16 सितंबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

वारिस पठान बोले — दिशा सालियान केस को राजनीतिक रंग न दें, यूसीसी संविधान के खिलाफ

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
वारिस पठान बोले — दिशा सालियान केस को राजनीतिक रंग न दें, यूसीसी संविधान के खिलाफ

सारांश

AIMIM प्रवक्ता वारिस पठान ने दिशा सालियान मामले में राजनीति से परहेज और सीबीआई जांच पर भरोसे की अपील की। साथ ही यूसीसी को संविधान विरोधी, यूपीआई शुल्क को आम जनता पर बोझ और पाकिस्तान की मसूद अजहर पर इनाम घोषणा को दिखावा बताया।

मुख्य बातें

AIMIM प्रवक्ता वारिस पठान ने 15 सितंबर 2026 को मुंबई में कई राष्ट्रीय मुद्दों पर प्रतिक्रिया दी।
दिशा सालियान केस में सीबीआई जांच का स्वागत करते हुए मीडिया ट्रायल और राजनीतिकरण से बचने की अपील की।
यूसीसी को संविधान प्रदत्त अधिकारों के विरुद्ध बताया; AIMIM के विरोध को दोहराया।
राजस्थान निकाय चुनाव में AIMIM के 2 उम्मीदवार जीते; RLP के साथ गठबंधन में मिली सफलता।
₹2,000 से अधिक यूपीआई लेनदेन पर प्रस्तावित शुल्क को आम जनता पर अतिरिक्त बोझ बताया।
पाकिस्तान द्वारा मसूद अजहर पर इनाम की घोषणा को 'महज दिखावा' करार दिया; आतंकवाद के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की माँग की।

ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के राष्ट्रीय प्रवक्ता वारिस पठान ने 15 सितंबर 2026 को मुंबई में कई राष्ट्रीय मुद्दों पर खुलकर अपना पक्ष रखा। उन्होंने दिशा सालियान मामले में सीबीआई की एफआईआर को लेकर मीडिया ट्रायल और अटकलों से बचने की अपील की, तथा समान नागरिक संहिता (यूसीसी) को संविधान प्रदत्त अधिकारों के विरुद्ध बताया। इसके अलावा उन्होंने मराठा आरक्षण, यूपीआई शुल्क विवाद, राजस्थान निकाय चुनाव और पाकिस्तान की आतंकवाद नीति पर भी अपनी राय साझा की।

दिशा सालियान मामला: जांच पर भरोसा, राजनीति से परहेज की अपील

वारिस पठान ने कहा कि दिशा सालियान के पिता सतीश सालियान पिछले छह वर्षों से न्याय की लड़ाई लड़ रहे हैं और शुरुआत से ही उनका दावा रहा है कि उनकी बेटी की मौत आत्महत्या नहीं थी। हाईकोर्ट के आदेश के बाद सीबीआई ने जांच शुरू की है और पिता का बयान दर्ज किया है। पठान ने कहा कि शिकायत में जिन लोगों के नाम हैं, उनकी भूमिका की जांच एजेंसी करेगी और कानून के मुताबिक कार्रवाई होगी।

उन्होंने यह भी कहा कि सीबीआई को यह भी खंगालना होगा कि पूर्व में क्लोजर रिपोर्ट किस आधार पर दाखिल की गई थी और किन साक्ष्यों को तब नजरअंदाज किया गया था। उनके अनुसार, जब सीबीआई अपनी रिपोर्ट या चार्जशीट अदालत में रखेगी, तब ही तस्वीर साफ होगी। पठान ने मीडिया ट्रायल से बचने और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने पर जोर दिया।

समान नागरिक संहिता पर कड़ा विरोध

पठान ने यूसीसी को भारत के संविधान के तहत दिए गए अधिकारों के लिए खतरा बताया। उन्होंने कहा कि भारत की पहचान उसकी विविधता और बहुलतावादी संस्कृति से है और अलग-अलग धर्मों, रीति-रिवाजों वाले समाज को एक ही कानूनी ढाँचे में नहीं बांधा जा सकता। उनके अनुसार, प्रस्तावित व्यवस्था के जरिए मुस्लिम समुदाय पर एक विशेष धार्मिक कानून थोपने की कोशिश की जा रही है।

पठान ने अलग-अलग राज्यों में प्रचलित कानूनों और प्रथाओं का उदाहरण देते हुए यूसीसी की तथाकथित 'यूनिफॉर्मिटी' पर सवाल उठाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि AIMIM आगे भी यूसीसी का विरोध जारी रखेगी और कानून बनाते समय सभी समुदायों के संवैधानिक अधिकारों का ध्यान रखा जाना चाहिए।

मराठा आरक्षण और मुस्लिम पिछड़े वर्गों की मांग

मराठा आरक्षण आंदोलन के नेता मनोज जरांगे पाटिल द्वारा मुंबई मार्च की तारीख घोषित किए जाने पर पठान ने कहा कि AIMIM ने हमेशा मराठा आरक्षण का समर्थन किया है। उनके अनुसार, मराठा समाज के साथ-साथ धनगर समाज और मुस्लिम समाज के सामाजिक एवं आर्थिक रूप से पिछड़े वर्गों को भी आरक्षण का लाभ मिलना चाहिए। उन्होंने सच्चर कमेटी और अन्य रिपोर्टों का हवाला देते हुए मुस्लिम पिछड़े वर्गों के लिए आरक्षण की मांग दोहराई।

