17 जुलाई 2026
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मणिपुर के नए डीजीपी मुकेश सिंह ने संभाला कार्यभार, निष्पक्ष और जन-केंद्रित पुलिसिंग पर दिया जोर

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मणिपुर के नए डीजीपी मुकेश सिंह ने संभाला कार्यभार, निष्पक्ष और जन-केंद्रित पुलिसिंग पर दिया जोर

सारांश

मणिपुर में शांति बहाली के बीच एजीएमयूटी कैडर के आईपीएस अधिकारी मुकेश सिंह ने डीजीपी का कार्यभार संभाला। उन्होंने निष्पक्ष पुलिसिंग और एजेंसियों के बीच समन्वय को प्राथमिकता बताया — राज्य के लिए एक अहम नेतृत्व बदलाव।

मुख्य बातें

मुकेश सिंह ने 2 जून 2026 को मणिपुर के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) के रूप में कार्यभार संभाला।
वे एजीएमयूटी कैडर के आईपीएस अधिकारी हैं और इससे पहले लद्दाख के डीजीपी थे — यह पद उन्होंने 15 जनवरी 2026 को ग्रहण किया था।
उन्होंने संविधान के पालन , सुरक्षा एजेंसियों के बीच समन्वय , व्यावसायिकता और निष्पक्ष पुलिसिंग को मुख्य प्राथमिकताएँ बताया।
पूर्व डीजीपी राजीव सिंह ( त्रिपुरा कैडर, 1993 बैच ) को 21 मई को कैबिनेट सचिवालय में सचिव (सुरक्षा) नियुक्त किया गया।
यह बदलाव मणिपुर में शांति और सामान्य स्थिति बहाल करने के प्रयासों के बीच हुआ है।

वरिष्ठ भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) अधिकारी मुकेश सिंह ने 2 जून 2026 को मणिपुर के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) के रूप में औपचारिक रूप से कार्यभार संभाल लिया। उन्होंने सुरक्षा एजेंसियों के बीच समन्वय को प्राथमिकता देने और जनसेवा में निष्पक्षता व व्यावसायिकता बनाए रखने का संकल्प व्यक्त किया। यह नेतृत्व परिवर्तन ऐसे समय में हुआ है जब राज्य में शांति और सामान्य स्थिति बहाल करने के प्रयास जारी हैं।

कार्यभार ग्रहण और स्वागत समारोह

इंफाल स्थित मंत्रीपुखरी पुलिस मुख्यालय (पीएचक्यू) पहुँचने पर मुकेश सिंह को मणिपुर पुलिस कर्मियों द्वारा गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। औपचारिक स्वागत समारोह के बाद उन्होंने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ एक संक्षिप्त परिचयात्मक बैठक की, जिसमें पुलिसिंग की मुख्य प्राथमिकताओं पर चर्चा की गई।

मुख्य प्राथमिकताएँ और संदेश

अधिकारियों को संबोधित करते हुए डीजीपी मुकेश सिंह ने चार बिंदुओं पर विशेष बल दिया — भारत के संविधान और कानून के शासन का पालन, सहयोगी सुरक्षा एजेंसियों के साथ प्रभावी समन्वय, पुलिस कर्मियों में व्यावसायिकता की संस्कृति, तथा जनता के प्रति कर्तव्य-निर्वहन में निष्पक्षता और पूर्वाग्रह-मुक्त दृष्टिकोण। एक अधिकारी के अनुसार, उन्होंने स्पष्ट किया कि सुरक्षा बलों के बीच तालमेल और निष्पक्ष पुलिसिंग मिलकर राज्य में जनता का विश्वास बहाल करने की बुनियाद बनेंगे।

मुकेश सिंह की पृष्ठभूमि

एजीएमयूटी (अरुणाचल प्रदेश-गोवा-मिजोरम और केंद्र शासित प्रदेश) कैडर के आईपीएस अधिकारी मुकेश सिंह मणिपुर तबादले से पूर्व लद्दाख के पुलिस महानिदेशक के पद पर कार्यरत थे, जो उन्होंने 15 जनवरी 2026 को ग्रहण किया था। उन्होंने पूर्व डीजीपी राजीव सिंह का स्थान लिया है।

