दिशा सालियान मौत मामले में सीबीआई की एफआईआर, पिता के बयान में उद्धव-आदित्य ठाकरे समेत कई नाम
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने सोमवार, 14 सितंबर 2026 को दिवंगत अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की पूर्व मैनेजर दिशा सालियान की मौत के मामले में औपचारिक रूप से एफआईआर दर्ज कर ली। यह कार्रवाई बॉम्बे हाईकोर्ट के सीधे निर्देश के बाद हुई है। दिशा की मौत जून 2020 में मुंबई में हुई थी — और उनकी मृत्यु के कुछ ही दिनों बाद सुशांत सिंह राजपूत भी चल बसे थे, जिससे दोनों घटनाओं की समयसीमा को लेकर वर्षों से सवाल उठते रहे हैं।
पिता का बयान और एफआईआर का आधार
एफआईआर दर्ज होने से दो दिन पहले दिशा के पिता सतीश सालियान ने सीबीआई के सामने अपना बयान दर्ज कराया। उनके बयान के अनुसार, उनकी बेटी की मौत के मामले में कथित साजिश रची गई और बाद में मामले को दबाने की कोशिश की गई। सतीश सालियान ने आपराधिक षड्यंत्र, मौत को आत्महत्या बताने वाली कथित झूठी कहानी गढ़ने और फैलाने, तथा सबूतों को दबाने, नष्ट करने या उनसे कथित तौर पर छेड़छाड़ करने जैसे गंभीर आरोपों की जांच की मांग की है।
उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे, शिवसेना (यूबीटी) नेता आदित्य ठाकरे और अन्य कई लोगों की भूमिका की स्वतंत्र जांच की मांग की है। गौरतलब है कि ये आरोप अभी तक कथित हैं और जांच प्रक्रिया के अधीन हैं।
बयान में जिन नामों का उल्लेख
सतीश सालियान के बयान में जिन व्यक्तियों का जिक्र किया गया है, उनमें आदित्य ठाकरे, रोहन रॉय, डिनो मोरिया, सूरज पंचोली, आदित्य ठाकरे के कथित बॉडीगार्ड्स, रिया चक्रवर्ती, शोविक चक्रवर्ती, सचिन वाजे, परमबीर सिंह, डीसीपी विशाल ठाकुर, उद्धव ठाकरे और पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख समेत कई पुलिस अधिकारी शामिल हैं।
इसके अतिरिक्त, मालवणी पुलिस स्टेशन के अधिकारी, दिशा के पोस्टमार्टम में कथित देरी से जुड़े डॉक्टर एवं स्टाफ, कलिना स्थित फॉरेंसिक साइंस लैबोरेटरी के कर्मचारी और रीजेंट गैलेक्सी बिल्डिंग के सिक्योरिटी गार्ड्स का भी बयान में उल्लेख है। यह ध्यान देना आवश्यक है कि बयान में नाम लिए जाने का अर्थ दोषसिद्धि नहीं है — जांच अभी प्रारंभिक चरण में है।
बॉम्बे हाईकोर्ट का आदेश और सीबीआई की तैयारी
बॉम्बे हाईकोर्ट ने इस मामले में नए सिरे से जांच के लिए सीबीआई को निर्देश दिए थे। कोर्ट ने यह भी कहा कि जांच की निगरानी के लिए सीबीआई के एक वरिष्ठ अधिकारी को नियुक्त किया जाए। इससे पहले सीबीआई ने दिशा सालियान की मौत से जुड़े सभी दस्तावेज और रिकॉर्ड उपलब्ध कराने के लिए मालवणी पुलिस को पत्र लिखा था।
यह ऐसे समय में आया है जब यह मामला छह साल से अधिक समय से सार्वजनिक बहस का हिस्सा रहा है। सीबीआई की एफआईआर इसे अब एक औपचारिक आपराधिक जांच के दायरे में ला देती है।
मामले की पृष्ठभूमि
दिशा सालियान की मृत्यु जून 2020 में मुंबई में हुई थी। इसके कुछ ही दिनों बाद 14 जून 2020 को अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत अपने मुंबई आवास पर मृत पाए गए थे। दोनों मौतों की निकटता ने सोशल मीडिया से लेकर संसद तक बहस छेड़ दी थी। सुशांत की मौत की जांच भी सीबीआई कर रही है। दिशा के मामले में एफआईआर दर्ज होना जांच की दिशा में एक नया और महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
आगे क्या होगा
सीबीआई द्वारा एफआईआर दर्ज किए जाने के बाद अब एजेंसी औपचारिक रूप से गवाहों को तलब करने, दस्तावेज जब्त करने और आरोपित व्यक्तियों से पूछताछ करने में सक्षम होगी। बॉम्बे हाईकोर्ट की निगरानी में यह जांच आगे बढ़ेगी। कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, इस मामले में आने वाले हफ्तों में नई गिरफ्तारियाँ या समन जारी हो सकते हैं।