पीयूष गोयल और ग्रीस के उप विदेश मंत्री के बीच व्यापारिक संबंधों पर चर्चा
सारांश
Key Takeaways
- पीयूष गोयल और हैरी थियोहारिस के बीच व्यापारिक सहयोग पर चर्चा।
- भारत-ग्रीस के बीच रणनीतिक साझेदारी की समीक्षा।
- भारत-मध्य पूर्व-यूरोप आर्थिक गलियारा (आईएमईसी) पर जोर।
नई दिल्ली, 20 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल और ग्रीस के उप विदेश मंत्री हैरी थियोहारिस ने शुक्रवार को व्यापार, निवेश, पर्यटन और समुद्री कनेक्टिविटी जैसे क्षेत्रों में सहयोग को बढ़ाने के लिए विभिन्न तरीकों पर चर्चा की।
यह बैठक केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने वर्चुअल माध्यम से आयोजित की और उन्होंने इसकी जानकारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा की।
उन्होंने कहा कि भारत ग्रीस के साथ अपने बढ़ते संबंधों को अत्यधिक महत्व देता है और इस साझेदारी को आगे बढ़ाने की इच्छा व्यक्त की।
इससे पहले, फरवरी में, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ग्रीस के प्रधानमंत्री किरियाकोस मित्सोताकीस के बीच राष्ट्रीय राजधानी में आयोजित एआई इम्पैक्ट समिट 2026 के दौरान मुलाकात हुई थी।
इस बैठक में दोनों नेताओं ने भारत-ग्रीस की रणनीतिक साझेदारी के कई पहलुओं की समीक्षा की, जिसमें व्यापार, रक्षा, सुरक्षा, पर्यटन, संस्कृति और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) जैसी नई तकनीकों में सहयोग शामिल है।
विदेश मंत्रालय के अनुसार, दोनों देशों ने विशेष रूप से भारत-मध्य पूर्व-यूरोप आर्थिक गलियारा (आईएमईसी) के माध्यम से कनेक्टिविटी को बढ़ाने पर जोर दिया। इसके अलावा, भारत-यूरोप मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) को जल्द लागू करने की उम्मीद जताई गई, जिससे दोनों देशों की अर्थव्यवस्था को लाभ होगा और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
आईएमईसी कॉरिडोर दो हिस्सों में विकसित होगा। एक, पूर्वी कॉरिडोर, जो भारत को खाड़ी देशों से जोड़ेगा, और दूसरा, उत्तरी कॉरिडोर, जो खाड़ी क्षेत्र को यूरोप से जोड़ेगा।
इस कॉरिडोर का उद्देश्य कनेक्टिविटी को बढ़ाना, लागत को कम करना, सप्लाई चेन को सुरक्षित करना और व्यापार को सरल बनाना है। इसके माध्यम से एशिया, यूरोप और मिडिल ईस्ट के बीच बेहतर आर्थिक जुड़ाव होगा और नए रोजगार के अवसर उत्पन्न होंगे।