दिशा सालियान मौत मामला: पिता सतीश का दावा — आदित्य ठाकरे, सचिन वाजे समेत 6 नामों के खिलाफ पुख्ता सबूत
सारांश
मुख्य बातें
दिशा सालियान मौत मामले में केंद्रीय जाँच ब्यूरो (CBI) द्वारा एफआईआर दर्ज किए जाने के बाद यह मामला एक नए और अहम मोड़ पर आ गया है। दिशा के पिता सतीश सालियान ने दावा किया है कि उनके पास आदित्य ठाकरे, सूरज पंचोली, डीनो मोरिया, सचिन वाजे, परमबीर सिंह और रिया चक्रवर्ती के विरुद्ध ठोस सबूत मौजूद हैं। ये सभी नाम उन्होंने CBI के समक्ष दिए गए अपने बयान में लिए हैं।
वकील के गंभीर आरोप
दिशा सालियान परिवार के वकील निलेश ओझा ने आरोप लगाया कि दिशा के साथ कथित तौर पर सामूहिक बलात्कार किया गया और बाद में उनकी हत्या की गई। ओझा के अनुसार, दिशा के पास आदित्य ठाकरे के कथित गिरोह की ड्रग्स तस्करी और बाल तस्करी से जुड़े विस्तृत सबूत थे, जो उन्होंने अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत को सौंप दिए थे।
ओझा ने यह भी आरोप लगाया कि सुशांत इन सबूतों के आधार पर प्रेस कॉन्फ्रेंस करने की तैयारी में थे। उन्होंने यह जानकारी रिया चक्रवर्ती को दी, इस बात से अनजान कि रिया कथित तौर पर आदित्य ठाकरे और डीनो मोरिया की व्यावसायिक सहयोगी थी।
मोबाइल फोन और डेटा का मामला
वकील ओझा ने दावा किया कि 9 जून 2020 को दिशा का मोबाइल फोन सचिन वाजे, आदित्य ठाकरे और अन्य आरोपियों ने अपने कब्जे में ले लिया और 17 जून 2020 तक उसे ऑपरेट करते रहे। इस अवधि में कथित तौर पर फोन से डेटा निकाला गया ताकि दिशा के संपर्कों, संभावित गवाहों और उनकी जानकारी रखने वालों की पहचान की जा सके। 17 जून के बाद फोन को आधिकारिक तौर पर 'जब्त' दिखाया गया, ओझा ने आरोप लगाया।
पिता का सीबीआई के समक्ष बयान
जब सतीश सालियान से पूछा गया कि क्या उनके पास CBI के सामने लिए गए नामों के विरुद्ध ठोस सबूत हैं, तो उन्होंने कहा, 'हाँ, उन लोगों के खिलाफ मेरे पास पुख्ता सबूत हैं।' उन्होंने पुष्टि की कि उन्होंने CBI को आदित्य ठाकरे और उनके बॉडीगार्ड, सूरज पंचोली, डीनो मोरिया, सचिन वाजे, परमबीर सिंह और कथित कवर-अप में रिया चक्रवर्ती के नाम दिए हैं।
सुशांत सिंह राजपूत की मौत से संबंध का दावा
दिशा और सुशांत की मौत के बीच संभावित संबंध पर सतीश सालियान ने कहा, 'हाँ, संबंध है। दिशा की मौत के बाद सुशांत सिंह राजपूत प्रेस कॉन्फ्रेंस करने की योजना बना रहे थे और इस दौरान वे कहते थे कि अब वे मुझे भी मार देंगे।' यह बयान दोनों मौतों को लेकर गहरे सवाल खड़े करता है।
गौरतलब है कि यह मामला जून 2020 में दिशा सालियान की मुंबई में मौत के बाद से विवादों में रहा है और CBI की एफआईआर ने इसे फिर से राष्ट्रीय सुर्खियों में ला दिया है। आगे की जाँच में CBI सबूतों की प्रामाणिकता और आरोपों की सत्यता जाँचेगी।