पूर्व डीजीपी राजीव सिंह की नई भूमिका

त्रिपुरा कैडर के 1993 बैच के आईपीएस अधिकारी राजीव सिंह को 21 मई को कैबिनेट सचिवालय में सचिव (सुरक्षा) नियुक्त किया गया। मणिपुर डीजीपी बनने से पहले वे त्रिपुरा में अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक और नई दिल्ली स्थित केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) मुख्यालय में महानिरीक्षक (संचालन) रह चुके हैं।

आगे की राह

मणिपुर में जारी तनाव और सामान्य स्थिति बहाली की चुनौतियों के बीच यह नेतृत्व परिवर्तन राज्य पुलिस बल के लिए एक नई दिशा का संकेत है। नए डीजीपी के सामने सुरक्षा एजेंसियों के बीच समन्वय को व्यावहारिक धरातल पर उतारने और आम नागरिकों का भरोसा जीतने की दोहरी जिम्मेदारी होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली कसौटी यह होगी कि क्या ये शब्द ज़मीनी कार्रवाई में तब्दील होते हैं। गौरतलब है कि पिछले दो वर्षों में मणिपुर पुलिस पर समुदाय-विशेष के प्रति पक्षपात के आरोप लगते रहे हैं, जिससे जनता का विश्वास कमज़ोर हुआ है। बिना जवाबदेही तंत्र के 'जन-केंद्रित पुलिसिंग' की बात खोखली रह जाती है।
RashtraPress
17 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मणिपुर के नए डीजीपी मुकेश सिंह कौन हैं?
मुकेश सिंह एजीएमयूटी कैडर के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी हैं, जिन्होंने 2 जून 2026 को मणिपुर के पुलिस महानिदेशक का पदभार संभाला। इससे पहले वे 15 जनवरी 2026 से लद्दाख के पुलिस महानिदेशक के पद पर कार्यरत थे।
मणिपुर के पूर्व डीजीपी राजीव सिंह को कहाँ भेजा गया है?
त्रिपुरा कैडर के 1993 बैच के आईपीएस अधिकारी राजीव सिंह को 21 मई को कैबिनेट सचिवालय में सचिव (सुरक्षा) नियुक्त किया गया है। वे इससे पहले त्रिपुरा में अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक और सीआरपीएफ मुख्यालय में महानिरीक्षक (संचालन) रह चुके हैं।
नए डीजीपी मुकेश सिंह ने मणिपुर पुलिस के लिए क्या प्राथमिकताएँ तय की हैं?
मुकेश सिंह ने संविधान और कानून के शासन का पालन, सुरक्षा एजेंसियों के बीच प्रभावी समन्वय, पुलिस में व्यावसायिकता और जनता के प्रति निष्पक्ष व पूर्वाग्रह-मुक्त व्यवहार को मुख्य प्राथमिकताएँ बताया है।
यह नेतृत्व परिवर्तन मणिपुर के लिए क्यों अहम है?
मणिपुर में जातीय तनाव और सामान्य स्थिति बहाली के प्रयासों के बीच यह बदलाव राज्य पुलिस बल के लिए नई दिशा का संकेत है। नए डीजीपी के सामने सुरक्षा बलों में समन्वय और आम नागरिकों का विश्वास बहाल करने की दोहरी जिम्मेदारी है।
पुलिस मुख्यालय में कार्यभार ग्रहण के दौरान क्या हुआ?
इंफाल के मंत्रीपुखरी स्थित पुलिस मुख्यालय पहुँचने पर मुकेश सिंह को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। इसके बाद उन्होंने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ परिचयात्मक बैठक की, जिसमें पुलिसिंग की प्रमुख प्राथमिकताओं पर चर्चा हुई।
राष्ट्र प्रेस
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