यूपीआई शुल्क, पाकिस्तान और अन्य मुद्दे

₹2,000 से अधिक के यूपीआई लेनदेन पर शुल्क की प्रस्तावित व्यवस्था पर पठान ने सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जब लोग डिजिटल भुगतान पर निर्भर हो चुके हैं, तब शुल्क लगाना आम जनता पर अतिरिक्त बोझ डालेगा और इससे सरकार पर लोगों का भरोसा प्रभावित हो सकता है।

जैश-ए-मोहम्मद प्रमुख मसूद अजहर पर पाकिस्तान द्वारा इनाम घोषित किए जाने को पठान ने महज दिखावा बताया। उन्होंने पुलवामा, 26/11 और पहलगाम जैसे आतंकवादी हमलों का उल्लेख करते हुए पाकिस्तान पर आतंकवाद को बढ़ावा देने का आरोप लगाया और सख्त कार्रवाई की मांग की।

राजस्थान निकाय चुनाव में AIMIM के दो उम्मीदवारों की जीत पर पठान ने इसे पार्टी के लिए बड़ी उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) नेता हनुमान बेनीवाल की पार्टी के साथ गठबंधन में यह सफलता मिली और उत्तर प्रदेश में भी आने वाले समय में बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद है। पश्चिम बंगाल में एक महिला आईएएस अधिकारी के तबादले के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि 'अस्सलाम वालेकुम' और 'इंशाअल्लाह' जैसे शब्द सांस्कृतिक अभिव्यक्तियाँ हैं और इन पर आपत्ति 'नफरत की राजनीति' है। संविधान प्रत्येक नागरिक को अपने धर्म का पालन करने की स्वतंत्रता देता है।

यह ऐसे समय में आया है जब देश में यूसीसी, आरक्षण और धार्मिक अभिव्यक्ति से जुड़े मुद्दे तेजी से राजनीतिक विमर्श के केंद्र में हैं। आने वाले दिनों में AIMIM का रुख इन मुद्दों पर और स्पष्ट होने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यूसीसी पर पार्टी का स्पष्ट विरोध और मुस्लिम पिछड़े वर्गों के लिए आरक्षण की मांग बताती है कि AIMIM का एजेंडा अपने मतदाता आधार को लामबंद करने का है। यूपीआई शुल्क जैसे आर्थिक मुद्दों पर पार्टी का हस्तक्षेप उसकी कोशिश को दर्शाता है कि वह सिर्फ धार्मिक पहचान की पार्टी की छवि से आगे निकले — लेकिन मुख्यधारा की कवरेज इस व्यापक राजनीतिक रणनीति को अक्सर नज़रअंदाज करती है।
RashtraPress
16 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

वारिस पठान ने दिशा सालियान मामले में क्या कहा?
वारिस पठान ने दिशा सालियान मामले को राजनीतिक मुद्दा बनाने से परहेज करने की अपील की और कहा कि सीबीआई जांच के बाद ही सच्चाई सामने आएगी। उन्होंने मीडिया ट्रायल से बचने और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने पर जोर दिया।
AIMIM यूसीसी का विरोध क्यों करती है?
AIMIM का कहना है कि यूसीसी भारत की बहुलतावादी संस्कृति और संविधान प्रदत्त अधिकारों के खिलाफ है। वारिस पठान के अनुसार, अलग-अलग धर्मों और रीति-रिवाजों वाले समाज को एक ही कानूनी ढाँचे में नहीं बांधा जा सकता।
राजस्थान निकाय चुनाव में AIMIM का प्रदर्शन कैसा रहा?
राजस्थान निकाय चुनाव में AIMIM के दो उम्मीदवार जीते, जिसे पार्टी ने बड़ी उपलब्धि बताया। यह जीत RLP नेता हनुमान बेनीवाल की पार्टी के साथ गठबंधन में हासिल हुई।
यूपीआई शुल्क विवाद पर वारिस पठान का क्या रुख है?
पठान ने कहा कि सरकार ने पहले लोगों को डिजिटल भुगतान का आदी बनाया और अब ₹2,000 से अधिक के लेनदेन पर शुल्क लगाने की चर्चा आम जनता पर अतिरिक्त बोझ डालेगी। उनके अनुसार ऐसी नीतियाँ सरकार पर लोगों के भरोसे को प्रभावित कर सकती हैं।
मसूद अजहर पर पाकिस्तान की इनाम घोषणा को लेकर पठान ने क्या कहा?
वारिस पठान ने पाकिस्तान द्वारा मसूद अजहर पर इनाम की घोषणा को महज दिखावा करार दिया। उन्होंने पुलवामा, 26/11 और पहलगाम जैसे आतंकवादी हमलों का उल्लेख करते हुए पाकिस्तान पर आतंकवाद को बढ़ावा देने का आरोप लगाया और सख्त कार्रवाई की माँग की।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 35 मिनट पहले
  2. 6 घंटे पहले
  3. 7 घंटे पहले
  4. 1 सप्ताह पहले
  5. 1 सप्ताह पहले
  6. 1 सप्ताह पहले
  7. 1 सप्ताह पहले
  8. 2 सप्ताह पहले