराठा समुदाय की अधिकांश मांगें पूरी की जा चुकी हैं।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) विधायक राम कदम ने 15 सितंबर 2026 को दिशा सालियन मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) द्वारा एफआईआर दर्ज किए जाने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे पर तीखा हमला बोला। कदम ने सवाल किया कि जब दिशा के पिता बार-बार न्याय की गुहार लगाते रहे, तब उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली तत्कालीन सरकार ने इस मामले में ठोस कार्रवाई क्यों नहीं की।

मुख्य आरोप और घटनाक्रम

राम कदम ने कहा कि दिशा सालियन के पिता ने आरोप लगाया था कि उनकी बेटी की हत्या की गई और मृत्यु से पूर्व उसके साथ मारपीट व ज्यादती की गई। पिता ने गैंगरेप की आशंका भी जाहिर की थी। बावजूद इसके, कदम के अनुसार, तत्कालीन सरकार ने इन गंभीर आरोपों पर कोई संज्ञान नहीं लिया और न ही जांच सीबीआई को सौंपी गई।

कदम ने एक स्टिंग ऑपरेशन का हवाला देते हुए दावा किया कि पोस्टमार्टम के दौरान मौजूद एक व्यक्ति ने दिशा के शरीर पर अलग-अलग चोट और खरोंच के निशान होने की बात कही थी। उन्होंने कहा कि इन तथ्यों के मद्देनज़र मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच होनी चाहिए थी।

राजनीतिक संलिप्तता पर सवाल

राम कदम ने यह भी पूछा कि यदि मामले में किसी राजनेता, अभिनेता या अधिकारी की संलिप्तता नहीं थी, तो तत्कालीन उद्धव सरकार को सीबीआई जांच कराने में संकोच क्यों हुआ। उन्होंने कहा कि अब सीबीआई की एफआईआर में आदित्य ठाकरे समेत अन्य लोगों के नाम सामने आने के बाद मामले को लेकर नए सवाल उठ रहे हैं।

गौरतलब है कि यह मामला वर्षों से राजनीतिक रूप से संवेदनशील रहा है। दिशा सालियन की मृत्यु जून 2020 में हुई थी और तब से उनके पिता लगातार सीबीआई जांच की मांग करते आ रहे थे।

सुप्रिया सुले पर पलटवार

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) की सांसद सुप्रिया सुले के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए राम कदम ने पूछा कि क्या वह न्यायपालिका से ऊपर हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि मौजूदा एफआईआर न्यायालय के निर्देश पर दर्ज की गई है और न्यायिक आदेश का पालन करना सभी के लिए अनिवार्य है। कदम ने कहा कि जांच पूरी होने के बाद ही मामले की वास्तविक स्थिति सामने आएगी।

मराठा आरक्षण पर फडणवीस का बचाव

राम कदम ने मराठा आरक्षण के मुद्दे पर भी बात की और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का बचाव किया। उन्होंने कहा कि फडणवीस सरकार ने मराठा समुदाय की लगभग सभी मांगें पूरी की हैं। कुछ मांगों पर चर्चा जारी है, जबकि कुछ ऐसी भी हैं जिन्हें स्वीकार करने के बावजूद अदालत में कानूनी चुनौती का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि सरकार झूठे वादे करने या जनता को गुमराह करने में विश्वास नहीं रखती।

आगे क्या होगा

सीबीआई की एफआईआर दर्ज होने के बाद अब यह मामला कानूनी और राजनीतिक दोनों मोर्चों पर गर्माता दिख रहा है। जांच एजेंसी की जांच किस दिशा में आगे बढ़ती है, यह देखना अहम होगा। यह ऐसे समय में आया है जब महाराष्ट्र की राजनीति पहले से ही कई मोर्चों पर उठापटक के दौर से गुजर रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि क्या CBI की जांच उन तथ्यों तक पहुँचेगी जो अब तक अनुत्तरित हैं — या यह भी राजनीतिक शोर में दब जाएगी। आदित्य ठाकरे का नाम एफआईआर में होना अभी कथित तौर पर सामने आया है; जब तक आरोप सिद्ध न हों, न्यायिक प्रक्रिया को राजनीतिक बहस से अलग रखा जाना ज़रूरी है। मुख्यधारा की कवरेज जो चूक रही है, वह यह है कि पीड़ित परिवार की आवाज़ — जो वर्षों से उठती रही — अब तक कितनी उपेक्षित रही।
RashtraPress
15 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दिशा सालियन केस में CBI ने एफआईआर क्यों दर्ज की?
रिपोर्टों के अनुसार, न्यायालय के निर्देश के बाद CBI ने इस मामले में एफआईआर दर्ज की है। दिशा सालियन की मृत्यु जून 2020 में हुई थी और उनके पिता तब से लगातार CBI जांच की मांग कर रहे थे।
BJP विधायक राम कदम ने उद्धव ठाकरे पर क्या आरोप लगाए?
राम कदम ने आरोप लगाया कि उद्धव ठाकरे सरकार के कार्यकाल में दिशा के पिता की शिकायतों — जिनमें हत्या, मारपीट और गैंगरेप की आशंका शामिल थी — पर कोई उचित कार्रवाई नहीं की गई और जांच CBI को नहीं सौंपी गई।
CBI की एफआईआर में किन लोगों के नाम शामिल हैं?
कथित तौर पर CBI की एफआईआर में आदित्य ठाकरे समेत अन्य लोगों के नाम सामने आए हैं। हालाँकि, आरोप अभी जांच के दायरे में हैं और न्यायिक प्रक्रिया जारी है।
सुप्रिया सुले के बयान पर राम कदम ने क्या कहा?
राम कदम ने NCP (शरद पवार गुट) की सांसद सुप्रिया सुले पर पलटवार करते हुए पूछा कि क्या वह न्यायपालिका से ऊपर हैं। उन्होंने कहा कि एफआईआर अदालत के निर्देश पर दर्ज हुई है और न्यायिक आदेश का पालन अनिवार्य है।
मराठा आरक्षण पर राम कदम का क्या कहना है?
राम कदम ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का बचाव करते हुए कहा कि सरकार ने मराठा समुदाय की लगभग सभी मांगें पूरी की हैं। कुछ मांगें ऐसी हैं जिन पर अभी चर्चा जारी है और कुछ को स्वीकार करने के बावजूद अदालत में कानूनी चुनौती का सामना करना पड़ सकता है।
राष्ट्र प्रेस
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